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ब्रजघाट के जर्जर गंगा पुल का एक्सरे, रिपोर्ट डेढ़ माह बाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 11 Jul 2016 06:56 PM IST
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बृजघाट पुल
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नेशनल हाईवे पर फर्राटेदार सफर में बाधक बन रहे ब्रजघाट के जर्जर गंगा पुल के अस्थि-पंजरों की जांच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मुख्यालय की उच्चस्तरीय विशेषज्ञ कमेटी ने एक बार फिर पूरी कर ली है। यह कमेटी स्लैब और पिलर के टुकड़े निकालकर पुल का पूरा एक्सरे करके ले गई है। डेढ़ माह बाद इसकी रिपोर्ट आएगी। इस रिपोर्ट में यह तय होगा कि पुल रिपेयर होकर दोबारा चलने लायक हो सकेगा या जर्जर घोषित करके इसे तोड़कर दूसरा पुल बनाया जाएगा।
नेशनल हाईवे-24 पर ब्रजघाट का बंद पड़ा जर्जर गंगा पुल करीब सौ वर्ष पुराना है। अनुपयोगी घोषित होने के बाद भी इस पर सालों ट्रैफिक दौड़ता रहा। दो साल पहले तीन लेन का दूसरा पुल बनने के बाद इसे जर्जर घोषित करके बंद कर दिया गया। कुछ दिन दोपहिया वाहनों के लिए इसे खोले रखा गया था। लेकिन स्लैब टूटने के कारण दीवार खड़ी करके इसे स्थाई रूप से बंद कर दिया गया। इस पुल के स्थान पर नया पुल बनाया जाना चाहिए।
क्योंकि ब्रजघाट पर स्नान के दिनों में अक्सर एक ही पुल होने के कारण घंटों जाम लगने से नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हो जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस पुल की सौ साल बाद भी मजबूती को देखते हुए इसे ही रिपेयर कराके वाहन दौड़ाना चाहता है। क्योंकि नए पुल में करीब दो अरब के आसपास खर्चा आएगा। इस जर्जर पुल को चलाने योग्य बनाने के लिए दो बार विशेषज्ञ जांच कर अनुपयुक्त घोषित कर चुके हैं। हाईवे पर जाम का कारण बनने की वजह से कई सांसद और उच्चाधिकारियों ने भी इस समस्या को सड़क परिवहन मंत्रालय में उठाया।
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इसके बाद पिछले दिनों प्राधिकारण मुख्यालय से आई उच्चस्तरीय विशेषज्ञों की टीम ने गंगा में नाव के जरिये जर्जर पुल का गहन अध्ययन किया। स्लैब के टुकड़े और पिलर से ईंटें निकालकर देखा। पुल के अस्थि-पंजरों का एक्सरे करने के बाद टीम लौट गई। करीब डेढ़ माह बाद रिपोर्ट आएगी। इसके बाद पता चलेगा पुल दोबारा चलने लायक बनेगा या फिर तोड़कर नया बनाया जाएगा।
कब-कब हो चुकी है पुल की जांच
ब्रजघाट में हाईवे पर नया पुल बनकर नवंबर 2013 में कार्तिक पूर्णिमा से खोल दिया गया था। इससे पूर्व पुराने जर्जर पुल को दोबारा शुरू कराने के लिए जुलाई 2013 में जांच की गई। वर्ष 2015 में भी पुल की जांच की गई। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह पर इसे छोटे वाहनों के लिए भी बंद कर दिया गया था। अब फिर जुलाई में उच्चस्तरीय विशेषज्ञों का दल गहन अध्ययन करके गया है। जिसकी रिपोर्ट डेढ़ माह बाद आना बताया जा रहा है।
गजरौला का फ्लाईओवर भी जल्द पूरा होगा
अमरोहा के डीएफओ भरत लाल ने बताया कि गजरौला के अधूरे पड़े फ्लाईओवर को पूरा करने के लिए रिपोर्ट वन मंत्रालय को भेज दी गई है। कुछ पेड़ कटने हैं। वन मंत्रालय की अनुमति आने के बाद एनएचएआई को अनापत्ति पत्र दे दिया जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण निर्धारित धनराशि जमाकर अपना काम शुरू कर सकता है। गजरौला का अधूरा फ्लाईओवर भी हाईवे पर हादसों का सबब बना हुआ है। इसके बनने से हादसे थमेंगे, वहीं रफ्तार बढ़ने से सफर भी आसान होगा।
बयान
ब्रजघाट के जर्जर गंगा पुल की जांच प्राधिकरण मुख्यालय के विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय कमेटी कर चुकी है। नाव से गंगा में उतरकर पिलर की ईंटों और स्लैब की जांच गहनता से की गई है। डेढ़ माह में रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि पुल दोबारा रिपेयर करके चलने लायक है या फिर तोड़कर इसके स्थान पर दोबारा थ्री-लेन का पुल बनाया जाएगा।
-एमके अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया
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नेशनल हाईवे-24 पर ब्रजघाट का बंद पड़ा जर्जर गंगा पुल करीब सौ वर्ष पुराना है। अनुपयोगी घोषित होने के बाद भी इस पर सालों ट्रैफिक दौड़ता रहा। दो साल पहले तीन लेन का दूसरा पुल बनने के बाद इसे जर्जर घोषित करके बंद कर दिया गया। कुछ दिन दोपहिया वाहनों के लिए इसे खोले रखा गया था। लेकिन स्लैब टूटने के कारण दीवार खड़ी करके इसे स्थाई रूप से बंद कर दिया गया। इस पुल के स्थान पर नया पुल बनाया जाना चाहिए।
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क्योंकि ब्रजघाट पर स्नान के दिनों में अक्सर एक ही पुल होने के कारण घंटों जाम लगने से नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हो जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस पुल की सौ साल बाद भी मजबूती को देखते हुए इसे ही रिपेयर कराके वाहन दौड़ाना चाहता है। क्योंकि नए पुल में करीब दो अरब के आसपास खर्चा आएगा। इस जर्जर पुल को चलाने योग्य बनाने के लिए दो बार विशेषज्ञ जांच कर अनुपयुक्त घोषित कर चुके हैं। हाईवे पर जाम का कारण बनने की वजह से कई सांसद और उच्चाधिकारियों ने भी इस समस्या को सड़क परिवहन मंत्रालय में उठाया।
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इसके बाद पिछले दिनों प्राधिकारण मुख्यालय से आई उच्चस्तरीय विशेषज्ञों की टीम ने गंगा में नाव के जरिये जर्जर पुल का गहन अध्ययन किया। स्लैब के टुकड़े और पिलर से ईंटें निकालकर देखा। पुल के अस्थि-पंजरों का एक्सरे करने के बाद टीम लौट गई। करीब डेढ़ माह बाद रिपोर्ट आएगी। इसके बाद पता चलेगा पुल दोबारा चलने लायक बनेगा या फिर तोड़कर नया बनाया जाएगा।
कब-कब हो चुकी है पुल की जांच
ब्रजघाट में हाईवे पर नया पुल बनकर नवंबर 2013 में कार्तिक पूर्णिमा से खोल दिया गया था। इससे पूर्व पुराने जर्जर पुल को दोबारा शुरू कराने के लिए जुलाई 2013 में जांच की गई। वर्ष 2015 में भी पुल की जांच की गई। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह पर इसे छोटे वाहनों के लिए भी बंद कर दिया गया था। अब फिर जुलाई में उच्चस्तरीय विशेषज्ञों का दल गहन अध्ययन करके गया है। जिसकी रिपोर्ट डेढ़ माह बाद आना बताया जा रहा है।
गजरौला का फ्लाईओवर भी जल्द पूरा होगा
अमरोहा के डीएफओ भरत लाल ने बताया कि गजरौला के अधूरे पड़े फ्लाईओवर को पूरा करने के लिए रिपोर्ट वन मंत्रालय को भेज दी गई है। कुछ पेड़ कटने हैं। वन मंत्रालय की अनुमति आने के बाद एनएचएआई को अनापत्ति पत्र दे दिया जाएगा। इसके बाद प्राधिकरण निर्धारित धनराशि जमाकर अपना काम शुरू कर सकता है। गजरौला का अधूरा फ्लाईओवर भी हाईवे पर हादसों का सबब बना हुआ है। इसके बनने से हादसे थमेंगे, वहीं रफ्तार बढ़ने से सफर भी आसान होगा।
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ब्रजघाट के जर्जर गंगा पुल की जांच प्राधिकरण मुख्यालय के विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय कमेटी कर चुकी है। नाव से गंगा में उतरकर पिलर की ईंटों और स्लैब की जांच गहनता से की गई है। डेढ़ माह में रिपोर्ट आने के बाद पता चल जाएगा कि पुल दोबारा रिपेयर करके चलने लायक है या फिर तोड़कर इसके स्थान पर दोबारा थ्री-लेन का पुल बनाया जाएगा।
-एमके अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया