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Moradabad News: रंजिश और लालच में दवा व्यापारी ने फुफेरे भाइयों के साथ दिया था वारदात को अंजाम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:33 AM IST
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Driven by a grudge and greed, a medicine trader executed the crime with his cousins.
मुरादाबाद। मझोला के चाऊ की बस्ती निवासी नंद किशोर उर्फ नंदू और कारोबारी कुलदीप गुप्ता की मुलाकात घटना से करीब चार साल पहले एक शादी समारोह में हुई थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना था। नंद किशोर के पास दवा कंपनी की एक एजेंसी थी। उसने घटना से दो माह पहले कुलदीप गुप्ता से 65 हजार रुपये उधार मांगे थे लेकिन कुलदीप गुप्ता ने उसे रुपये देने से इन्कार कर दिया था। इसी बात से नंद किशोर उनसे रंजिश रखने लगा था। आरोपी को एजेंसी की किस्त भी जमा करनी थी। इसलिए उसने काजीपुरा में रहने वाले अपने फुफेरे भाइयों के साथ मिलकर कुलदीप गुप्ता को अगवा कर फिरौती वसूलने और फिर हत्या करने की साजिश रची थी। घटना वाले दिन नंद किशोर कुलदीप गुप्ता की दुकान पर पहुंचा और उसने कहा कि कॉसमॉस अस्पताल में उसके रिश्तेदार भर्ती हैं उन्हें देखने चल रहे हैं। कुलदीप गुप्ता उसके साथ बाइक से अस्पताल चले गए थे वहां पहले से नंद किशोर के दोनों भाई एंबुलेंस लेकर खड़े थे। तीनों ने उन्हें एंबुलेंस में डाल लिया था।
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-- रकम वसूलने के बाद टूल्स बॉक्स की रॉड से सिर पर किया था हमला
मुरादाबाद। कुलदीप गुप्ता की पत्नी सुनीता से चार लाख रुपये वसूलने के बाद आरोपियों ने एंबुलेंस के टूल्स बॉक्स की रॉड से हमला कर हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश बिजनौर जिले में फेंक दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में हमला कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
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पांच साल किया इन्साफ के लिए संघर्ष, लालच और धमकियां से भी नहीं डरा परिवार
मुरादाबाद। ऑटो स्पेयर पार्ट्स कारोबारी कुलदीप गुप्ता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए परिवार ने इन्साफ के लिए बहुत संघर्ष किया। इन पांच सालों में उनके परिवार को लालच देकर समझौता करने के लिए लालच दिया गया। जब परिवार समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुआ था तो उन्हें धमकियां भी मिलीं। परिवार मिलन विहार में रहता था लेकिन कुछ लोग मकान के आसपास रेकी भी करते देखे गए थे। जिस कारण कुलदीप गुप्ता की पत्नी और बेटे ने मिलन विहार ही छोड़ दिया और वह बुद्धि विहार में रहने लगे। कुलदीप गुप्ता के भाई संजीव गुप्ता इस केस के वादी हैं और उन्होंने वह तारीख पर कोर्ट पहुंचे और बयान दर्ज कराए। बृहस्पतिवार को इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाया तो बड़े भाई संजीव गुप्ता और कारोबारी की पत्नी सुनीता गुप्ता की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले संतुष्ट हैं।
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