अमर उजाला भविष्य ज्योति कार्यक्रम: अफसरों ने किया मेधावी छात्रों को सम्मानित
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उमस भरी गर्मी के बीच अधिकारियों के हाथों सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। अमर उजाला की ओर से भविष्य ज्योति सम्मान समारोह का आयोजन बुधवार को हाशमी गर्ल्स पीजी कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम में मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित मेधावी आत्मविश्वास से लबरेज होकर लौटे।
अमर उजाला भविष्य ज्योति कार्यक्रम में सुबह नौ बजे से छात्र छात्राओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मेधावियों की चहल कदमी से स्कूल परिसर गुलजार हो गया। मां, पिता और भाइयों के साथ आए मेधावी उत्साहित दिखे। पंजीयन के लिए छात्र-छात्राओं में उत्साह दिखाई दिया। मेधावियों ने आपस में चर्चा की। क्या बनना है कैसे पढ़ाई करेंगे।
मेधावियों को सम्मानित करने पहुंचे डीएम उमेश मिश्र और एसपी डॉ. विपिन ताडा छात्र-छात्राओं से मुखातिब हुए। बाल मन को टटोला। उन्हें भविष्य के संभावित खतरों से आगाह कराया। मां-बाप और बड़ों की बातों को मानने की ताकीद की। इसके साथ ही अभिभावकों से बच्चों को समय देने की अपील की।
बाद में डीएम और एसपी ने मेधावियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन सैयद शीबान कादरी ने किया। इस दौरान हाशमी एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डा. सिराजुद्दीन हाशमी, प्राचार्य डॉ. नौशाबा परवीन, हीना खान, डॉ. शबाना परवीन, डॉ. आसिफ अली, इफ्तिखार अनीस, रेहाना इफ्तिखार आदि मौजूद रहे।
सफलता का मंत्र
डीएम उमेश मिश्र ने कहा कि शौर्य, धन और साहित्य का वह रूप अच्छा है, जो लोगों के जीवन में काम आ सके। जो समाज अपने बच्चों का सम्मान नहीं करता है। वह अधिक तरक्की नहीं कर पाता है। बालिकाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि उनके बगैर सशक्त राष्ट्र और समाज की कल्पना मुश्किल है। नेपोलियन बोनापार्ट के हवाले से बताया कि, उन्होंने कहा कि आप मुझे शिक्षित महिला दें मैं आपको एक सशक्त राष्ट्र दूंगा।
उन्होंने समाज का आह्वान करते हुए कहा कि छात्राओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों के सामने पूरी दुनिया है। जरूरत इस बात की है कि क्षमताओं को खुद पहचानें। लक्ष्य के प्रति दृढ़ इच्छा शक्ति बेहद जरूरी है। सफलता का मंत्र यही है।
'बाल मन को विचलित नहीं होने दें'
एसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि कुछ सफलता व्यक्तिगत होती हैं, जबकि कुछ सामाजिक। कोई बच्चा टॉप करता है तो परिवार का नाम रौशन होता है। बाल मन में विचलित होने की आशंका अधिक रहती है। इसके लिए समाज में आज कल तमाम संशाधन मौजूद हैं। मोबाइल के खतरे के प्रति आगाह कराया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के बिना जीवन कटी पतंग है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिवार, शिक्षक और समाज जिम्मेदारी निभाएं।
मादक पदार्थों के खतरे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि तमाम बच्चें ड्रग्स समेत अन्य लत के चक्कर में पड़ चुके हैं। बच्चों को जैसा माहौल देंगे। बिल्कुल उसी के अनुसार जिंदगी को तय करेगा। उन्होंने कहा कि जो खुश है वहीं सफल है।
'मोबाइल मां नहीं, मॉडर्न और मॉडल बनें'
प्रबंधक डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में सही मायने में इंटर के बाद ही बच्चे पढ़ाई करते हैं। उन्होंने बच्चों से संस्कृति और विरासत को सहेजने की गुजारिश की।
उन्होंने कहा कि जो कौम विरासत को नहीं संभालती है। वह दुनिया के नक्शे से मिट जाती है। उन्होंने माताओं से मॉडर्न और मॉडल मां बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल मां बन गया है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के खतरे से आगाह किया।
'गीत और नृत्य से हुआ अतिथियों का स्वागत'
कार्यक्रम में पहुंची अतिथियों को छात्राओं ने गीत और नृत्य से स्वागत किया। हाशमी इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत खुश आमदीद खुश आमदीद, ऐ मेरे मेहमान खुश आमदीद.., जबकि सरदार हमीदी तालीमी मिशन की छात्राओं ने राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत किया।
इन मेधावियों को किया गया सम्मानित
वैशाली अग्रवाल, उम्मे हानी, अलीना, रिमशा, शिवम कुमार, लक्ष्यजीत, गुरमीत, कपिल कुमार, अनीता, वृष्टी सैनी, अनमता हसीन, वरीशा परवीन, सचिन कुमार, अपूर्व लिट, सौरभ चौधरी, तनु चौहान, अर्पित चौहान, गौरांश वर्मा, रितिक सैनी, वैभव अग्रवाल, अक्षिता सिंह, प्राची, देव आर्यन, दक्ष यादव, तूबा साजिद, सचिन चौहान, अनुभा पांडे, दीपांशी, फौजिया, अलिना, अनुप्रिया, नीशू, रूकसार, मुकुल कुमार, साक्षी चौहान, शिफा, आमोद चौहान, अजय कुमार, भारत कुमार, रामिया, मोक्ष राजपूत, तिसकी मिर्जा, अनुषा नाज, कांची गर्ग, महेश पाल, नुजहा समर, अलवीरा, मुस्लिमा बेग, अनिल कुमार, वंशिता खंडेलवाल, अलिजा मिर्जा, पुलकीत चौधरी, अजय सिंह रहे।