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नोटबंदी का असर.. मेटल की तेजी ने तोड़ी एक्सपोटर्स की कमर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 03 Mar 2017 02:14 AM IST
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brass utensils
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नोटबंदी के बाद से मंदी की मार झेल रही मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर अब मेटल के बढ़े दामों की मार पड़ी है। ब्रास, एल्युमीनियम समेत तमाम मेटल्स के दामों में पिछले पंद्रह दिनों में दस से 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। जिसकी वजह से एक्सपोर्ट इंडस्ट्री की कमर टूट गई है।
निर्यातकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि तमाम निर्यातक फरवरी में हुए जर्मनी फेयर और दिल्ली फेयर में बायर्स से पुरानी दर के हिसाब से ही आर्डर ले चुके हैं। निर्यातकों ने उस वक्त अपने प्रोडक्ट के रेट्स मेटल के तत्कालीन रेट्स के आधार पर तय किए थे।
इसके अलावा अक्तूबर फेयर के आर्डर भी अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, वो आर्डर भी मेटल्स के पुराने रेट के हिसाब से ही बुक किए गए थे। इधर, मेटल के रेट में तो 16 फीसदी तक का इजाफा हुआ है लेकिन निर्यातक चाहकर भी अपने प्रोडक्ट्स की कास्ट अब नहीं बढ़ा सकते।
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उन्हें बायर्स को पुराने रेट्स पर ही आर्डर की सप्लाई देनी होगी। इसका मतलब साफ है कि मेटल के बढ़े दाम सीधे तौर पर निर्यातकों के मुनाफे में कटौती करेंगे।
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निर्यातकों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि तमाम निर्यातक फरवरी में हुए जर्मनी फेयर और दिल्ली फेयर में बायर्स से पुरानी दर के हिसाब से ही आर्डर ले चुके हैं। निर्यातकों ने उस वक्त अपने प्रोडक्ट के रेट्स मेटल के तत्कालीन रेट्स के आधार पर तय किए थे।
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इसके अलावा अक्तूबर फेयर के आर्डर भी अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, वो आर्डर भी मेटल्स के पुराने रेट के हिसाब से ही बुक किए गए थे। इधर, मेटल के रेट में तो 16 फीसदी तक का इजाफा हुआ है लेकिन निर्यातक चाहकर भी अपने प्रोडक्ट्स की कास्ट अब नहीं बढ़ा सकते।
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उन्हें बायर्स को पुराने रेट्स पर ही आर्डर की सप्लाई देनी होगी। इसका मतलब साफ है कि मेटल के बढ़े दाम सीधे तौर पर निर्यातकों के मुनाफे में कटौती करेंगे।