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Moradabad News: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होगा सिम्युलेटर टेस्ट
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मुरादाबाद। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को अब सिम्युलेटर टेस्ट देना होगा। 10 दिनों में सिम्युलेटर टेस्ट शुरू कर दिया जाएगा। सिम्युलेटर टेस्ट चालकों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करेगा।
कांठ रोड स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रतिदिन करीब 130 लोग डीएल टेस्ट के लिए जाते हैं। इसमें 80 प्रतिशत लोग ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा पास करते हैं। इसके लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय उसकी हर गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग होती है। लेकिन अब डीएल के लिए आवेदकों को सिम्युलेटर परीक्षण से गुजरना होगा। इसके लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आवेदक का ड्राइविंग टेस्ट अत्याधुनिक तरीके से किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सिम्युलेटर मशीन लगा दी गई है। सिम्युलेटर टेस्ट एक निजी कंपनी द्वारा लिया जाएगा। 10 दिनों के भीतर टेस्ट शुरू होगा। एआरटीओ हरिओम ने बताया कि सिम्युलेटर परीक्षण से डीएल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसमें नियमों का उल्लंघन करने पर आवेदकों को सिम्युलेटर खुद फेल कर देगा। इसके साथ ही जिसको वाहन चलाना आता है और उसे यातायात के नियमों की जानकारी है वही टेस्ट पास होगा।
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सिम्युलेटर क्या है
-सिम्युलेटर एक वास्तविक कार की प्रतिकृति है। इसमें स्टेयरिंग, व्हील, गियर, ब्रेक, पैडल, संकेतन, स्विच और गति नियंत्रण लगा होता है। सिम्युलेटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर द्वारा संचालित होती है। इसे ड्राइविंग व्यवहार के अध्ययन करने की प्रयोगशाला भी कहते हैं।
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कांठ रोड स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रतिदिन करीब 130 लोग डीएल टेस्ट के लिए जाते हैं। इसमें 80 प्रतिशत लोग ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा पास करते हैं। इसके लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय उसकी हर गतिविधि की वीडियो रिकार्डिंग होती है। लेकिन अब डीएल के लिए आवेदकों को सिम्युलेटर परीक्षण से गुजरना होगा। इसके लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आवेदक का ड्राइविंग टेस्ट अत्याधुनिक तरीके से किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सिम्युलेटर मशीन लगा दी गई है। सिम्युलेटर टेस्ट एक निजी कंपनी द्वारा लिया जाएगा। 10 दिनों के भीतर टेस्ट शुरू होगा। एआरटीओ हरिओम ने बताया कि सिम्युलेटर परीक्षण से डीएल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसमें नियमों का उल्लंघन करने पर आवेदकों को सिम्युलेटर खुद फेल कर देगा। इसके साथ ही जिसको वाहन चलाना आता है और उसे यातायात के नियमों की जानकारी है वही टेस्ट पास होगा।
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सिम्युलेटर क्या है
-सिम्युलेटर एक वास्तविक कार की प्रतिकृति है। इसमें स्टेयरिंग, व्हील, गियर, ब्रेक, पैडल, संकेतन, स्विच और गति नियंत्रण लगा होता है। सिम्युलेटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर द्वारा संचालित होती है। इसे ड्राइविंग व्यवहार के अध्ययन करने की प्रयोगशाला भी कहते हैं।
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