मुरादाबाद: वाॅर मेमोरियल में हाईटेक थिएटर, स्क्रीन पर दिखेगा युद्ध का नजारा, 360 डिग्री में होगा प्रोजेक्शन
मुरादाबाद में बन रहा अत्याधुनिक वार मेमोरियल थिएटर आम सिनेमा हॉल से अलग होगा। इसमें 45 डिग्री पर झुकने वाली रीक्लाइनर सीटें और डोम आकार की 360 डिग्री प्रोजेक्शन स्क्रीन होगी। यह दर्शकों को भारतीय सेना की वीरता और युद्ध गाथाओं को ऐसा अनुभव कराएगी।
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वाॅर मेमोरियल का थिएटर आम सिनेमा हॉल की तरह नहीं बल्कि एक अत्याधुनिक विजुअल अनुभव का केंद्र बनने जा रहा है। मेमोरियल परिसर के भीतर तैयार हो रहे इस थिएटर यूनिट में दर्शकों को 45 डिग्री पर झुकने वाली रीक्लाइनर सीटें दी जा रही हैं जिसमें वे ऊपर की ओर बनी डोम स्क्रीन पर युद्ध और भारतीय सेना के ऑपरेशन को देख सकेंगे।
बुद्धि विहार में नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे अत्याधुनिक वार मेमोरियल में थिएटर की छत को एक विशेष गोलाकार डोम (गुंबद) की तरह तैयार किया गया है। इस पर अंदर से 360 डिग्री प्रोजेक्शन किया जाएगा। यह प्रस्तुति तकनीक परंपरागत फ्लैट स्क्रीन के बजाय पूरी छत को स्क्रीन में बदल देगी।
दर्शक जब सीट पर पीछे की ओर झुककर बैठेंगे तो उन्हें ऐसा लगेगा मानो पूरा दृश्य उनके चारों ओर जीवंत हो रहा है। थिएटर में प्रदर्शित की जाने वाली फिल्में और डॉक्यूमेंट्री मुख्य रूप से भारतीय सेना के इतिहास, वीरता, शौर्य गाथाओं और युद्ध में बलिदान देने वाले सैनिकों की कहानियों पर आधारित होंगी।
तकनीक ऐसी होगी कि दर्शकों को थ्री-डी से भी आगे का अनुभव देगा। दर्शकों को ऐसा माहौल मिलेगा कि वह उस स्क्रीन पर चलने वाले दृश्य में पूरी तरह से लीन हो जाएंगे और बाहर की दुनिया से कटकर एक आभासी दुनिया में खो जाएंगे।
साउंड और लाइट शो का भी ले सकेंगे आनंद
आधुनिक थिएटर के अलावा मेमोरियल परिसर में प्रतिदिन शाम को एक साउंड एंड लाइट शो का भी आयोजन किया जाएगा। यह शो खुले में होगा और उसमें भारतीय सेना की वीरगाथाओं को रोशनी और ध्वनि के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस तरह का शो शहर में पहली बार होगा जिसका लुत्फ शहरवासी उठा सकेंगे। पूरे परिसर को भारतीय सेना के रंग में रंगने का काम तेजी से किया जा रहा है।
अभी आएंगे और उपकरण
वाॅर मेमोरियल में भारतीय सेना के टैंक, तोप, मशीन गन जैसे कई उपकरण आ चुके हैं। अभी वायुसेना के विमान और नौसेना के कई उपकरण आने बाकी हैं। मेमोरियल परिसर में इन उपकरणों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में म्यूजियम भी बनाया जा रहा है जहां सेना को पास से जानने का मौका मिलेगा। म्यूजियम में दिखाया गया है कि सेना पहाड़, बर्फ और बंकर में किस तरह काम करती है।
वार मेमोरियल को पूरी तरह से आधुनिक रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह स्थल शहर का नया सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र बनेगा। यहां भारतीय सेना और उसके ऑपरेशन की जानकारी हासिल की सकेगी। यह खासतौर पर युवाओं को प्रेरित करेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त