{"_id":"46-16238","slug":"Moradabad-16238-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला के मुद्दे पर डीजीपी का बड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला के मुद्दे पर डीजीपी का बड़ा
Moradabad
Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
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फैसलामुरादाबाद। लड़खड़ाई ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अमर उजाला द्वारा शुरू की गई मुहिम को प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने सराहा। उन्होंने न केवल हमारे एजेंडे को समीक्षा के अहम बिंदुओं में शामिल किया बल्कि महानगर में एसपी ट्रैफिक के पद सृजन को शासन स्तर पर वार्ता करने का भरोसा भी दिलाया। पुलिस अफसरों से कहा गया कि वह ट्रैफिक सुधार के लिए ठोस कदम उठाएं।
प्रदेश पुलिस के मुखिया एसी शर्मा ने माना कि महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहद लड़खड़ाई हुई। यहां तो एक बड़ा अभियान चलाने की जरूरत है। इसके लिए रोड इंजीनियरिंग तैयार की जाए। लोगों को भी जागरूक बनाया जाए। ट्रैफिक सेंस लाया जाए। यातायात के नियमों का कड़ाई के साथ पालन कराया जाए। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि तमाम होटल, वैंक्वेट हाल, नर्सिंग होम और मॉल ऐसे हैं जहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इन लोगों से वार्ता करके पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। थोड़ा सख्ती करने की जरूरत है। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने कहा कि प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। अतिक्रमण हटेगा। क्योंकि पुलिस ट्रैफिक के लिए उस तरह से समय नहीं दे पाती है लिहाजा ट्रैफिक प्रबंधन एक अलग विंग तैयार की जा रही है। बड़े शहरों में ट्रैफिक पुलिस की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश पुलिस के मुखिया एसी शर्मा ने माना कि महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहद लड़खड़ाई हुई। यहां तो एक बड़ा अभियान चलाने की जरूरत है। इसके लिए रोड इंजीनियरिंग तैयार की जाए। लोगों को भी जागरूक बनाया जाए। ट्रैफिक सेंस लाया जाए। यातायात के नियमों का कड़ाई के साथ पालन कराया जाए। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि तमाम होटल, वैंक्वेट हाल, नर्सिंग होम और मॉल ऐसे हैं जहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इन लोगों से वार्ता करके पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। थोड़ा सख्ती करने की जरूरत है। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने कहा कि प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। अतिक्रमण हटेगा। क्योंकि पुलिस ट्रैफिक के लिए उस तरह से समय नहीं दे पाती है लिहाजा ट्रैफिक प्रबंधन एक अलग विंग तैयार की जा रही है। बड़े शहरों में ट्रैफिक पुलिस की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
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