{"_id":"5e333ef38ebc3e4afd2fcf7a","slug":"caa-city-news-mbd3381685141","type":"story","status":"publish","title_hn":"देर रात तक जुटी रही भीड़, जुमे की नमाज पर पैनी नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देर रात तक जुटी रही भीड़, जुमे की नमाज पर पैनी नजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर यहां ईदगाह में शुरू किए गए धरने के दूसरे दिन भी भी पुरुष व महिलाओं की बढी़ संख्या से प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची दिखाई दी। शुक्रवार को नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या और अधिक बढ़ने तथा आंदोलनकारियों के नमाज के बाद संभावित प्रदर्शन की आशंका को लेकर प्रशासन पूरे दिन रणनीति बनाने में जुटा रहा। सपा विधायक देहात क्षेत्र हाजी इकराम कुरैशी ने शाम को धरना स्थल पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों से शुक्रवार को नमाज के बाद सड़क पर जुलूस न निकालने की अपील भी की। शुक्रवार को मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी समेत कुछ अन्य वामपंथी नेताओं के भी मुरादाबाद पहुंचने की सूचना को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। गुरुवार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखते हुए आंदोलनकारियों ने सभा में जमकर भाजपा पर हमला बोला।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बुधवार को सुबह मुस्लिम समुदाय के लोगों में से अधिकांश ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर ईदगाह पहुंच कर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन फ्लाप करने के लिए प्रशासन ने टेंट हाउस की दुकानें बंद कराईं, मुकदमा भी लिखा, लेकिन इसके बाद भी गुरुवार को आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए। सुबह से लेकर देर रात तक धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पुरुष व महिलाओं के आने का सिलसिला जारी रहा। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में आंदोलनकारियों की भीड़ जुटी रही। महिलाओं के धरना स्थल पर हुई सभा में हाईकोर्ट इलाहाबाद की अधिवक्ता शाजिया अफजल, संभल से आईं रानी और मुरादाबाद की महिला शिक्षक शबाना फैय्याज ने भाषण दिया। कहा कि केंद्र सरकार महंगाई, शिक्षा और विकास के मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन कानून लाया गया है। यह कानून सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं है बल्कि यह पूरी जनता के लिए है। यह कानून संविधान के खिलाफ है।
आंदोलन स्थल पर देर शाम पहुंचे मुरादाबाद (देहात) सीट से सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई ऐसा काम नहीं करना है जिससे प्रशासन से टकराव की स्थिति पैदा हो। इसलिए सभी लोग चाहे तो जुमे की नमाज अपने-अपने मोहल्लों में पढ़ लें। नमाज के बाद सड़कों पर जुलूस न निकालें। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के आंदोलनकारी प्रशासन को अमन और शांति का पैगाम दें। उन्होंने कहा कि मोदी और अमित शाह ने पहले तीन तलाक, फिर धारा 370, फिर सीएए और अब एनआरसी लाना चाहते हैं। उनकी मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि जब तक यह कानून वापस नहीं होता धरना जारी रखें। इस मौके पर मूल निवासी मंच के अजीत सिंह, लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के संस्थापक हाजी इकबाल आदि ने कहा कि भाजपा ने सीएए लाकर लोकतंत्र पर हमला किया है। सभा को पूर्व एमपी इसहाक संभली के पोते हस्साम संभली, अतर अंसारी, असलम पंचायती, सैय्यद फैज मसूद, इशरत हुसैन, अब्दुल कद्दूस, हेहंदी हसन, डा., जमाल, आशिक चौधरी, गुड्डू अजीज वकी रशीद ने आदि ने भी संबोधित किया। संचालन मुस्तफा अली ने किया। धरना स्थल पर पहुंच कर भाकपा (माले) जिला संयोजक रोहिताश राजपूत, गन्ना समिति उत्तर प्रदेश के चेयरमैन जयवीर सिंह यादव आदि ने भी पहुंच कर समर्थन व्यक्त किया।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ी की चर्चा
यहां मुरादाबाद लोक सभा सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी के शुक्रवार को प्रदर्शन स्थल पहुंचने की चर्चाएं होती रहीं। इसे लेकर खुफिया विभाग के अधिकारी भी इसकी टोह लेते रहे। हालांकि देर सायं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर ने इस तरह की किसी सूचना से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार उन्होंने इमरान प्रतापगढ़ी से बात भी करनी चाही थी, लेकिन फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। भाकपा (माले) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी गिरजा पाठक शुक्रवार यहां पहुंच रहे हैं। पार्टी के जिला संयोजक रोहिताश राजपूत ने बताया कि वह यहां पहुंच आंदोलनकारियों को समर्थन व्यक्त करेंगे।
मंच से की अपील महिलाएं साथ न लाएं बच्चे
मुरादाबाद। आंदोलन स्थल पर गुरुवार पहुंची कई महिलाएं अपने साथ छोटे बच्चे भी लेकर धरना स्थल पहुंची थीं। इस सभा का संचालन कर रहीं शाजिया अफजल ने शुक्रवार से महिलाओं से अपने छोटे बच्चे साथ न लाने की अपील की। उजमा ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को समाचार पत्रों में पढ़ा है कि लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं द्वारा छोटे बच्चों को साथ लेकर प्रदर्शन करने पर सरकार उनके अभिभावकों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसमें तीन साल की सजा कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमे कानून के दायरे में रह कर प्रदर्शन करना है। लिहाजा शुक्रवार से प्रदर्शन में शामिल होने आने वाली महिलाएं शुक्रवार से अपने साथ बच्चे न लाएं।
विज्ञापन
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बुधवार को सुबह मुस्लिम समुदाय के लोगों में से अधिकांश ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर ईदगाह पहुंच कर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन फ्लाप करने के लिए प्रशासन ने टेंट हाउस की दुकानें बंद कराईं, मुकदमा भी लिखा, लेकिन इसके बाद भी गुरुवार को आंदोलनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए। सुबह से लेकर देर रात तक धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पुरुष व महिलाओं के आने का सिलसिला जारी रहा। धरना स्थल पर हजारों की संख्या में आंदोलनकारियों की भीड़ जुटी रही। महिलाओं के धरना स्थल पर हुई सभा में हाईकोर्ट इलाहाबाद की अधिवक्ता शाजिया अफजल, संभल से आईं रानी और मुरादाबाद की महिला शिक्षक शबाना फैय्याज ने भाषण दिया। कहा कि केंद्र सरकार महंगाई, शिक्षा और विकास के मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन कानून लाया गया है। यह कानून सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं है बल्कि यह पूरी जनता के लिए है। यह कानून संविधान के खिलाफ है।
विज्ञापन
आंदोलन स्थल पर देर शाम पहुंचे मुरादाबाद (देहात) सीट से सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई ऐसा काम नहीं करना है जिससे प्रशासन से टकराव की स्थिति पैदा हो। इसलिए सभी लोग चाहे तो जुमे की नमाज अपने-अपने मोहल्लों में पढ़ लें। नमाज के बाद सड़कों पर जुलूस न निकालें। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के आंदोलनकारी प्रशासन को अमन और शांति का पैगाम दें। उन्होंने कहा कि मोदी और अमित शाह ने पहले तीन तलाक, फिर धारा 370, फिर सीएए और अब एनआरसी लाना चाहते हैं। उनकी मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि जब तक यह कानून वापस नहीं होता धरना जारी रखें। इस मौके पर मूल निवासी मंच के अजीत सिंह, लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के संस्थापक हाजी इकबाल आदि ने कहा कि भाजपा ने सीएए लाकर लोकतंत्र पर हमला किया है। सभा को पूर्व एमपी इसहाक संभली के पोते हस्साम संभली, अतर अंसारी, असलम पंचायती, सैय्यद फैज मसूद, इशरत हुसैन, अब्दुल कद्दूस, हेहंदी हसन, डा., जमाल, आशिक चौधरी, गुड्डू अजीज वकी रशीद ने आदि ने भी संबोधित किया। संचालन मुस्तफा अली ने किया। धरना स्थल पर पहुंच कर भाकपा (माले) जिला संयोजक रोहिताश राजपूत, गन्ना समिति उत्तर प्रदेश के चेयरमैन जयवीर सिंह यादव आदि ने भी पहुंच कर समर्थन व्यक्त किया।
विज्ञापन
प्रतापगढ़ी की चर्चा
यहां मुरादाबाद लोक सभा सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी के शुक्रवार को प्रदर्शन स्थल पहुंचने की चर्चाएं होती रहीं। इसे लेकर खुफिया विभाग के अधिकारी भी इसकी टोह लेते रहे। हालांकि देर सायं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर ने इस तरह की किसी सूचना से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार उन्होंने इमरान प्रतापगढ़ी से बात भी करनी चाही थी, लेकिन फोन बंद होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। भाकपा (माले) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी गिरजा पाठक शुक्रवार यहां पहुंच रहे हैं। पार्टी के जिला संयोजक रोहिताश राजपूत ने बताया कि वह यहां पहुंच आंदोलनकारियों को समर्थन व्यक्त करेंगे।
मंच से की अपील महिलाएं साथ न लाएं बच्चे
मुरादाबाद। आंदोलन स्थल पर गुरुवार पहुंची कई महिलाएं अपने साथ छोटे बच्चे भी लेकर धरना स्थल पहुंची थीं। इस सभा का संचालन कर रहीं शाजिया अफजल ने शुक्रवार से महिलाओं से अपने छोटे बच्चे साथ न लाने की अपील की। उजमा ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को समाचार पत्रों में पढ़ा है कि लखनऊ के घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं द्वारा छोटे बच्चों को साथ लेकर प्रदर्शन करने पर सरकार उनके अभिभावकों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसमें तीन साल की सजा कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमे कानून के दायरे में रह कर प्रदर्शन करना है। लिहाजा शुक्रवार से प्रदर्शन में शामिल होने आने वाली महिलाएं शुक्रवार से अपने साथ बच्चे न लाएं।