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Moradabad: नवजात का सौदा कराने वाली महिला पर दर्ज होगा केस, आशा वर्कर से पूछताछ नहीं, विभाग ने झाड़ा पल्ला

Sun, 28 Apr 2024 11:01 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 28 Apr 2024 11:01 AM IST
सार

मुरादाबाद में नवजात का सौदा करने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई होगी। बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के जल्द पुलिस को तहरीर दी जाएगी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने पल्ला झाड़ लिया है। 

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Moradabad: Case will registered against woman who arranged for newborn baby, Asha worker was not interrogated
UP Police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवजात का सौदा कराने वाली महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य इसमें वादी बनेंगे। यह बात अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेकर मामले की जांच करने अगवानपुर पहुंचे बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल ने कहीं।

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उन्होंने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के पुलिसकर्मियों को साथ लिया और कस्बे में पहुंचकर पूछताछ की। उन्होंने बच्चा खरीदने वाले शख्स जहीर आलम के बयान दर्ज किए। उसने बताया कि शादी के 11 साल बाद भी उसकी पत्नी को कोई संतान नहीं हुई।
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एक दिन पड़ोसी के घर बैठी उसकी पत्नी को पड़ोसी की बहन (कथित आशा वर्कर) ने लालच दिया कि बच्चा मिल जाएगा। नेपाल से मंगवाना पड़ेगा। इसमें 1.5 लाख रुपये लगेंगे। जहीर और उसकी पत्नी इस बात पर राजी हो गए। 
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उन्होंने एक लाख छह हजार रुपये कथित आशा को दे दिए। 45 दिन बाद जिला महिला अस्पताल में कटघर निवासी महिला की डिलीवरी हुई तो उसने सौदा कर लिया। खुद को आशा बताने वाली महिला ने बच्चा जहीर को लाकर दे दिया।

रुपये न मिलने व परिजनों के दबाव पर कटघर निवासी महिला अगवनापुर पहुंची थी। यहां पंचायत में मामला पहुंचने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष ने मध्यस्थता कर बच्चा उसे वापस दिला दिया था। 

अपना पल्ला झाड़ने में लगा स्वास्थ्य विभाग 

स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि कथित आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग में तैनात नहीं है। इसलिए पुलिस कार्रवाई करे, हम नहीं कर सकते। जबकि कटघर क्षेत्र की आशा की जिम्मेदारी तय नहीं की गई कि उन्हें मामले का क्यों पता नहीं चला।

विभागीय जानकारों का कहना है कि बच्चे का सौदा कराने वाला महिला अस्पतालों में दलाली करती है। इसके बावजूद विभाग सघन जांच के स्थान पर अपना बचाव करने में लगा है। बाल कल्याण समिति का कहना है कि मामले में दो और महिलाओं की भूमिका संदिग्ध है, जिसकी जांच की जा रही है। 

सवाल ये भी हैं

  • बड़ा मामला होने के बावजूद पंचायत ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी
  • स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों के रोकथाम के लिए कदम क्यों नहीं उठा रहा 
  • खुद को आशा बताकर और कितने लोगों से फ्रॉड किया, इसकी भी जांच नहीं 

बच्चे की खरीद फरोख्त की खबर पर संज्ञान लेकर समिति ने कार्य शुरू कर दिया है। हम दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं। बच्चे का सौदा कराने वाली महिला पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में एएचटीयू का सहयोग लिया जा रहा है। - अमित कौशल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति

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