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बहक रहे किशोरों के कदम
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 02 Dec 2015 07:46 PM IST
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बढ़ते नशे की लत और असुरक्षित यौन संबंधों के चलते किशोरों के कदम बहकने लगे हैं। ये बहके कदम उन्हें एचआईवी के फंदे की ओर ढकेल रहे हैं। हर महीने तीस किशोरों को एचआईवी टेस्ट के जिला अस्पताल के आईसीटीसी (इंट्रीग्रेट काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) रेफर किया जा रहा है।
इसका खुलासा किशोर परामर्श केंद्र के काउंसलिंग में हुआ है। इसकी किशोरावस्था में तेजी से बढ़ रहे असुरक्षित यौवन संबंध है। जिला अस्पताल में बने किशोर परामर्श केंद्र में हर महीने औसतन तीन सौ किशोर अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। जहां इनकी काउंसलिंग की जाती है। हर किशोर की अपनी अलग-अलग समस्या होती है।
लेकिन अधिकांश किशोरों में पढ़ाई में मन न लगने की समस्या होती है। काउंसलिंग में चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। किशोर असुरक्षित यौन संबंधों में लिप्त हो रहे हैं और उनके भीतर नशे की बढ़ती प्रवृत्ति बढ़ रही है। यही वजह है कि हर महीने तीस से चालीस किशोरों को जिला अस्पताल के आईसीटीसी रेफर किया रहा है। जहां एहतियात के तौर पर उनका एचआईवी टेस्ट किया जाता है।
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"किशोरावस्था में बच्चों पर मां-बाप को अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। इस उम्र में दोस्ती यारी बढ़ती है। नए तौर तरीके सीखते हैं। नशा पान करने लगते हैं। उनके कदम बहक जाते हैं। काउंसलिंग में किशोरों में असुरक्षित यौवन संबंध बनाने की बात सामने आ रही है।"
नेत्रपाल सिंह, काउंसलर, किशोर परामर्श केंद्र, जिला अस्पताल !
किस महीने कितने किशोर आईसीटीसी रेफर किए गए -
--------------------------------------
माह------------किशोरों की संख्या
जनवरी-----------42
फरवरी-----------42
मार्च-------------39
अप्रैल-----------33
मई-------------39
जून------------33
जुलाई----------28
अगस्त----------31
सितंबर----------30
अक्तूबर---------28
नवंबर-----------26
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इसका खुलासा किशोर परामर्श केंद्र के काउंसलिंग में हुआ है। इसकी किशोरावस्था में तेजी से बढ़ रहे असुरक्षित यौवन संबंध है। जिला अस्पताल में बने किशोर परामर्श केंद्र में हर महीने औसतन तीन सौ किशोर अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। जहां इनकी काउंसलिंग की जाती है। हर किशोर की अपनी अलग-अलग समस्या होती है।
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लेकिन अधिकांश किशोरों में पढ़ाई में मन न लगने की समस्या होती है। काउंसलिंग में चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। किशोर असुरक्षित यौन संबंधों में लिप्त हो रहे हैं और उनके भीतर नशे की बढ़ती प्रवृत्ति बढ़ रही है। यही वजह है कि हर महीने तीस से चालीस किशोरों को जिला अस्पताल के आईसीटीसी रेफर किया रहा है। जहां एहतियात के तौर पर उनका एचआईवी टेस्ट किया जाता है।
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"किशोरावस्था में बच्चों पर मां-बाप को अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। इस उम्र में दोस्ती यारी बढ़ती है। नए तौर तरीके सीखते हैं। नशा पान करने लगते हैं। उनके कदम बहक जाते हैं। काउंसलिंग में किशोरों में असुरक्षित यौवन संबंध बनाने की बात सामने आ रही है।"
नेत्रपाल सिंह, काउंसलर, किशोर परामर्श केंद्र, जिला अस्पताल !
किस महीने कितने किशोर आईसीटीसी रेफर किए गए -
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माह------------किशोरों की संख्या
जनवरी-----------42
फरवरी-----------42
मार्च-------------39
अप्रैल-----------33
मई-------------39
जून------------33
जुलाई----------28
अगस्त----------31
सितंबर----------30
अक्तूबर---------28
नवंबर-----------26