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विश्व मोटापा दिवस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 02:45 AM IST
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Obesity disease risk
मुरादाबाद। एक वक्त था, जब मोटापा संपन्नता और खाते पीते घर की पहचान कही जाती थी, लेकिन आज मोटापे को बीमारी का घर कहा जाता है। बच्चों और बड़ों में बढ़ता मोटापा बीमारी का घर बन रहा है। इसका कारण बदली दिनचर्या और जंक फूड का बढ़ता चलन है। ऐसे में कमर में बंधने वाली बेल्ट जितनी लंबी होगी है, उतनी ही लंबी बीमारी की चेन होगी।
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मौजूदा समय में लोगों की दिनचर्या बदल सी गई है। रात में देर तक जगना और सुबह देर से उठना लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है। खानपान में भी बदलाव आ गया है। एक ओर पैक्ड फूड का चलन बढ़ रहा है तो दूसरी ओर फिजिकल एक्टिविटी कम हो रही है। बच्चे टीवी और मोबाइल से चिपके रहते हैं। बड़े भी सोशल मीडिया से बाहर नहीं निकल पाते हैं। यही वजह है कि बच्चों और बढ़ों में तेजी से मोटापा बढ़ रहा है, जो बीमारियों को दावत देते हैं। कम उम्र में ही बच्चों में बड़ों की बीमारियां होने लगी है। मोटापे से शुगर, बीपी, दिल, जोड़ों में दर्द जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक लाइफ स्टाइल बदलाव और डाइट कंट्रोल कर मोटापे से बचा जा सकता है।
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मोटापे से इन बीमारियों का खतरा
- 17 तरह के कैंसर
- प्रजनन क्षमता में कमी
- हार्ट फेलियर
- डायबिटीज
- लिवर में मोटापा
- नर्व डिसऑर्डर
- ब्लडप्रेशर
- अस्थमा
- जोड़ों में दर्द
- डिप्रेशन
- पैरों में सूजन
- कमर दर्द
मोटापा के कारण
- फिजिकल एक्टिविटी न करना
- जंक फूड का चलन बढ़ना
- मोबाइल और टीवी अधिक देखना
- जागरूकता की कमी
- एक्सरसाइज न करना
- चिकनाई युक्त खाना
- आनुवांशिक
- स्लिप एनीमिया
सलाह
- मोटापे के प्रति अभिभावक जागरूक हों
- बच्चों को संतुलित आहार दें
- फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं
- मोबाइल-टीबी का इस्तेमाल सिमित करें
- घर का खाना खाएं
- नियमित रूप से वजन चेक कराएं
- नियमित व्यायाम एवं योगा करें
पचास फीसदी मोटे बच्चों में बढ़ा होता है बीपी
मुरादाबाद। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके दत्त का कहना है कि मोटापा बीमारी की जड़ है। ओपीडी में आने दस मोटे बच्चों में से पांच का ब्लड प्रेशर बढ़ा होता है। जो बाद में दूसरी बीमारियों के कारण बनते हैं। अगर मोटापा से जूझ रहे बच्चों के गर्दन के पीछे काला निशान पड़ने लगे तो ऐसे बच्चों में शुगर का खतरा बढ़ जाता है। इसे अकंथोसिस निगरिकंस कहा जाता है। वजन कम कर इससे बचा जा सकता है।
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कोरोना संक्रमण काल में बढ़ा मोटापा
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा है। फिजिकल एक्टिविटी बंद रही। लोग घरों में रहे। लॉकडाउन में कम गतिशीलता से मोटापा की समस्या और बढ़ी है।

कोरोना संक्रमण काल में लोग हुए जागरुक
मुरादाबाद। वैरियाट्रिक सर्जन डॉ. मगन मेहरोत्रा बताते हैं कि अभी लोग मोटापा को बीमारी नहीं मानते हैं, जबकि मोटापा बीमारी का घर है। जागरुकता से मोटापा को रोका जा सकता है। कोरोना की जद में आए मोटे लोगों को काफी परेशानी सामाना करना पड़ा था। जिसे लेकर लोग जागरूक हुए हैं। पहले महीने में दो तीन लोग ही मोटापा कम करने के लिए सर्जरी कराते थे। अब छह से आठ सर्जरी महीने में हो रही है।
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