Weather Update: पहाड़ों की ठंड से ठिठुर रहा मुरादाबाद, अब दिन में भी हो रही गलन, रात में छाने लगा कोहरा
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि पहाड़ों से आ रही ठंडी हवा से धूप की तपिश बेअसर साबित हो रही है। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कोहरा और तेज होगा।
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पहाड़ों से आ रही ठंडी हवा से मुरादाबाद में सर्दी का असर बढ़ता जा रहा है। अब रात के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट शुरू हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब ठंड में बढ़ोतरी होगी। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पहाड़ों से आ रही ठंडी हवा से धूप की तपिश बेअसर साबित हो रही है।
शाम ढलते ही शहरवासियों को ठिठुरन का अहसास हो रहा है। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जबकि अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में एक डिग्री सेल्सियस का गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा संग्रह अधिकारियों के अनुसार अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह वातावरण में नमी 78 फीसदी थी, जो शाम को 49 फीसदी रही। हवा की गति पश्चिम से पूरब दिशा में दस से 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जो सामान्य से अधिक है। डॉ. आरके सिंह का कहना है कि सुबह हवा की गति धीमी रहती है, इसलिए हल्का कोहरा आ रहा है। आने वाले दिनों में रात के साथ दिन में भी ठिठुरन बढ़ जाएगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी 12 सौ के पार
लगातार बढ़ रही ठंड से सांस, दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें जांच कर और दवाई देने के बाद ठंड से बचने और पौष्टिक खाना खाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं आयुर्वेदिक चिकित्सकों का कहना है कि इस ठंड से बचने के लिए लोग गुनगुना पानी पीएं।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि खांसी, जुकाम, बुखार, सीओपीडी के मरीज आ रहे हैं। बुजुर्गों में लंबी खांसी के मरीजों को अटैक हो रहे हैं। पांच साल तक के बच्चों को निमोनिया हो रहा है। प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी 12 सौ के आसपास है। खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या करीब तीन सौ है।
यदि 10-11 बच्चे भर्ती हो रहे हैं तो उसमें दो से तीन बच्चे निमोनिया के हैं। अस्थमा और खांसी वाले करीब 14 मरीज भर्ती हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रवीण शाह ने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा इन दिनों सर्दी-जुकाम वाले मरीजों में करीब 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
सांस, सीओपीडी और दमा के मरीजों को यदि लगता है कि उनकी बीमारी में नियंत्रण नहीं है तो हम उनकी डोज समायोजित कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें सुबह के समय घर से बाहर न निकलने, हाथ के पंजे, पैर, नाक, कान और सिर को ढक कर रखने की सलाह दे रहे हैं।
मुरादाबाद शाखा विश्व आयुर्वेद परिषद के सचिव डॉ. राघव शर्मा ने बताया कि डिहाइड्रेशन, तेज बुखार, प्लेटलेट्स की कमी वाले मरीजों को नारियल पानी बहुत हल्का गुनगुना करके लेना चाहिए। गर्म होकर उस पानी की तासीर बदल जाती है। कच्ची मूली का सेवन कम करें तो अच्छा है, इससे नजला, जुकाम की समस्या बढ़ती है।
यदि इसका सेवन किया जाए तो मूली को पत्ते की भुजिया बनाकर सेवन कर सकते हैं। केला बिल्कुल नहीं खाएं। दमा और सांस के रोगियों के लिए नुकसानदायक है। शुगर के मरीज इस मौसम में दो मात्रा जौ, एक मात्रा चना, एक मात्रा गेहूं, एक मात्रा बाजरा और एक मात्रा राई को मिलाकर इसी के हिसाब से आटा बनवा लें। इसका सेवन करना लाभदायक होता है।
इन चीजों का करें सेवन
- बाजरा के आटे की टिक्की खा सकते हैं।
- चीकू फायदेमंद है। इसमें फाइबर डाइट होती है। पेट साफ रखता है और ताकत देता है।
- शुगर के मरीज खजूर और अंजीर खाकर दूध का सेवन कर सकते हैं।
- बथुआ का सेवन करें। इससे कब्ज दूर होती है और पेट सही रहता है। ताकत का सबसे अच्छा स्रोत बथुआ माना जाता है।
- पालक और सरसों का साग ताकत देने के साथ पेट के लिए फायदेमंद है
- मैथी-पालक की भुजिया शुगर के मरीजों के लिए लाभदायक है। तिल से बनी हुई कोई भी चीज मीठे में खा सकते हैं।
- खून की कमी वाले लोगों को दूध गर्म करके खजूर का शेक बना लें, उनके लिए लाभदायक होता है। सुबह-शाम ले सकते हैं।