Exit Polls: मुरादाबाद मंडल में 2019 में सटीक रहा एग्जिट पोल, इस बार कम मतदान में बिगड़ सकते हैं समीकरण
Exit Poll 2024: मुरादाबाद मंडल में हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में एग्जिट पोल सही साबित हुए। इन सीटों पर सपा-बसपा गठबंधन विजयी रहा। 2014 में इन सभी सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया था लेकिन उसे 2019 में कोई भी सीट नहीं मिल सकी। अब सभी की नजरें चार जून को होने वाली मतगणना पर टिकी है।
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लोकसभा चुनाव 2024 का आखिरी चरण का मतदान होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इसके साथ ही सभी की नजर चार जून को होने वाली मतगणना पर टिक गई है। दिन लगातार नजदीक आते ही प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं की धड़कन तेज हो गई हैं।
इसके साथ ही एग्जिट पोल को लेकर भी हलचल मचनी शुरू हो गई है। मुरादाबाद मंडल में 2019 में हुए चुनाव से पहले एक्जिट पोल लगभग सही साबित हुए। यहां पर बसपा-सपा गठबंधन ने ही सीट जीती थी। मुरादाबाद में सपा के वर्तमान सांसद एसटी हसन ने भाजपा के सर्वेश सिंह को हराया था।
संभल सीट पर डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी को पराजित किया था। उधर, रामपुर सीट पर सपा के कदावर नेता आजम खां ने जीत दर्ज की थी जबकि अमरोहा से वर्तमान सांसद दानिश अली विजयी हुए थे।
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मुरादाबाद और अमरोहा में मतदान हुआ था। 2014 की में मंडल में सभी सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था। इसके बाद 2019 में सपा बसपा गठबंधन ने भाजपा गणित को फेल कर दिया था।
मुरादाबाद में इस बार सपा ने खेला हिंदू कार्ड
मुरादाबाद लोकसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य मानी जाती है। इस पर सपा ने पहली बार हिंदू कार्ड खेलकर सभी को चौंका दिया। अब तक सपा इस सीट पर केवल मुस्लिम प्रत्याशी पर ही दांव लगाती रही है। पहली बार देखने को मिला है कि सपा ने इस सीट पर किसी महिला को मौका दिया।
सपा ने पहली बार 1996 में मुरादाबाद लोकसभा सीट पर डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा था। तब वह जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे। उस चुनाव से लेकर 2019 तक सपा इस सीट पर प्रत्याशी उतारी रही लेकिन कभी हिंदू प्रत्याशी को मौका नहीं दिया।
भाजपा और सपा में सीधी टक्कर
तमाम सियासी दांवपेच के बीच मुरादाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीधी टक्कर ही देखने का मिल रही है। जिले भर के अधिकांश मतदाताओं के बीच कमल और साइकिल को लेकर ही बात चल रही है।
बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी, मतदान प्रतिशत, दलों की गुटबाजी भी जीत-हार में अहम होगी। लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभाओं में 20.56 लाख मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत 12 उम्मीदवार रहे। दलों के भीतरघात भी चुनावी समीकरण को बदल सकते हैं। फिलहाल मुरादाबाद का 18वां सांसद बनने का गौरव किसको मिलेगा, ये चार जून को मतगणना के बाद तय होगा।