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कैश होल्ड कर रहे हैं लोग, 600 करोड़ से ज्यादा रुपया हुआ वितरित
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:47 AM IST
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holding cash
- फोटो : demo
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बैंकों से हर दिन लंबी लंबी लाइनोें में लगकर लोग पैसा ले रहे हैं। हर दिन करोड़ों रुपये लोगों की जेब में पहुंच रहा है, लेकिन स्थिति में सुधार दिखाई नहीं दे रहा। बैंक अधिकारियों और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार लोगों ने कैश को होल्ड करना शुरू कर दिया है। नोट बंदी के बाद लोगों ने होशियारी के साथ छोटी करेंसी हासिल की और फिर उसे होल्ड कर लिया है। जिसके कारण बाजार में पैसा रोटेशन में नहीं आ पा रहा और बाजार की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बैंकों के रिकार्ड के अनुसार अभी तक मुरादाबाद में 600 करोड़ से ज्यादा रुपये बैंकों के माध्यम से बांटा जा चुका है। मुरादाबाद में जहां हर दिन का बाजार साठ से 70 करोड़ रुपये है वहां उसका लगभग दस गुना कैश आने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। बाजार को अच्छी तरीके से जानने वाले कहते हैं कि स्थिति को सुधारने के लिए रुपये का रोटेशन जरूरी है। नोट बदलने के बाद दौरान मुरादाबाद के पूंजीपतियों ने मजदूरों को लाइन में लगाकर पैसे बदल लिए। वहीं पैसा बाजार में दोबारा नहीं आया। जबकि हर दिन पैसा निकालने के बाद भी खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर ही खर्च कर रहे हैं। लोगों की जेब तक तो पैसा पहुंचा, लेकिन बाजार तक नहीं जा रहा है।
आरबीआई ने मुरादाबाद को दिए 100 करोड़
आरबीआई की ओर से कैश की कमी को दूर करने के लिए कोशिश नाकाफी साबित हो रही है। मुरादाबाद की बैंकों से लगातार डिमांड दिए जाने के बाद गुरुवार तक हर हाल में कैश उपलब्ध कराने का वादा किया था। आरबीआई ने वादा भी निभाया, लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे के सामान साबित हुआ। गुरुवार को बैंकों को 100 करोड़ रुपये दिए हैं। ये रुपया सभी बैंकों में बांटा जाना है।
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आरबीआई से दो हजार के नोट की नई करेंसी उपलब्ध कराई गई है। पांच सौ के नोट अभी भी नहीं मिला। बैंकों को सौ करोड़ रुपये मिले। लेकिन इससे कितना समय कट पाएगा। मुरादाबाद जिलें में सभी बैंकों की 318 ब्रांच हैं। इस रुपये से दो दिन ही काम चल पाएगा। पीएनबी के मुख्य प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि जो करेंसी मिल रही है। उससे दो ही दिन काम चल पाएगा। अब देखना है कि आरबीआई कब तक पर्याप्त मात्रा में रुपया उपलब्ध कराती है।
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बैंकों के रिकार्ड के अनुसार अभी तक मुरादाबाद में 600 करोड़ से ज्यादा रुपये बैंकों के माध्यम से बांटा जा चुका है। मुरादाबाद में जहां हर दिन का बाजार साठ से 70 करोड़ रुपये है वहां उसका लगभग दस गुना कैश आने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। बाजार को अच्छी तरीके से जानने वाले कहते हैं कि स्थिति को सुधारने के लिए रुपये का रोटेशन जरूरी है। नोट बदलने के बाद दौरान मुरादाबाद के पूंजीपतियों ने मजदूरों को लाइन में लगाकर पैसे बदल लिए। वहीं पैसा बाजार में दोबारा नहीं आया। जबकि हर दिन पैसा निकालने के बाद भी खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर ही खर्च कर रहे हैं। लोगों की जेब तक तो पैसा पहुंचा, लेकिन बाजार तक नहीं जा रहा है।
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आरबीआई ने मुरादाबाद को दिए 100 करोड़
आरबीआई की ओर से कैश की कमी को दूर करने के लिए कोशिश नाकाफी साबित हो रही है। मुरादाबाद की बैंकों से लगातार डिमांड दिए जाने के बाद गुरुवार तक हर हाल में कैश उपलब्ध कराने का वादा किया था। आरबीआई ने वादा भी निभाया, लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे के सामान साबित हुआ। गुरुवार को बैंकों को 100 करोड़ रुपये दिए हैं। ये रुपया सभी बैंकों में बांटा जाना है।
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आरबीआई से दो हजार के नोट की नई करेंसी उपलब्ध कराई गई है। पांच सौ के नोट अभी भी नहीं मिला। बैंकों को सौ करोड़ रुपये मिले। लेकिन इससे कितना समय कट पाएगा। मुरादाबाद जिलें में सभी बैंकों की 318 ब्रांच हैं। इस रुपये से दो दिन ही काम चल पाएगा। पीएनबी के मुख्य प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि जो करेंसी मिल रही है। उससे दो ही दिन काम चल पाएगा। अब देखना है कि आरबीआई कब तक पर्याप्त मात्रा में रुपया उपलब्ध कराती है।