{"_id":"579305ef4f1c1b0411c4b82c","slug":"mayor-election-in-moradabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेयर की कुर्सी को समझौते की राजनीति ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर की कुर्सी को समझौते की राजनीति
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:22 AM IST
विज्ञापन
मेयर उप चुनाव
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेयर उप चुनाव में साइकिल दौड़ाने के लिए समझौते की राजनीति का दांव खेला गया है। ये दांव कितना कामयाब हो गया ये तो चुनाव परिणाम बताएगा। फिलहाल सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से महानगर कमेटी में असंतोष का माहौल बन गया है। चुनाव में पार्टी का परचम लहराने के लिए जी जान से जुटे पदाधिकारी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
मेयर उप चुनाव में नामांकन वापसी के बाद सपा के टिकट के दावेदारों के बीच खींचतान पर विराम लग गया। बागी सपाई कैसर अली कुद्दूसी और जावेद अंसारी अपने अटल फैसले के साथ चुनाव मैदान में हैं। वहीं कुद्दूसी को पार्टी से आउट कर दिया गया। जबकि जावेद अल्टीेमेेटम पर हैं।
वहीं सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापति ने महानगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर उस पद पर किसी मुस्लिम की पैरवी का दांव खेलकर हलचल मचा दी है। प्रजापति ने इस्तीफा निर्णय दो तीन दिन पूर्व एक विधायक के घर हुई गुप्त बैठक के बाद लिया। बैठक में दूसरे बागी प्रत्याशियों को भी बुलाया गया था, लेकिन वे अपने फैसले अडिग रहे। सूत्रों की माने तो इस फैसले के पीछे मेयर कुर्सी के लिए समझौते की राजनीति की गई है।
विज्ञापन
महानगर अध्यक्ष के लिए मुस्लिम चेहरे के नाम पर सहमति बना ली गई है। दूसरी ओर इस फैसले से महानगर कमेटी में असंतोष उठ रहा है। सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापति का कहना है कि अपने निर्णय से सीएम को अवगत कराया दिया है। आगे का फैसला हाईकमान करेगा। वहीं जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी का कहना है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान मेयर चुनाव पर है। पार्टी के मुद्दों को चुनाव बाद बैठ कर सुलझा लिया जाएगा।
विज्ञापन
मेयर उप चुनाव में नामांकन वापसी के बाद सपा के टिकट के दावेदारों के बीच खींचतान पर विराम लग गया। बागी सपाई कैसर अली कुद्दूसी और जावेद अंसारी अपने अटल फैसले के साथ चुनाव मैदान में हैं। वहीं कुद्दूसी को पार्टी से आउट कर दिया गया। जबकि जावेद अल्टीेमेेटम पर हैं।
विज्ञापन
वहीं सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापति ने महानगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर उस पद पर किसी मुस्लिम की पैरवी का दांव खेलकर हलचल मचा दी है। प्रजापति ने इस्तीफा निर्णय दो तीन दिन पूर्व एक विधायक के घर हुई गुप्त बैठक के बाद लिया। बैठक में दूसरे बागी प्रत्याशियों को भी बुलाया गया था, लेकिन वे अपने फैसले अडिग रहे। सूत्रों की माने तो इस फैसले के पीछे मेयर कुर्सी के लिए समझौते की राजनीति की गई है।
विज्ञापन
महानगर अध्यक्ष के लिए मुस्लिम चेहरे के नाम पर सहमति बना ली गई है। दूसरी ओर इस फैसले से महानगर कमेटी में असंतोष उठ रहा है। सपा प्रत्याशी राजकुमार प्रजापति का कहना है कि अपने निर्णय से सीएम को अवगत कराया दिया है। आगे का फैसला हाईकमान करेगा। वहीं जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी का कहना है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान मेयर चुनाव पर है। पार्टी के मुद्दों को चुनाव बाद बैठ कर सुलझा लिया जाएगा।