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Moradabad News: चार प्रमुख चौराहों की बदलेगी सूरत, जाम व प्रदूषण राहत दिलाने की तैयारी
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मुरादाबाद। शहर के चार प्रमुख चौराहों पर जाम की समस्या कम करने और वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए नगर निगम निर्माण कार्य कराने जा रहा है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत कांठ रोड पर डेंटल कॉलेज मोड़, विवेकानंद मोड़, एमडीए वीसी के आवास वाला मोड़ और मुस्कान अस्पताल मोड़ पर सड़क चौड़ीकरण, नालियों को ढकने और डिवाइडर बनाने का काम कराया जाएगा।
योजना में इन चौराहों के आसपास सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नालियों को ढकने से सड़क किनारे का अतिरिक्त हिस्सा भी आवागमन के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। वहीं, डिवाइडर बनने से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे चौराहों पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने और बार-बार रुकने की समस्या कम होने की उम्मीद है। यह कार्य एक करोड़ रुपये से अधिक लागत से किया जाएगा।
नगर निगम ने इन कार्यों को एनसीएपी के तहत रखा है। इसका मकसद शहर में वायु प्रदूषण कम करने के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। मगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि लगातार जाम वाले स्थानों पर वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से ईंधन की खपत और धुएं का उत्सर्जन बढ़ता है। ऐसे में सड़क और चौराहों के ढांचे में सुधार से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को कार्यादेश दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित चौराहों पर निर्माण शुरू होगा।
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नगर निगम की इस योजना से इन मार्गों से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
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योजना में इन चौराहों के आसपास सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नालियों को ढकने से सड़क किनारे का अतिरिक्त हिस्सा भी आवागमन के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। वहीं, डिवाइडर बनने से वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे चौराहों पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने और बार-बार रुकने की समस्या कम होने की उम्मीद है। यह कार्य एक करोड़ रुपये से अधिक लागत से किया जाएगा।
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नगर निगम ने इन कार्यों को एनसीएपी के तहत रखा है। इसका मकसद शहर में वायु प्रदूषण कम करने के साथ यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। मगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि लगातार जाम वाले स्थानों पर वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने से ईंधन की खपत और धुएं का उत्सर्जन बढ़ता है। ऐसे में सड़क और चौराहों के ढांचे में सुधार से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को कार्यादेश दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित चौराहों पर निर्माण शुरू होगा।
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नगर निगम की इस योजना से इन मार्गों से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।