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गुजरात में बीजेपी के जीतने का मतलब ईवीएम में गड़बड़ी
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:35 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी के रुहेलखंड मंडल की समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि अगर गुजरात में बीजेपी जीतती है तो इसका मतलब है कि ईवीएम मशीन में गड़बड़ी की गई है।
संजय सिंह ने कहा कि गुजरात चुनाव के प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में आधे से अधिक सीटें खाली थीं। बीजेपी के एक मंत्री को भी वहां की जनता ने भगा दिया था। वहीं हार्दिक पटेल की सभाओं में जनता की भागीदारी अधिक थी। ऐसे में यह जाहिर होता है कि गुजरात की जनता बीजेपी को नहीं चाहती।
इसके बाद भी अगर बीजेपी चुनाव जीतती है तो इसका सीधा मतलब है कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई। वहीं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए संजय ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज जाति, धर्म, मंदिर, मस्जिद की राजनीति में उलझा है। बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और कानून व्यवस्था के सवाल पर बात नहीं हो रही है।
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आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। पानी मुफ्त और बिजली आधी दरों पर देकर संदेश दिया है कि अगर सरकार चाहे तो जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली के दामों में वृद्धि के खिलाफ 20 दिसंबर से 10 जनवरी तक व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संजय सिंह के साथ आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष भी समीक्षा बैठक में पहुंचे थे।
नई कार्यकारिणी का हुआ गठन
निकाय चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश प्रभारी ने आप की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी थी। जोन की समीक्षा बैठक के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें चौधरी जबर सिंह को जिलाध्यक्ष, अनिल विश्नोई को जिलाउपाध्यक्ष, हाजी हसीन अहमद को महासचिव, सरदार गुरविंदर सिंह को महानगर अध्यक्ष, दीपक कश्यप को कोषाध्यक्ष मानोनित किया गया। वहीं जावेद रशीद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
संजय सिंह ने कहा कि गुजरात चुनाव के प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं में आधे से अधिक सीटें खाली थीं। बीजेपी के एक मंत्री को भी वहां की जनता ने भगा दिया था। वहीं हार्दिक पटेल की सभाओं में जनता की भागीदारी अधिक थी। ऐसे में यह जाहिर होता है कि गुजरात की जनता बीजेपी को नहीं चाहती।
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इसके बाद भी अगर बीजेपी चुनाव जीतती है तो इसका सीधा मतलब है कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई। वहीं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए संजय ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज जाति, धर्म, मंदिर, मस्जिद की राजनीति में उलझा है। बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और कानून व्यवस्था के सवाल पर बात नहीं हो रही है।
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आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किया है। पानी मुफ्त और बिजली आधी दरों पर देकर संदेश दिया है कि अगर सरकार चाहे तो जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली के दामों में वृद्धि के खिलाफ 20 दिसंबर से 10 जनवरी तक व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संजय सिंह के साथ आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष भी समीक्षा बैठक में पहुंचे थे।
नई कार्यकारिणी का हुआ गठन
निकाय चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश प्रभारी ने आप की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी थी। जोन की समीक्षा बैठक के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें चौधरी जबर सिंह को जिलाध्यक्ष, अनिल विश्नोई को जिलाउपाध्यक्ष, हाजी हसीन अहमद को महासचिव, सरदार गुरविंदर सिंह को महानगर अध्यक्ष, दीपक कश्यप को कोषाध्यक्ष मानोनित किया गया। वहीं जावेद रशीद को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।