कुशांक हत्याकांड: झूठे आरोप में हिमांशु और प्रियांशु को काटनी पड़ी थी तीन माह की जेल, बहन की शादी भी टली
कुशांक गुप्ता के पिता अशोक गुप्ता का मानना है कि पुलिस ने अब खुलासा सही किया है। मेरे बेटे का ललित कौशिक से विवाद चल रहा था। जिसमें मेरे बेटे को धमकियां मिल रही थीं। दो दिन पहले ललित कौशिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो मुझे हिम्मत मिली और मैंने लिखित में तहरीर दी।
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कुशांक गुप्ता के पिता अशोक गुप्ता ने बिजनौर के नूरपुर निवासी हिमांशु गोयल और प्रियांशु गोयल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हिमांशु और प्रियांशु के पिता ने बताया कि मेरे बेटों ने कुशांक की दुकानों में रेस्टारेंट खोला था। दुकान खाली कराने को लेकर कुशांक से बेटों का विवाद हुआ था लेकिन हत्याकांड में मेरे बेटों की कोई भूमिका नहीं थी। हमने पुलिस को जांच में सहयोग करने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने हमारी एक नहीं सुनी थी।
24 जनवरी 2022 को मेरी बेटी की शादी होनी तय थी। दोनों बेटे घर में परिवार के साथ ग्रुप डांस की प्रैक्टिस कर रहे थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में बेटों की तस्वीरें मौजूद थीं। बावजूद इसके पुलिस कर्मी बेटों को घर से उठा लाए थे। पुलिस की ओर से हमें आश्वासन दिया गया था कि जांच चल रही है। दोनों भाइयों को छोड़ दिया जाएगा लेकिन घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को जेल भेज दिया था।
बेटों के जेल जाने के बाद बेटी की शादी भी टल गई थी। तीन माह बाद बेटे 13 अप्रैल को जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद ही बारह मई को बेटी की शादी हो सकी थी। पंकज का कहना है कि अगर पुलिस ने उस वक्त ही सही जांच कर ली होती थी तेरे बेटों को जेल नहीं जाना पड़ता।
खुलासे से संतुष्ट हूं, अब सजा दिलाने में मजबूत साक्ष्य जुटाए पुलिस
कुशांक गुप्ता के पिता अशोक गुप्ता का मानना है कि पुलिस ने अब खुलासा सही किया है। मेरे बेटे का ललित कौशिक से विवाद चल रहा था। जिसमें मेरे बेटे को धमकियां मिल रही थीं। दो दिन पहले ललित कौशिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो मुझे हिम्मत मिली और मैंने लिखित में तहरीर दी। जिसमें मैंने बताया कि हिमांशु और प्रियांशु से मेरे बेटे का विवाद हुआ था। ललित कौशिक ने इसी का फायदा उठाकर मेरे बेटे की हत्या कराई थी। मेरे तहरीर देने के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड का खुलासा किया है। अब पुलिस इस मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाए और आरोपियों को सजा दिलाए।
सीए हत्याकांड के जरिए खुशवंत तक पहुंची पुलिस
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि सीए हत्याकांड में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। प्रॉपर्टी डीलरों से भी पूछताछ की थी। इसमें खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान आरोपी ने पूछताछ में उसने कुशांक हत्याकांड के राज खोल दिए। आरोपी ने बताया कि वह ठेकेदारी करता है। इसमें ललित कौशिक ने उसकी मदद की थी। इसके अलावा वह ललित कौशिक के भांजे का दोस्त है। जिसके जरिए उसकी जान पहचान ललित कौशिक से हुई थी।
चार्जशीट दाखिल न होने पर धरने पर बैठे थे कुशांक गुप्ता
रामगंगा विहार में कुशांक गुप्ता की सिद्धबली नाम से स्पोर्ट्स सामान की दुकान है। तीन साल पहले कुशांक गुप्ता का सैलून संचालक भूरे से दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में सैलून संचालक की ओर से भाजपा नेता ललित कौशिक आ गया था। आरोप है कि ललित कौशिक ने कुशांक की पिटाई की थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तस्वीरे कैद हो गई थीं। इस मामले में ललित कौशिक और पांच- छह अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने चार माह बाद तक केस में चार्जशीट दाखिल नहीं की थी। तब कुशांक अपनी दुकान के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे। तब पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद ही कुशांक धरने से उठे थे।
गैंगस्टर में होगी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 2016 में लूट में केस दर्ज किया गया था। 2012 में वह उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के ज्वाला नगर थाने से वाहन चोरी के मामले में जेल भेजा गया था। इसके अलावा ललित कौशिक के खिलाफ मूंढापांडे, सिविल लाइंस में छह केस दर्ज हैं। अब पुलिस गैंगस्टर में भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।