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ट्रेन में बरेली में ही युवती की हत्या की आशंका, करीबी पर शक
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बरेली में ही युवती की हत्या करने की आशंका, करीबी पर शक
चंदौसी सीएचसी प्रभारी ने भोर में 3 से 4 बजे के बीच हत्या का अनुमान जताया
चंदौसी (संभल)। ट्रेन में हत्या का शिकार हुई अलीगढ़ की युवती सपना की हत्या बरेली में ट्रेन छूटने से पहले ही किए जाने के संकेत मिले हैं। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि वारदात में युवती के किसी करीबी का हाथ है।
बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन में हत्या की जानकारी इस ट्रेन के बुधवार सुबह चंदौसी पहुंचने पर हुई। चंदौसी में इस ट्रेन के आने का समय सुबह 7:25 बजे है। बुधवार सुबह भी यह गाड़ी सही समय पर पहुंची थी।
दिव्यांग बोगी में महिलाओं के बैठने के प्रयास के दौरान भीतर शव होने की जानकारी पर जीआरपी टीम तत्काल सक्रिय हुई। शव को लेकर चंदौसी सीएचसी पहुंची। जहां सीएचसी प्रभारी डॉ. हरवेंद्र सिंह ने सपना को मृत घोषित किया। साथ ही उसकी मौत बुधवार भोर में तीन से चार बजे के बीच होने का अनुमान जताया। बाद में पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई तब भी मौत का समय यही बताया गया।
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रेलवे के जानकारों के मुताबिक अलीगढ़ जाने के लिए यह पैसेंजर ट्रेन बरेली से सुबह 5:20 बजे चलती है। इससे पूर्व ट्रेन की खाली रैक बरेली स्टेशन पर ही खड़ी रहती है। सपना की मौत के अनुमानित समय के आधार पर माना जा रहा है कि हत्या की वारदात को बरेली में ट्रेन छूटने से पहले ही अंजाम दिया गया। इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि वारदात को किसी परिचित या करीबी ने अंजाम दिया है। दिव्यांग न होते हुए भी सपना को दिव्यांग बोगी में ले जाए जाने से करीबी के साथ होने के अनुमान को बल मिल रहा है। चंदौसी के जीआरपी थाना प्रभारी शेर सिंह का कहना है कि टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। चंदौसी में शव उतारने और प्राथमिक साक्ष्य जुटाने के चलते यह ट्रेन एक घंटा लेट अलीगढ़ रवाना हुई।
आधारकार्ड से हुई पहचान
ट्रेन में सपना का शव मिलने के साथ उसके पास से आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एक बैग मिला है। बैग में चार रजिस्टर हैं, जिन पर कुछ लोगों के नाम-पते लिखे हैं। जीआरपी टीम इन सभी चीजों के माध्यम से जांच आगे बढ़ा रही है। मोबाइल फोन का लॉक पैटर्न मालूम न होने से अभी कॉल डिटेल नहीं निकल पाई है। आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।
जीआरपी की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे
ट्रेन में शव लाकर डालना संभव नहीं है। ऐसे में अधिकारियों का भी मानना है कि वारदात ट्रेन में ही हुई है। ट्रेन में हत्या की घटना के बाद जीआरपी के दस्ते पर भी सवाल उठाता है जो बरेली से चंदौसी तक सुरक्षा में तैनात रहता है। ट्रेन बरेली से चंदौसी तक आ गई, लेकिन जीआरपी के दस्ते को पता तक नहीं चला कि कोई वारदात हो गई है। यदि कुछ महिलाएं दिव्यांग बोगी में नहीं चढ़ती तो इसके बारे में जानकारी चंदौसी में नहीं मिलती।
बोगी की खिड़की और गेट बंद था, किसी करीबी का हाथ होने का अंदेशा
पैसेंजर ट्रेन की दिव्यांग बोगी इंजन के पीछे लगी थी। जब महिलाएं बोगी में चढ़ी तो गेट खोलना पड़ा। अंदर अंधेरा था क्योंकि सभी खिड़की बंद थीं। इससे यह भी साफ हुआ कि वारदात से पहले या बाद में खिड़की और गेट बंद किए गए। इससे किसी करीबी की ओर भी पुलिस का शक जा रहा है। पुलिस की टीम छानबीन में जुट गई है। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वारदात का जल्द खुलासा किया जाएगा।
गला दबाकर की हत्या, शरीर पर मिले चोट के निशान
सपना की हत्या गला दबाकर की गई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के दौरान हुई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार युवती के शरीर पर काफी चोट के निशान भी मिले हैं। जिससे माना जा रहा है कि युवती ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। रिपोर्ट के मुताबिक युवती की मौत करीब सुबह में चार बजे के आसपास हुई है। युवती का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया।
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चंदौसी सीएचसी प्रभारी ने भोर में 3 से 4 बजे के बीच हत्या का अनुमान जताया
चंदौसी (संभल)। ट्रेन में हत्या का शिकार हुई अलीगढ़ की युवती सपना की हत्या बरेली में ट्रेन छूटने से पहले ही किए जाने के संकेत मिले हैं। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि वारदात में युवती के किसी करीबी का हाथ है।
बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन में हत्या की जानकारी इस ट्रेन के बुधवार सुबह चंदौसी पहुंचने पर हुई। चंदौसी में इस ट्रेन के आने का समय सुबह 7:25 बजे है। बुधवार सुबह भी यह गाड़ी सही समय पर पहुंची थी।
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दिव्यांग बोगी में महिलाओं के बैठने के प्रयास के दौरान भीतर शव होने की जानकारी पर जीआरपी टीम तत्काल सक्रिय हुई। शव को लेकर चंदौसी सीएचसी पहुंची। जहां सीएचसी प्रभारी डॉ. हरवेंद्र सिंह ने सपना को मृत घोषित किया। साथ ही उसकी मौत बुधवार भोर में तीन से चार बजे के बीच होने का अनुमान जताया। बाद में पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई तब भी मौत का समय यही बताया गया।
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रेलवे के जानकारों के मुताबिक अलीगढ़ जाने के लिए यह पैसेंजर ट्रेन बरेली से सुबह 5:20 बजे चलती है। इससे पूर्व ट्रेन की खाली रैक बरेली स्टेशन पर ही खड़ी रहती है। सपना की मौत के अनुमानित समय के आधार पर माना जा रहा है कि हत्या की वारदात को बरेली में ट्रेन छूटने से पहले ही अंजाम दिया गया। इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि वारदात को किसी परिचित या करीबी ने अंजाम दिया है। दिव्यांग न होते हुए भी सपना को दिव्यांग बोगी में ले जाए जाने से करीबी के साथ होने के अनुमान को बल मिल रहा है। चंदौसी के जीआरपी थाना प्रभारी शेर सिंह का कहना है कि टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। चंदौसी में शव उतारने और प्राथमिक साक्ष्य जुटाने के चलते यह ट्रेन एक घंटा लेट अलीगढ़ रवाना हुई।
आधारकार्ड से हुई पहचान
ट्रेन में सपना का शव मिलने के साथ उसके पास से आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एक बैग मिला है। बैग में चार रजिस्टर हैं, जिन पर कुछ लोगों के नाम-पते लिखे हैं। जीआरपी टीम इन सभी चीजों के माध्यम से जांच आगे बढ़ा रही है। मोबाइल फोन का लॉक पैटर्न मालूम न होने से अभी कॉल डिटेल नहीं निकल पाई है। आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई।
जीआरपी की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे
ट्रेन में शव लाकर डालना संभव नहीं है। ऐसे में अधिकारियों का भी मानना है कि वारदात ट्रेन में ही हुई है। ट्रेन में हत्या की घटना के बाद जीआरपी के दस्ते पर भी सवाल उठाता है जो बरेली से चंदौसी तक सुरक्षा में तैनात रहता है। ट्रेन बरेली से चंदौसी तक आ गई, लेकिन जीआरपी के दस्ते को पता तक नहीं चला कि कोई वारदात हो गई है। यदि कुछ महिलाएं दिव्यांग बोगी में नहीं चढ़ती तो इसके बारे में जानकारी चंदौसी में नहीं मिलती।
बोगी की खिड़की और गेट बंद था, किसी करीबी का हाथ होने का अंदेशा
पैसेंजर ट्रेन की दिव्यांग बोगी इंजन के पीछे लगी थी। जब महिलाएं बोगी में चढ़ी तो गेट खोलना पड़ा। अंदर अंधेरा था क्योंकि सभी खिड़की बंद थीं। इससे यह भी साफ हुआ कि वारदात से पहले या बाद में खिड़की और गेट बंद किए गए। इससे किसी करीबी की ओर भी पुलिस का शक जा रहा है। पुलिस की टीम छानबीन में जुट गई है। सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वारदात का जल्द खुलासा किया जाएगा।
गला दबाकर की हत्या, शरीर पर मिले चोट के निशान
सपना की हत्या गला दबाकर की गई है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के दौरान हुई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार युवती के शरीर पर काफी चोट के निशान भी मिले हैं। जिससे माना जा रहा है कि युवती ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। रिपोर्ट के मुताबिक युवती की मौत करीब सुबह में चार बजे के आसपास हुई है। युवती का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया।