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चार लाख लोगों में खोजे जाएंगे टीबी के मरीज
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:21 AM IST
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मुरादाबाद।
टीबी रोगी खोज अभियान का दूसरा चरण मंगलवार से शुरू हो गया। मुरादाबाद जिले में चार लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के मरीजों को खोजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को खोजने के लिए 175 टीमें बनाई हैं, इनमें 35 सुपरवाइजर हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि अभियान 14 सितंबर तक चलाया जाएगा। टीमें घर घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। प्रत्येक टीम में आशा, आंगनबाड़ी समेत तीन कर्मी होंगे। हर पांचवीं टीम पर एक सुपरवाइजर होगा। एक टीम एक दिन में कम से कम 50 घरों को कवर करेगी। डा. प्रेमी ने बताया कि जिले के आठ ब्लाकों में 16 क्षय रोग ट्रीटमेंट यूनिट सेंटर हैं। अभियान में संदिग्ध रोगी मिलने पर उसके बलगम की जांच और एक्स-रे किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर 48 घंटे भीतर इलाज शुरू कराया जाएगा। आरएनटीसीपी के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. मो जावेद ने कहा कि दुनिया में भारत में सबसे अधिक टीबी के रोगी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 25 फीसदी टीबी रोगी भारत में हैं। हर तीन मिनट में दो रोगी इससे दम तोड़ते हैं।
टीबी के लक्षण
- दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना
- वजन कम होना और दोपहर बाद बुखार आना
- भूख कम लगना और शरीर में कही भी गांठ होना
कानपुर के बाद मुरादाबाद में मिले सबसे अधिक मरीज
टीबी रोगी खोज अभियान के पहले चरण में मुरादाबाद जिले में 206 टीबी के मरीज चिह्नित हुए थे। मुरादाबाद जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा था। कानपुर में सबसे अधिक 208 मरीज चिह्नित हुए थे। इस लिहाज से मुरादाबाद में प्रदेश में कानपुर के बाद सबसे अधिक टीबी के मरीज हैं।
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हर साल चिह्नित होते हैं 11 हजार मरीज
मुरादाबाद जिले में टीबी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सालाना करीब 11 हजार टीबी के मरीज चिह्नित होते हैं। इनमें पांच हजार मरीज सरकारी और छह हजार मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराते हैं। 75 फीसदी मरीजों का इलाज छह माह चलता है। इसके बाद मरीज ठीक हो जाते हैं।
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टीबी रोगी खोज अभियान का दूसरा चरण मंगलवार से शुरू हो गया। मुरादाबाद जिले में चार लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी के मरीजों को खोजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को खोजने के लिए 175 टीमें बनाई हैं, इनमें 35 सुपरवाइजर हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि अभियान 14 सितंबर तक चलाया जाएगा। टीमें घर घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। प्रत्येक टीम में आशा, आंगनबाड़ी समेत तीन कर्मी होंगे। हर पांचवीं टीम पर एक सुपरवाइजर होगा। एक टीम एक दिन में कम से कम 50 घरों को कवर करेगी। डा. प्रेमी ने बताया कि जिले के आठ ब्लाकों में 16 क्षय रोग ट्रीटमेंट यूनिट सेंटर हैं। अभियान में संदिग्ध रोगी मिलने पर उसके बलगम की जांच और एक्स-रे किया जाएगा। टीबी की पुष्टि होने पर 48 घंटे भीतर इलाज शुरू कराया जाएगा। आरएनटीसीपी के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. मो जावेद ने कहा कि दुनिया में भारत में सबसे अधिक टीबी के रोगी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 25 फीसदी टीबी रोगी भारत में हैं। हर तीन मिनट में दो रोगी इससे दम तोड़ते हैं।
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टीबी के लक्षण
- दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना
- वजन कम होना और दोपहर बाद बुखार आना
- भूख कम लगना और शरीर में कही भी गांठ होना
कानपुर के बाद मुरादाबाद में मिले सबसे अधिक मरीज
टीबी रोगी खोज अभियान के पहले चरण में मुरादाबाद जिले में 206 टीबी के मरीज चिह्नित हुए थे। मुरादाबाद जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा था। कानपुर में सबसे अधिक 208 मरीज चिह्नित हुए थे। इस लिहाज से मुरादाबाद में प्रदेश में कानपुर के बाद सबसे अधिक टीबी के मरीज हैं।
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हर साल चिह्नित होते हैं 11 हजार मरीज
मुरादाबाद जिले में टीबी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सालाना करीब 11 हजार टीबी के मरीज चिह्नित होते हैं। इनमें पांच हजार मरीज सरकारी और छह हजार मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराते हैं। 75 फीसदी मरीजों का इलाज छह माह चलता है। इसके बाद मरीज ठीक हो जाते हैं।