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चांदपुर प्रकरण में लोकायुक्त ने मांगा प्रत्युत्तर
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मुरादाबाद। ब्लॉक भगतपुर टांडा की ग्राम पंचायत चांदपुर में पूर्व ग्राम प्रधान ओमवती के कार्यकाल में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित किए गए शौचालयों की जांच के संबंध में की गई लीपापोती के आरोप के मामले में शिकायतकर्ता भूरे से लोकायुक्त सचिव ने पत्र जारी कर जांच के संबंध में प्रत्युत्तर मांगा है।
बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदपुर में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान ओमवती के कार्यकाल में कराया गया था। जिसमें भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत ग्रामीण भूरे सिंह आदि ने जिला प्रशासन से की थी। लेकिन पंचायत राज विभाग द्वारा जांच में आरोपी तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को क्लीन चिट दे दी गई थी। जिससे क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता भूरे सिंह ने लोकायुक्त उत्तर प्रदेश के समक्ष परिवाद दर्ज कराया था।
लोकायुक्त के आदेश पर भी पुन: जांच कराने के बजाय समान तथ्यों पर दोबारा जांच नहीं कराए जाने संबंधी शासनादेश का लाभ देते हुए जांच नहीं कराई गई और आरोपियों को बचा लिया गया। 25 नवंबर 2021 को सचिव लोकायुक्त अनिल कुमार सिंह ने स्वयं मुरादाबाद पहुंच कर भूरे सिंह से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उसका पक्ष जाना था। अब सचिव लोकायुक्त के द्वारा पत्र जारी करके शिकायतकर्ता भूरे सिंह से जांच के संबंध में प्रत्युत्तर (बिंदुवार आपत्ति) मांगा है।
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बताते चलें कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदपुर में व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान ओमवती के कार्यकाल में कराया गया था। जिसमें भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत ग्रामीण भूरे सिंह आदि ने जिला प्रशासन से की थी। लेकिन पंचायत राज विभाग द्वारा जांच में आरोपी तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को क्लीन चिट दे दी गई थी। जिससे क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता भूरे सिंह ने लोकायुक्त उत्तर प्रदेश के समक्ष परिवाद दर्ज कराया था।
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लोकायुक्त के आदेश पर भी पुन: जांच कराने के बजाय समान तथ्यों पर दोबारा जांच नहीं कराए जाने संबंधी शासनादेश का लाभ देते हुए जांच नहीं कराई गई और आरोपियों को बचा लिया गया। 25 नवंबर 2021 को सचिव लोकायुक्त अनिल कुमार सिंह ने स्वयं मुरादाबाद पहुंच कर भूरे सिंह से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उसका पक्ष जाना था। अब सचिव लोकायुक्त के द्वारा पत्र जारी करके शिकायतकर्ता भूरे सिंह से जांच के संबंध में प्रत्युत्तर (बिंदुवार आपत्ति) मांगा है।
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