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ओटी नहीं तो ड्यूटी नहीं

Wed, 21 Sep 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Wed, 21 Sep 2016 02:22 AM IST
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if overtime is not paid, duty is not continued any more
रेलवे में इस समय प्रशासन और लोको पायलट के बीच ठनी हुई है। प्रशासन ने गुड्स ट्रेन के ड्राइवरों का ओवरटाइम बंद कर दिया है। इसके विरोध में ड्राइवर दस घंटे से अधिक ट्रेन चलाने को तैयार नहीं है।
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नतीजा ये कि ड्राइवर हर दिन ड्यूटी के घंटे पूरे होते ही क्रू चेंज स्टेशन से पहले ही बीच रास्ते में किसी भी स्टेशन पर ट्रेन छोड़कर चले जा रहे हैं। इसकी वजह से पीछे से आ रही यात्री ट्रेनें प्रभावित हो जा रही हैं। घंटों बिना वजह ट्रेनें खड़ी होने से यत्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  
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  रेलवे में गुड्स लोको पायलट के ओवर टाइम में बदलाव किया है। इसके साथ उनकी ड्यूटी लगाने के लिए कंप्यूटर क्रू मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। उन्हें ट्रेन ड्यूटी के लिए स्टेशन बुलाए जाने के बाद से ट्रेन पर चढ़ने के समय के बीच लगने वाले समय का मिलने वाला ओवरटाइम सिस्टम खत्म कर दिया है।
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उनकी ड्यूटी उस से मानी जाती है जिस समय से वे ट्रेन पर चढ़ते हैं। जबकि पहले वे लोको कार्यालय से स्टेशन पहुंचने के दिए गए समय पर पहुंचने के साथ ही ड्यूटी शुरू हो जाती थी। स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करने वाले समय का ओटी मिल जाता था। अब ये व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

घंटों इंतजार के बाद ट्रेन आने पर ड्राइवर भी अपनी अधिकतम दस घंटे की ड्यूटी करने की जिद पर आ गए हैं। वे दो या तीन घंटे स्टेशन पर इंतजार करने के बाद ट्रेन चलाना शुरू करते हैं और जहां उनके दस घंटे पूरे होते हैं और उन्हें जिस स्टेशन पर भी ट्रेन क्रासिंग के लिए रोका जाता है वे वहीं ट्रेन खड़ी कर देते हैं।

जिसके चलते ट्रेन उस स्टेशन पर 12 से लेकर 24 घंटे तक खड़ी रहती है। मेन लाइन पर खड़ी होने से वहां से गुजरने वाली गाड़ियों को गुजारने में दिक्कत होती है। मंडल में हर दिन आठ से दस गाड़ियां इसी तरह खड़ी हो रही हैं।


नरमू के मंडल मंत्री एमपी चौबे ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण हर ड्राइवरों की परेशानी उठानी पड़ रही है। बिना रेस्ट के गाड़ियां चलवाई जाने से ड्राइवर भी तनाव में हैं। वहीं ड्राइवर 16-16 घंटे गाड़ियां चला रहे हैं। इससे खतरा भी बढ़ता है। हमने मांग रखी है जिसको लेकर विचार चल रहा हैं।  
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