Moradabad Court: आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को बीस साल का कारावास, मेला दिखाने के बहाने ले गया था साथ
आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने बीस साल की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार की जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी बच्ची को उसके भाई के साथ मेला दिखाने के बहाने से ले गया था।
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विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो कोर्ट) प्रथम अविनाश चंद्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार को आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में मुलजिम राहुल को दोषी करार देते हुए बीस साल की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 20 अगस्त 2022 को पश्चिमी बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले बनहट थाना क्षेत्र के रेड बैंक निवासी राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोपी राहुल गांव में प्रधान के घर नौकरी करता था। आरोपी राहुल का उसके घर आना जाना था।
राहुल वाले दिन उसके गांव में मेला लगा था। आरोपी उसकी आठ साल की बेटी और पांच साल के बेटे को मेला दिखाने के लिए ले गया था। मेले से काफी देर तक बच्चे घर नहीं आए तो परिजन उनकी तलाश में जुट गए थे। दोनों बच्चे जंगल में मिले थे। पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है।
इस मामलेे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की सुनवाई विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो कोर्ट-प्रथम) अविनाश चंद्र मिश्र की अदालत में हुई थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राहुल को दोषी करार देते हुए बीस साल के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
युवक की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
मुगलपुरा के 21 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने मुलजिम दानिश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एक आरोपी की फाइल दूसरी अदालत में भेज दी गई जबकि तीसरे आरोपी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
यह हत्या उधार दिए गए 2500 रुपये वापस मांगने की रंजिश में की गई थी। मुगलपुरा के गुइयां बाग निवाासी मो. आजम ने 19 अक्तूबर 2004 को मुगलपुरा थाने में गुइयां बाग निवासी वसीम, प्रिंस रोड निवासी दानिश और पीर गैब निवासी शानू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।
इसमें मो. आजम ने बताया कि वसीम ने उसके भाई मो. अनवर से 2500 रुपये उधार लिए थे। मो. अनवर ने वसीम से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी उससे रंजिश रखने लगा था। 19 अक्तूबर 2004 की रात मो. आजम, मो. अनवर और उसके अन्य भाई मोहल्ले में ही खड़े थे।
इसी दौरान वसीम, दानिश औा शानू आ गए थे। उन्होंने मो. अनवर को गोली मार दी थी। जिसमें मो. अनवर घायल हो गया था। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए भाग गए थे। परिजन मो. अनवर को अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया था।
इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दानिश को दोषी करार देते हुए आजीवान कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी वसीम की फाइल दूसरी अदालत में चल रही है जबकि शानू को बरी कर दिया गया है।