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कल और परसों बारिश के आसार, शहरवासियों को अनुमान सच होने का इंतजार
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मुरादाबाद। मानसून को सक्रिय हुए एक माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक भारी बारिश नहीं हो सकी है। अब मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को बारिश के आसार व्यक्त किए हैं। शहरवासी भी इस अनुमान के सच होने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार को बादल छाने के अलावा बूंदाबांदी भी हो सकती है।
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि सोमवार को 12 मिली मीटर, मंगलवार और बुधवार को 30 से 32 मिली मीटर बारिश होने की संभावना है। मुरादाबाद के आस-पास कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी बारिश कम हो रही है। मानसून में अक्सर ऐसा होता है। पिछले 20 वर्षों के मानसून में पहले से काफी बदलाव आया है। पहले एक बार मानसून आता था तो तीन-चार दिन लगातार सभी स्थानों पर एक समान बारिश होती थी। कुछ वर्षों से जिले के कुछ हिस्से में ही बारिश हो पाती है। यह जलवायु परिवर्तन का स्थानीय प्रभाव है। पहाड़ में ठीक बारिश हो रही है, लेकिन मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हो पा रही है। कहीं मानसून पहुंचता है, कहीं नहीं पहुुंच पाता है।
आरके सिंह ने बताया कि देश 36 डिवीजन में बंटा है। 27 डिवीजन में यदि बारिश सामान्य है तो फिर देश के मानसून को सामान्य मान लिया जाता है। इसमें राजस्थान, तमिलनाडू, बुंदेलखंड में बहुत कम बारिश होती है। हर जगह बारिश की सामान्य स्थिति नहीं है। करीब 20 वर्षों में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ी है। उसके स्थानीय प्रभाव से ही मानसून प्रभावित हो रहा है। पिछले पांच साल में इसका असर ज्यादा रहा है। इस बार लॉकडाउन के चलते पर्यावरण स्वच्छ था। नवंबर से मार्च तक बारिश अच्छी हुई है। मानसून भी समय से आ गया था, लेकिन यह स्थानीय प्रभाव की वजह से बारिश का सामान्य वितरण नहीं है। आगामी दो-तीन साल में ब्लॉक स्तर से पूर्वानुमान जारी किया जाएगा तो ज्यादा सटीक होगा। अभी जनपद स्तर पर होने की वजह से कई बार अलग-अलग क्षेत्रों में अंतर आ जाता है। रविवार को दिनभर बादल और धूप की आवाजाही लगी रही। इससे मौसम में उमस और गर्मी बढ़ गई।
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राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में 4.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय की आर्द्रता 79 फीसदी और शाम की 74 फीसदी थी।
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पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि सोमवार को 12 मिली मीटर, मंगलवार और बुधवार को 30 से 32 मिली मीटर बारिश होने की संभावना है। मुरादाबाद के आस-पास कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी बारिश कम हो रही है। मानसून में अक्सर ऐसा होता है। पिछले 20 वर्षों के मानसून में पहले से काफी बदलाव आया है। पहले एक बार मानसून आता था तो तीन-चार दिन लगातार सभी स्थानों पर एक समान बारिश होती थी। कुछ वर्षों से जिले के कुछ हिस्से में ही बारिश हो पाती है। यह जलवायु परिवर्तन का स्थानीय प्रभाव है। पहाड़ में ठीक बारिश हो रही है, लेकिन मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हो पा रही है। कहीं मानसून पहुंचता है, कहीं नहीं पहुुंच पाता है।
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आरके सिंह ने बताया कि देश 36 डिवीजन में बंटा है। 27 डिवीजन में यदि बारिश सामान्य है तो फिर देश के मानसून को सामान्य मान लिया जाता है। इसमें राजस्थान, तमिलनाडू, बुंदेलखंड में बहुत कम बारिश होती है। हर जगह बारिश की सामान्य स्थिति नहीं है। करीब 20 वर्षों में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ी है। उसके स्थानीय प्रभाव से ही मानसून प्रभावित हो रहा है। पिछले पांच साल में इसका असर ज्यादा रहा है। इस बार लॉकडाउन के चलते पर्यावरण स्वच्छ था। नवंबर से मार्च तक बारिश अच्छी हुई है। मानसून भी समय से आ गया था, लेकिन यह स्थानीय प्रभाव की वजह से बारिश का सामान्य वितरण नहीं है। आगामी दो-तीन साल में ब्लॉक स्तर से पूर्वानुमान जारी किया जाएगा तो ज्यादा सटीक होगा। अभी जनपद स्तर पर होने की वजह से कई बार अलग-अलग क्षेत्रों में अंतर आ जाता है। रविवार को दिनभर बादल और धूप की आवाजाही लगी रही। इससे मौसम में उमस और गर्मी बढ़ गई।
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राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के डाटा रीडर निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में 4.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय की आर्द्रता 79 फीसदी और शाम की 74 फीसदी थी।