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Moradabad News: तेंदुए के हमले में बाल बाल बचा किसान, बछड़े को मारकर खाया
Fri, 21 Aug 2026 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:12 AM IST
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ठाकुरद्वारा। पाड़ला के जंगल में खेत में काम कर रहा किसान तेंदुए के हमले में बाल-बाल बचा। कुछ ही दूरी पर तेंदुआ एक छुट्टा बछड़े को मारकर उसे खा गया। बृहस्पतिवार को शाम करीब 6:30 बजे गांव लालपुर गोसाई में गांव के पास तेंदुआ देखने से हड़कंप मच गया। दोनों स्थानों पर पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। टीम ने लोगों को तेंदुए के बारे में जागरूक किया। उससे बचाव के तरीके बताएं।
गांव पाड़ला में बुधवार को गांव के रामप्रसाद अपने खेत में काम कर रहे थे तभी उनके ऊपर तेंदुए ने हमला किया। उन्होंने किसी तरह अपना बचाव किया। वहां से उन्होंने भाग कर अपनी जान बचाई तभी तेंदुए ने पास में गन्ने के खेत के पास घूम रहे बछड़े पर हमला कर दिया और उसे खींचकर गन्ने के खेत में ले गया। वहां पर बछड़े को मार कर उसे खाया। गांव की प्रशासक के पति कुलदीप सिंह त्यागी एडवोकेट ने बताया कि तेंदुआ गांव में काफी समय से दिखाई दे रहा है। गांव के अंदर आकर कई कुत्तों और पशुओं को हमला कर मार चुका है। दो वर्ष पहले मनरेगा में मजदूरी कर रही राजबाला और खेत में काम कर रहे हैं राजीव कुमार पर हमला किया था लेकिन उन्होंने किसी तरह अपना बचाव किया था। कुलदीप त्यागी ने बताया कि बुधवार को तेंदुए की घटना के बाद इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई जिस पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी यहां पर आए थे उन्होंने ड्रोन उड़ाया था तो उसमें तेंदुआ जंगल में दिखाई दिया था जिस पर ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को घटना की जांच के लिए सीओ आशीष प्रताप सिंह और रेंजर रवि कुमार गंगवार के साथ वन विभाग और पुलिस की टीम गांव पाड़ला में पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के साथ बैठक की उन्हें पंपलेट देकर तेंदुए से बचाव के लिए जागरूक किया। अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग में शीघ्र गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है। उधर शाम को करीब 6:30 बजे गांव लालपुर गोसाई में गांव के जालम सिंह सैनी के घर के पास आकर तेंदुआ बैठ गया। उनके शोर मचाने पर गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर आ गए तो तेंदुआ पास में स्थित गन्ने के खेत में घुस गया। गांव के निवासी अबरार सैफी ने बताया कि आठ दिन पहले तेंदुआ गांव के कुतुबुद्दीन के घर के अंदर घुस गया था। उसने परिवार सहित किसी संस्था ने घर से भाग कर अपनी जान बचाई थी। सूचना पर वन विभाग पुलिस की टीम भी यहां पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों को जागरूक किया। उनसे अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार गांव-गांव से तेंदुए के देखने की खबरें आ रही है। कुछ सही होती है तो कुछ अफवाह भी होती है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और तेंदुओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में वन विभाग और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया है।
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गांव पाड़ला में बुधवार को गांव के रामप्रसाद अपने खेत में काम कर रहे थे तभी उनके ऊपर तेंदुए ने हमला किया। उन्होंने किसी तरह अपना बचाव किया। वहां से उन्होंने भाग कर अपनी जान बचाई तभी तेंदुए ने पास में गन्ने के खेत के पास घूम रहे बछड़े पर हमला कर दिया और उसे खींचकर गन्ने के खेत में ले गया। वहां पर बछड़े को मार कर उसे खाया। गांव की प्रशासक के पति कुलदीप सिंह त्यागी एडवोकेट ने बताया कि तेंदुआ गांव में काफी समय से दिखाई दे रहा है। गांव के अंदर आकर कई कुत्तों और पशुओं को हमला कर मार चुका है। दो वर्ष पहले मनरेगा में मजदूरी कर रही राजबाला और खेत में काम कर रहे हैं राजीव कुमार पर हमला किया था लेकिन उन्होंने किसी तरह अपना बचाव किया था। कुलदीप त्यागी ने बताया कि बुधवार को तेंदुए की घटना के बाद इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई जिस पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी यहां पर आए थे उन्होंने ड्रोन उड़ाया था तो उसमें तेंदुआ जंगल में दिखाई दिया था जिस पर ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को घटना की जांच के लिए सीओ आशीष प्रताप सिंह और रेंजर रवि कुमार गंगवार के साथ वन विभाग और पुलिस की टीम गांव पाड़ला में पहुंची। टीम ने ग्रामीणों के साथ बैठक की उन्हें पंपलेट देकर तेंदुए से बचाव के लिए जागरूक किया। अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग में शीघ्र गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है। उधर शाम को करीब 6:30 बजे गांव लालपुर गोसाई में गांव के जालम सिंह सैनी के घर के पास आकर तेंदुआ बैठ गया। उनके शोर मचाने पर गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर आ गए तो तेंदुआ पास में स्थित गन्ने के खेत में घुस गया। गांव के निवासी अबरार सैफी ने बताया कि आठ दिन पहले तेंदुआ गांव के कुतुबुद्दीन के घर के अंदर घुस गया था। उसने परिवार सहित किसी संस्था ने घर से भाग कर अपनी जान बचाई थी। सूचना पर वन विभाग पुलिस की टीम भी यहां पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों को जागरूक किया। उनसे अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी। सीओ आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार गांव-गांव से तेंदुए के देखने की खबरें आ रही है। कुछ सही होती है तो कुछ अफवाह भी होती है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और तेंदुओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में वन विभाग और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया है।
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