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14 गांव के 3500 किसानों को तीन साल बाद भी नहीं मिला फसल का मुआवजा
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:20 AM IST
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3500 किसानों को तीन साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
ठाकुरद्वारा। तीन वर्ष पूर्व बेमौसम बारिश से नष्ट हुई गेहूं की फसल का मुआवजा तीन साल बाद भी 14 गांव के 3500 किसानों को नहीं मिल सका है। मामला उठाने पर डीएम ने तहसीलदार को मुआवजा वितरण के आदेश दिए है। वर्ष 2015 में क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल नष्ट हो गई थी। लेकिन क्षेत्र के 14 गांव फजलपुर, मुस्ताबाद आदि के किसानों को अभी तक नष्ट हुई फसल का मुआवजा नहीं दिया गया हैं। किसान तहसील के चक्कर लगा रहे है। इन किसानों की मुआवजे की धनराशि तहसील के बैंक खाते में मौजूद है। लेकिन किसानों को मुआवजे की धनराशि नहीं दी जा रही हैं। भाजपा नेता कुंडेसरा निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने इस मामले को डीएम के समक्ष उठाते हुए किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। जिस पर उन्होंने तहसीलदार को संबंधित किसानों को शीघ्र मुआवजा वितरित करने के आदेश दिए है।
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ठाकुरद्वारा। तीन वर्ष पूर्व बेमौसम बारिश से नष्ट हुई गेहूं की फसल का मुआवजा तीन साल बाद भी 14 गांव के 3500 किसानों को नहीं मिल सका है। मामला उठाने पर डीएम ने तहसीलदार को मुआवजा वितरण के आदेश दिए है। वर्ष 2015 में क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल नष्ट हो गई थी। लेकिन क्षेत्र के 14 गांव फजलपुर, मुस्ताबाद आदि के किसानों को अभी तक नष्ट हुई फसल का मुआवजा नहीं दिया गया हैं। किसान तहसील के चक्कर लगा रहे है। इन किसानों की मुआवजे की धनराशि तहसील के बैंक खाते में मौजूद है। लेकिन किसानों को मुआवजे की धनराशि नहीं दी जा रही हैं। भाजपा नेता कुंडेसरा निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने इस मामले को डीएम के समक्ष उठाते हुए किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। जिस पर उन्होंने तहसीलदार को संबंधित किसानों को शीघ्र मुआवजा वितरित करने के आदेश दिए है।