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शरारत नहीं, बड़ी साजिश थी पटरी काटने की कोशिश
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 20 Feb 2017 02:17 AM IST
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काटी गई रेलवे ट्रैक की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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चंदौसी में छह दिन के भीतर दो बार पटरी काटने की कोशिश कोई शरारत नहीं थी, बल्कि कानपुर रेल हादसे जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई थी। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की अब तक की जांच में ये ही तथ्य सामने आए हैं। ये बात सामने आने के बाद से रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
आरपीएफ और यूपी एटीएस की टीमें लगातार छापेमारी में जुटी हैं। चौदह फरवरी को चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर तड़के गुमथल स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज पुल के पास करीब 32 एमएम पटरी काट दी गई।
इसके पूर्व आठ फरवरी को चंदौसी अलीगढ़ रूट पर पांच एमएम पटरी काटी गई थी। महज छह दिनों में ट्रैक काटने की कोशिश की ये दूसरी घटना से बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मच गया।
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कानपुर रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर इस मामले की जांच एटीएस लखनऊ कर रही है।। जांच एजेंसियां हर बिंदु पर काम कर रही है। जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि ये कोई शरारत नहीं थीं। बल्कि बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश थी। जबकि कानपुर हादसे में आतंकी बात सामने पहले ही आ चुकी है। लगातार आतंकी अब रेलव मार्ग को अपना निशाना बना रहे हैं।
चंदौसी में पटरी काटने के मामले की जांच कर रही एटीएस की मदद एलआईयू करेगी। एलआईयू जांच एजेंसियों से इनपुट जुटा रही है। जांच मेें मिले इनपुट को एलआईयू की टीम एटीएस को सौंपेंगी। रविवार को एलआईयू की टीम ने मौके पर गई और जीआरपी की टीम से जानकारी ली।
हालांकि इंटेलिजेंस एजेंसियां पहले से जांच में लगी हैं। वहीं आरपीएफ की विंग सीआईबी और एसआईबी भी लगी हुई है। अब इस मामले में एटीएस की मदद में एलआईयू भी लग गई है। एलआईयू की टीम जांच एजेंसियों के अब तक के इनपुट जुटा रही है।
आतंकी गतिविधियोें में मुरादाबाद मंडल का नाम पहले भी बदनाम हो चुका है। मेरठ में पीएसी कैंप पर हमला कर भागे सलीम पतला ने भी मुरादाबाद में ही पनाह ली थी। जबकि मध्य प्रदेश की खड़वा जेल से फरार हुए सिमी के छह आतंकी बिजनौर में खुद को मुरादाबाद निवासी बताकर छिपे थे।
इसके अलावा संभल निवासी आसिम भी आतंकी गतिविधियों में पकड़ा जा चुका है। अब चंदौसी में कुछ ही दिन के अंतराल में दो बार रेल ट्रैक उखाड़ने की कोशिश हो चुकी है। दूसरी घटना ने पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए।
अब कुछ ही दूरी पर वॉकीटॉकी से छेड़छाड़ हुई तो खुफिया टीमें अलर्ट हो गई। टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। मंडल में कश्मीर, वेस्ट बंगाल और अन्य प्रदेशों के लोग यहां मेहनत मजदूरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो अब इन लोगों की तस्दीक की जा रही है।
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आरपीएफ और यूपी एटीएस की टीमें लगातार छापेमारी में जुटी हैं। चौदह फरवरी को चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर तड़के गुमथल स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज पुल के पास करीब 32 एमएम पटरी काट दी गई।
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इसके पूर्व आठ फरवरी को चंदौसी अलीगढ़ रूट पर पांच एमएम पटरी काटी गई थी। महज छह दिनों में ट्रैक काटने की कोशिश की ये दूसरी घटना से बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मच गया।
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कानपुर रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर इस मामले की जांच एटीएस लखनऊ कर रही है।। जांच एजेंसियां हर बिंदु पर काम कर रही है। जबकि फोरेंसिक रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि ये कोई शरारत नहीं थीं। बल्कि बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश थी। जबकि कानपुर हादसे में आतंकी बात सामने पहले ही आ चुकी है। लगातार आतंकी अब रेलव मार्ग को अपना निशाना बना रहे हैं।
चंदौसी में पटरी काटने के मामले की जांच कर रही एटीएस की मदद एलआईयू करेगी। एलआईयू जांच एजेंसियों से इनपुट जुटा रही है। जांच मेें मिले इनपुट को एलआईयू की टीम एटीएस को सौंपेंगी। रविवार को एलआईयू की टीम ने मौके पर गई और जीआरपी की टीम से जानकारी ली।
हालांकि इंटेलिजेंस एजेंसियां पहले से जांच में लगी हैं। वहीं आरपीएफ की विंग सीआईबी और एसआईबी भी लगी हुई है। अब इस मामले में एटीएस की मदद में एलआईयू भी लग गई है। एलआईयू की टीम जांच एजेंसियों के अब तक के इनपुट जुटा रही है।
आतंकी गतिविधियोें में मुरादाबाद मंडल का नाम पहले भी बदनाम हो चुका है। मेरठ में पीएसी कैंप पर हमला कर भागे सलीम पतला ने भी मुरादाबाद में ही पनाह ली थी। जबकि मध्य प्रदेश की खड़वा जेल से फरार हुए सिमी के छह आतंकी बिजनौर में खुद को मुरादाबाद निवासी बताकर छिपे थे।
इसके अलावा संभल निवासी आसिम भी आतंकी गतिविधियों में पकड़ा जा चुका है। अब चंदौसी में कुछ ही दिन के अंतराल में दो बार रेल ट्रैक उखाड़ने की कोशिश हो चुकी है। दूसरी घटना ने पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए।
अब कुछ ही दूरी पर वॉकीटॉकी से छेड़छाड़ हुई तो खुफिया टीमें अलर्ट हो गई। टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। मंडल में कश्मीर, वेस्ट बंगाल और अन्य प्रदेशों के लोग यहां मेहनत मजदूरी कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो अब इन लोगों की तस्दीक की जा रही है।