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कर्ज में डूबे वाहन चालक ने ट्रेन से कटकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 02:35 AM IST
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रेल ट्रेक
- फोटो : demo pic
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सिविल लाइंस के चंद्र नगर में कर्ज में डूबे एक यूनिवर्सिटी के वाहन चालक ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह वह घर से ड्यूटी के लिए निकला थे, लेकिन लोकोशेड पुल के पास वह ट्रेन के आगे कूद गए। ट्रेन गुजरने के बाद लोगों ने शव पड़ देखा तो पुलिस को सूचना दे दी। चालक की जेब से सुसाइड नोट मिला है।
जिसमें उन्होंने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के चंद्र नगर बिजली घर के सामने रहने वाले योगेश कुमार ठाकुर (45) एक यूनिवर्सिटी में चालक थे। उनकी पत्नी मीना भी उसी संस्थान में कैश काउंटर पर कार्यरत हैं। दो बेटियां कनिष्का(16), नेहा (14)और बेटा तुषार(11)पढ़ाई कर रहे हैं।
योगेश ने अपने मकान पर दस लाख रुपये का लोन लिया था। करीब दो लाख का ब्याज हो गया। योगेश कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। जिसे लेकर योगेश तनाव में थे। परिवार वाले लगातार उन्हें समझा रहे थे, लेकिन उनका तनाव कम नहीं हो पाया। शुक्रवार को पत्नी ड्यूटी चली गई, जबकि बेटी और बेटा स्कूल चले गए।
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करीब साढ़े दस बजे योगेश तैयार होकर अपनी सास शीला से ड्यूटी जाने को कहकर घर से निकले और घर से करीब 50 मीटर दूर लोकोशेड पुल के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन के आगे कूद गए। ट्रेन गुजरने के बाद लोगों ने शव पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। खबर मिलने पर पुलिस पहुंच गई।
पार्षद गंगाराम सैनी ने मृतक की पहचान योगेश के रूप में की। चालक द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से परिवार में कोहराम मच गया। चालक द्वारा पुलिस ने मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर डीके शुक्ला ने बताया कि पीएम के बाद शव सौंप दिया है।
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जिसमें उन्होंने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के चंद्र नगर बिजली घर के सामने रहने वाले योगेश कुमार ठाकुर (45) एक यूनिवर्सिटी में चालक थे। उनकी पत्नी मीना भी उसी संस्थान में कैश काउंटर पर कार्यरत हैं। दो बेटियां कनिष्का(16), नेहा (14)और बेटा तुषार(11)पढ़ाई कर रहे हैं।
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योगेश ने अपने मकान पर दस लाख रुपये का लोन लिया था। करीब दो लाख का ब्याज हो गया। योगेश कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। जिसे लेकर योगेश तनाव में थे। परिवार वाले लगातार उन्हें समझा रहे थे, लेकिन उनका तनाव कम नहीं हो पाया। शुक्रवार को पत्नी ड्यूटी चली गई, जबकि बेटी और बेटा स्कूल चले गए।
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करीब साढ़े दस बजे योगेश तैयार होकर अपनी सास शीला से ड्यूटी जाने को कहकर घर से निकले और घर से करीब 50 मीटर दूर लोकोशेड पुल के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन के आगे कूद गए। ट्रेन गुजरने के बाद लोगों ने शव पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी। खबर मिलने पर पुलिस पहुंच गई।
पार्षद गंगाराम सैनी ने मृतक की पहचान योगेश के रूप में की। चालक द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से परिवार में कोहराम मच गया। चालक द्वारा पुलिस ने मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर डीके शुक्ला ने बताया कि पीएम के बाद शव सौंप दिया है।