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प्रिंस रोड पर नकली दवा का जखीरा पकड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।
Updated Fri, 16 Mar 2018 03:08 AM IST
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नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा
- फोटो : demo pic
औषधि विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर असालतपुरा में छापामारी कर डेढ़ करोड़ से ज्यादा की नकली दवा पकड़ी। दवा फिजीशियन सैंपल के रूप में तैयार की गई थी। विशेषज्ञों ने शुरूआती जांच में दवा को नकली बताया है। निर्माणाधीन मकान में दवा स्टोर कर सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सेहत के लिए खतरनाक इस दवा के पीछे बड़े रैकेट के शामिल होने की आशंका है। छह विदेशी सहित दवा की 14 कंपनियों को भी नोटिस भेजे गए हैं।
ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों को प्रिंस रोड से नकली दवाओं के बड़े स्तर पर सप्लाई होने की जानकारी मिल रही थी। इसको लेकर अफसरों ने एक सप्ताह से जाल बिछा रखा था। बृहस्पतिवार दोपहर सूचना मिलते ही औषधि उपायुक्त आरपी पांडेय और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक ने भारी पुलिस बल के साथ छापामारी की। असालतपुरा में प्रिंस रोड पर कूड़ाघर के सामने एक निर्माणाधीन मकान में बड़े स्तर पर नकली दवाओं का भंडार मिला। पुलिस ने मुख्य आरोपी इस्लाम उर्फ इस्माइल को मौके से दबोच लिया। उसने पूछताछ में दवाओं से भरे एक बड़े कमरे की और जानकारी दी।
करीब 1.67 करोड़ रुपये की दवा बरामद की गई। छह विदेशी सहित 14 नामचीन कंपनियों की इस दवा पर फिजीशियन सैंपल की मुहर लगी है। ड्रग अफसरों की शुरूआती जांच में यह दवा नकली है। जिस तरह से दवा का भंडारण किया गया था, वह भी दवा को जानलेवा बनाने को काफी है। दो टैंपो में भरकर लाई गई दवा को गलशहीद थाने में रखकर लिस्टिंग की जा रही है। इसके 12 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। पूरे मामले पर लखनऊ से नजर रखी जा रही है। सभी दवा कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य आरोपी को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की गई है। दवा की लिस्टिंग का काम रात करीब तीन बजे तक चलेगा।
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करना पड़ा विरोध का सामना- टीम को दवा के गोदाम पर कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। शुरूआत में पुलिस बल की कमी के चलते अफसर शांत रहे। उसके बाद अतिरिक्त पुलिस बुलाकर कार्रवाई की गई। आसपास के लोगों को टीम को दवा भरवाने को मजदूर और लेकर आने को वाहन तक देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बुधबाजार से वाहन और मजदूर बुलाकर दवा को भरवाया।
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ड्रग डिपार्टमेंट के अधिकारियों को प्रिंस रोड से नकली दवाओं के बड़े स्तर पर सप्लाई होने की जानकारी मिल रही थी। इसको लेकर अफसरों ने एक सप्ताह से जाल बिछा रखा था। बृहस्पतिवार दोपहर सूचना मिलते ही औषधि उपायुक्त आरपी पांडेय और ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन दीपक ने भारी पुलिस बल के साथ छापामारी की। असालतपुरा में प्रिंस रोड पर कूड़ाघर के सामने एक निर्माणाधीन मकान में बड़े स्तर पर नकली दवाओं का भंडार मिला। पुलिस ने मुख्य आरोपी इस्लाम उर्फ इस्माइल को मौके से दबोच लिया। उसने पूछताछ में दवाओं से भरे एक बड़े कमरे की और जानकारी दी।
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करीब 1.67 करोड़ रुपये की दवा बरामद की गई। छह विदेशी सहित 14 नामचीन कंपनियों की इस दवा पर फिजीशियन सैंपल की मुहर लगी है। ड्रग अफसरों की शुरूआती जांच में यह दवा नकली है। जिस तरह से दवा का भंडारण किया गया था, वह भी दवा को जानलेवा बनाने को काफी है। दो टैंपो में भरकर लाई गई दवा को गलशहीद थाने में रखकर लिस्टिंग की जा रही है। इसके 12 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। पूरे मामले पर लखनऊ से नजर रखी जा रही है। सभी दवा कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्य आरोपी को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की गई है। दवा की लिस्टिंग का काम रात करीब तीन बजे तक चलेगा।
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करना पड़ा विरोध का सामना- टीम को दवा के गोदाम पर कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। शुरूआत में पुलिस बल की कमी के चलते अफसर शांत रहे। उसके बाद अतिरिक्त पुलिस बुलाकर कार्रवाई की गई। आसपास के लोगों को टीम को दवा भरवाने को मजदूर और लेकर आने को वाहन तक देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बुधबाजार से वाहन और मजदूर बुलाकर दवा को भरवाया।