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आजम पर कस रहा शिकंजा: सपा नेता की और बढ़ सकती हैं मुश्किलें, छापे से पहले ईडी ने 84 मुकदमों का खंगाला रिकॉर्ड
Thu, 20 Aug 2026 03:37 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 20 Aug 2026 03:37 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई शुरू करने से पहले सपा नेता आजम खां की कुंडली खंगाल ली है। बीस दिन पहले रामपुर पुलिस से सपा नेता व उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों का चिट्ठा मांगा गया था। पुलिस ने आजम खां पर दर्ज 84 मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड ईडी को भेजा था, जिसके बाद अब ईडी पूरी तैयारी के साथ जांच-पड़ताल कर रही है।
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Azam Khan
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
रामपुर की जेल में बंद सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बीच उनके खिलाफ चल रहे पुराने मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है।
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के साथ ही जल निगम भर्ती घोटाला और नियम विरुद्ध सीवरेज सिस्टम तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी लंबित है। ऐसे में आने वाले दिनों में आजम खां की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में बुधवार को ईडी ने विश्वविद्यालय परिसर समेत आजम खां के करीबियों और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी की टीम ने वित्तीय लेनदेन, ट्रस्ट की आय-व्यय और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले। जांच का दायरा बढ़ने से अब विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च हुई बड़ी रकम के स्रोत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के साथ ही जल निगम भर्ती घोटाला और नियम विरुद्ध सीवरेज सिस्टम तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला भी लंबित है। ऐसे में आने वाले दिनों में आजम खां की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में बुधवार को ईडी ने विश्वविद्यालय परिसर समेत आजम खां के करीबियों और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी की टीम ने वित्तीय लेनदेन, ट्रस्ट की आय-व्यय और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले। जांच का दायरा बढ़ने से अब विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च हुई बड़ी रकम के स्रोत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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इसके अलावा जल निगम में भर्ती घोटाले का मामला भी आजम खां के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उनके मंत्री रहते जल निगम में हुई भर्तियों को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इस मामले की जांच के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी। वहीं रामपुर में सीवरेज सिस्टम के निर्माण में नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ा मामला भी लंबित है।
जानकारों के मुताबिक अलग-अलग मामलों में चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई का असर आगे भी देखने को मिल सकता है। आयकर विभाग और ईडी की कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की फाइलें भी चर्चा में आ गई हैं। यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े नए तथ्य सामने आते हैं तो आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में पहले भी हो चुकी है जांच
जौहर यूनिवर्सिटी और सपा नेता आजम खां से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। वर्ष 2023 में आयकर विभाग की टीम ने आजम खां के आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। आयकर विभाग की यह कार्रवाई लगातार तीन दिन तक चली थी। इस दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की थी।
जौहर यूनिवर्सिटी और सपा नेता आजम खां से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। वर्ष 2023 में आयकर विभाग की टीम ने आजम खां के आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। आयकर विभाग की यह कार्रवाई लगातार तीन दिन तक चली थी। इस दौरान टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की थी।
आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान आजम खां के आवास के अलावा उनसे जुड़े लोगों और संस्थानों से संबंधित कई ठिकानों पर भी टीम पहुंची थी। तीन दिनों तक चली जांच के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य कागजात खंगाले थे। कार्रवाई को लेकर उस समय रामपुर में काफी हलचल रही थी। इससे पहले 2022 में भी ईडी ने छापे की कार्रवाई की थी।
अब 494 करोड़ रुपये के खर्च के स्रोत की जांच
अब 2026 में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की भी चर्चा शुरू हो गई है। ईडी की मौजूदा जांच में ट्रस्ट की आय, खर्च, दान और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत को खंगाला जा रहा है। खासतौर पर 494 करोड़ रुपये के खर्च के स्रोत और ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियां जांच के केंद्र में हैं।
अब 2026 में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद पुराने मामलों की भी चर्चा शुरू हो गई है। ईडी की मौजूदा जांच में ट्रस्ट की आय, खर्च, दान और विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत को खंगाला जा रहा है। खासतौर पर 494 करोड़ रुपये के खर्च के स्रोत और ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियां जांच के केंद्र में हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी में सुरक्षा का रहा कड़ा पहरा
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जौहर यूनिवर्सिटी में बुधवार को ईडी की कार्रवाई के चलते दिनभर बारिश के बाद भी गहमागहमी का माहौल रहा। सुबह से ही यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। परिसर के भीतर सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाले रखा। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि बिना अनुमति किसी को भी परिसर में आने-जाने की इजाजत नहीं दी गई।
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जौहर यूनिवर्सिटी में बुधवार को ईडी की कार्रवाई के चलते दिनभर बारिश के बाद भी गहमागहमी का माहौल रहा। सुबह से ही यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। परिसर के भीतर सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाले रखा। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि बिना अनुमति किसी को भी परिसर में आने-जाने की इजाजत नहीं दी गई।
ईडी की टीमों ने यूनिवर्सिटी परिसर में अलग-अलग स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। परिसर के भीतर एक टीम गश्त करती भी दिखाई दी। ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी के आसपास भी लोगों की आवाजाही बढ़ गई। दिनभर पुलिस बल की मौजूदगी के चलते मुख्य गेट पर लोगों की नजरें टिकी रहीं।
ईडी की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। सुरक्षा के मद्देनजर यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बनी रही। कार्रवाई को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन या ईडी की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यूनिवर्सिटी पर सीओ टांडा पंकज पंत जवानों के साथ मुस्तैद रहे।
हर ठिकाने पर तैनात रही फोर्स
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के अलावा पीपल टोला स्थित सीके एसोसिएट के दफ्तर व आवास पर भी ईडी ने कार्रवाई की। इस दौरान यहां पर भी सीआरपीएफ के जवानों के साथ टीम लगी रही। इसी तरह शौकत अली रोड पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई।
रामपुर। जौहर यूनिवर्सिटी के अलावा पीपल टोला स्थित सीके एसोसिएट के दफ्तर व आवास पर भी ईडी ने कार्रवाई की। इस दौरान यहां पर भी सीआरपीएफ के जवानों के साथ टीम लगी रही। इसी तरह शौकत अली रोड पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई।
छापे से पहले ईडी ने आजम खां पर दर्ज 84 मुकदमों का रिकॉर्ड खंगाला
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई शुरू करने से पहले सपा नेता आजम खां की कुंडली खंगाल ली है। बीस दिन पहले रामपुर पुलिस से सपा नेता व उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों का चिट्ठा मांगा गया था। पुलिस ने आजम खां पर दर्ज 84 मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड ईडी को भेजा था, जिसके बाद अब ईडी पूरी तैयारी के साथ जांच-पड़ताल कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई शुरू करने से पहले सपा नेता आजम खां की कुंडली खंगाल ली है। बीस दिन पहले रामपुर पुलिस से सपा नेता व उनके परिवार के खिलाफ दर्ज मामलों का चिट्ठा मांगा गया था। पुलिस ने आजम खां पर दर्ज 84 मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड ईडी को भेजा था, जिसके बाद अब ईडी पूरी तैयारी के साथ जांच-पड़ताल कर रही है।
सूत्र बताते हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण के दौरान सरकारी जमीन, शत्रु संपत्ति पर कब्जों जैसे आरोपों पर आधारित एक शिकायत केंद्र सरकार से की गई थी। इस बीच जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए कुल खर्च का सवाल भी उठा था।
निर्माण में बाहरी लोगों के आर्थिक सहयोग के नाम पर काला धन खपाने के आरोप भी चर्चा में आए थे। इसके बाद एक तरफ आयकर विभाग सक्रिय हुआ था, जबकि ईडी की ओर से वर्ष 2019 में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके अलावा आजम खां के जल निगम का अध्यक्ष रहते समय निगम में भर्ती घोटाले का मुद्दा उठने पर वर्ष 2022 में लखनऊ में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इन दोनों एफआईआर के आधार पर जांच कर रही ईडी ने रामपुर पुलिस से उन पर पहले से दर्ज मुकदमों, चार्जशीट व ताजा स्थिति की डिटेल मांगी थी।
पुलिस की ओर से आजम खां पर दर्ज 84 मुकदमों की एफआईआर, चार्जशीट की कॉपियां ईडी को भेजी गई थीं। पूरी रिपोर्ट भेजे जाने के बाद अब ईडी ने अपने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ईडी अब पूरे सुबूतों के साथ मामले की जांच में जुटी है।