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महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने में सात साल की कैद
Thu, 07 Nov 2019 06:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 06:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंद्रह सुभाष सिंह की अदालत ने बुधवार को महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुलजिम विकास को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद की सजा सुनाई है जबकि पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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एडीजीसी सुरेश सिंह ने बताया कि चार जुलाई 2017 को मझोला थाने में हरदोई जनपद के मझिला शाहबाद थानाक्षेत्र के बद्दापुर निवासी नकुल देव ने विकास निवासी कोर्रिया थाना कांठ जनपद शाहबाद के खिलाफ केस आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया था।
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नकुल देव ने बताया कि उसने अपनी बेटी राधा मिश्रा की शादी राजू मिश्रा के साथ की थी। आरोपी विकास उसकी बेटी को नौकरी लगवाने का झांसा देकर मुरादाबाद ले आया था। राधा मझोला क्षेत्र के लाकड़ी में किराये के मकान में रहती थी। यहां विकास ने उसकी बेटी का उत्पीड़न किया।
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उसके साथ मारपीट की। जिससे परेशान होकर राधा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने केस की तफ्तीश करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
इस केस की सुनवाई एडीजे पंद्रह सुभाष सिंह की अदालत में चली। सरकार की ओर से एडीजीसी सुरेश सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम विकास को कड़ी सजा दिलाने के लिए दलीलें दी। अदालत ने दोनों पक्षों में सुनने के बाद मुलजिम विकास को दोषी करार देते हुए सात साल की सश्रम सजा और पंद्रह हजार का अर्थदंड लगाया है।