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शर्मिष्ठा ने कथक से बयां किए जीवन के रंग

Thu, 09 Oct 2014 05:34 AM IST
Moradabad
Moradabad Updated Thu, 09 Oct 2014 05:34 AM IST
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मुरादाबाद। जीवन के विविध रंगों को संगीत के साथ पिरोकर कथक की अद्भुत प्रस्तुति अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दी। टीएमयू के सभागार में हुए कार्यक्रम में कथक और अपनी भाव भंगिमाओं से अपनी बात दर्शकों के दिलों तक पहुंचा दी।
शर्मिष्ठा मुखर्जी और उनकी टीम ने बनारस को केंद्र में रखकर छह अलग अलग प्रस्तुतियां दीं। पुरानी प्रथाओं के साथ तकनीकी और विजुअल का बेहद खूबसूरत तालमेल करते हुए नया प्रयोग किया। द सिटी आफ शिवा में बनारस की भगवान शिव के प्रति भक्ति को दर्शाया। दिखाया कि नृत्य केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं बल्कि ईश्वर की आराधना, संतुष्टि और जीवन का हिस्सा है। द घाट में बनारस के घाट और उनके महत्व को कत्थक से बया किया। बताने की कोशिश की गई कि नृत्य में जीवन है। इटरनल मेलोडीज में रस भरे तोरे नैन, सवरिया तोहे गरवा लगा लूं... में आंखों और हाथों के बीच समन्वय से पूरी कहानी कह दी, तो चलत मोहे छेड़े बनवारी, बइयां मरोड़े... में शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कृष्ण और राधा के बीच की हंसी ठिठौली और रास को मंच पर उतार दिया। लगा जैसे राधा और कृष्ण एक ही व्यक्तित्व में समा गए हों। दर्शाया कि हमारे परंपरागत नृत्य में भी आनंद की अनुभूति है। इसके बाद उनकी टीम की छह सदस्याओं ने बनारस के गोदौलिया चौक पर हर रोज होने वाली घटनाआें को कत्थक से साकार किया। भागती दौड़ती रफ्तार भरी जिंदगी, रुकने के लिए किसी के पास समय नहीं, दुर्घटना, उसके बाद विवाद और समझौते की मनमोहक प्रस्तुति। कत्थक को नीरस और बोझिल नृत्य मानने वालों के लिए प्रस्तुति अद्भुत थी। मणिकर्णिका घाट से गीता के ज्ञान आत्मा अमर है, वह न पैदा होती है और ना ही मरती है के ज्ञान को कत्थक की कलाओं से कह दिया। अंत में बनारस की तहजीब, सभ्यता और सर्वधर्म समभाव को समेटे हुए जीरो प्वाइंट की प्रस्तुति दी। जिसमें हिंदू, बौद्ध और मुस्लिम धर्म का वर्णन करते हुए प्रेम का संदेश दिया। दिखाया कि संगीत और नृत्य एक दूसरे के पूरक हैं। इन सभी में दृश्यों में पहनावा, भाव भंगिमा, संगीता के राग और लाइटिंग का अद्भुत समन्वय था।
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मौजूद रहे गणमान्य
मुरादाबाद। कार्यक्रम का संचालन जयपाल सिंह व्यस्त ने किया। इस अवसर पर टीएमयू के विजिटर जेके जैन, कुलाधिपति सुरेश जैन, डीआईजी गुलाब सिंह, डीएम दीपक अग्रवाल, एसएसपी लव कुमार, अरविंद गोयल, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन,सहित मुरादाबाद के गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
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बनारस और कथक मेरे दिल में बसता है: शर्मिष्ठा
मुरादाबाद। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी पत्रकारों से वार्ता में भारतीय पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य और संगीत को बचाए रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति को बचाए रखना है तो शास्त्रीय नृत्य और संगीत को बचाना होगा। इसकी तुलना आधुनिक और मनोरंजन वाले डांस से न की जाए। जरूरत है कि उसे इस तरह से प्रस्तुत किया जाए कि आधुनिक पीढ़ी में भी उसकी समझ बढ़े। बनारस नाम का मेरा पूरा प्रोग्राम एक नया प्रयोग है जिसमें आधुनिकता का भी समावेश था। जिसे देखकर युवा पीढ़ी कथक से जुड़ रही है। हम साढ़े पांच हजार वर्ष पुराने नृत्य के बारे में केवल पुस्तकों और मंदिरों में बनी मूर्तियों से सीखकर प्रदर्शित करते हैं। ये हमारी शक्ति है और जड़ हैं। कार्यक्रम में बनारस को केंद्र में रखने के बारे में उन्होंने कहा कि वह विश्व का सबसे प्राचीन और अद्भुत शहर है। एक तरह से कहा जाए तो मिनी इंडिया है। वहां से मेरा वर्षों पुराना नाता है और मेरे दिल में बसता है। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि इसका प्रधानमंत्री जी से कोई संबंध नहीं है। उनके बनारस को अपना चुनाव क्षेत्र घोषित करने से पहले यह प्रोग्राम तैयार किया था। राजनीति पर ज्यादा बात नहीं की और कहा कि पूर्ण बहुमत के साथ नई सरकार बनी है, जिसकी जरूरत थी। अभी नई है देखते हैं कैसा काम करती है।
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