Moradabad: लापरवाही पर 20 दिन में ही लाइन हाजिर हो गए मूंढापांडे इंस्पेक्टर, नहीं लगा पाए अपराधों पर लगाम
मूंढापांडे इलाके में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम नहीं लगा पाने पर इंस्पेक्टर पर गाज गिरी है। एसएसपी ने सभी थानेदारों और चौकी प्रभारियों को अपराध, छेड़खानी समेत अन्य चीजों पर अंकुश लगाने को कहा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मूंढापांडे थाने के प्रभारी केके वर्मा को एसएसपी हेमराज मीना ने बीस दिन में ही लाइन हाजिर कर दिया। उनके चार्ज लेते ही मारपीट की घटनाएं बढ़ गईं। किसी भी मामले का निस्तारण नहीं कर पाए। एसएसपी ने जांच कराने के बाद उन्हें चार्ज से हटा दिया।
कुछ दिन पहले ही केके वर्मा बरेली से स्थानांतरित होकर मुरादाबाद आए थे। मुरादाबाद थाने के प्रभारी रहे दीपक मलिक का भी दूसरे जनपद में ट्रांसफर हो गया था। इस कारण मूंढापांडे में केके वर्मा को चार्ज दे दिया गया था लेकिन कार्यभार संभालने के बाद ही मारपीट की कई घटनाएं क्षेत्र में हुईं।
इसके अलावा भीतखेड़ा गांव में हुई लूट की घटना का भी अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। इसके अलावा तीन दिन पहले जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद शमी और पुष्पेंद्र कुमार के बीच दुकान के किराये को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की थी लेकिन अगले दिन फिर से दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पुलिस इस मामले का निस्तारण नहीं करा पाई थी।
शिकायतें मिलने के बाद एसएसपी हेमराज मीना ने एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने मूंढापांडे थाना प्रभारी केके वर्मा को लाइन हाजिर कर दिया।