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पीएम आवास योजना में उगाही करने वालों पर
Updated Sat, 07 Jul 2018 03:12 AM IST
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मुरादाबाद। पीएम आवास योजना के पात्रों से उगाही को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। उगाही करने वालों की घुसपैठ सरकारी आफिसों तक है। डीएम ने उगाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई केआदेश दिए हैं। इसको लेकर कंसलटेंट एजेंसी का पूरा स्टाफ ही बदल दिया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों से धड़ल्ले से उगाही की जा रही है। आवेदन कराने के नाम पर दो हजार और पात्र सत्यापन के नाम पर 10 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। किस्त आने पर कई आवेदकों की तो 50 हजार रुपये की पहली किस्त ही उगाही करने वालों ने हड़प ली है। इस मामले में तीन रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं और कंसलटेंट एजेंसी के एक जेई को जेल भेजा जा चुका है।
डीएम कार्यालय में पीएम आवास योजना के पात्रों से उगाही की कई शिकायतें पहुंच रही हैं। इस मामले में पांच बार जांच हो चुकी है। कंसलटेंट एजेंसी के कर्मचारियों पर उगाही करने के आरोप लगे थे। उसके चलते पिछले दिनों उनको डूडा आफिस से बाहर कर दिया गया था। अब उन्होंने काशीराम नगर में आफिस बनाया है। लगातार शिकायतों के बाद डीएम के निर्देश पर डूडा के पीओ ने इसकी रिपोर्ट कंसलटेंट एजेंसी के मुख्यालय को भेजी थी। उसके बाद कलस्टर हेड सहित पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। डीएम ने उगाही रोकने का जिम्मा डूडा केपीओ और ग्राम्य विकास विभाग के पीडी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए सौंपा है। उगाही होने पर इनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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हमारी रिपोर्ट पर कंसलटेंट एजेंसी की पूरी टीम को दिया गया है। उगाही करने वालों का मेरे किसी कर्मचारी से संबंध नहीं है। यह घपलेबाजी नौ महीने से चल रही है। उगाही करने वाले पात्रों के आपस के लोग ही होते हैं। योजना में जीरो टोलरेंस की स्थिति लानी है। अब जिसका नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी और आवेदकों को जागरूक किया जाएगा। - दीपक कुमार, पीओ डूडा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों से धड़ल्ले से उगाही की जा रही है। आवेदन कराने के नाम पर दो हजार और पात्र सत्यापन के नाम पर 10 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। किस्त आने पर कई आवेदकों की तो 50 हजार रुपये की पहली किस्त ही उगाही करने वालों ने हड़प ली है। इस मामले में तीन रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं और कंसलटेंट एजेंसी के एक जेई को जेल भेजा जा चुका है।
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डीएम कार्यालय में पीएम आवास योजना के पात्रों से उगाही की कई शिकायतें पहुंच रही हैं। इस मामले में पांच बार जांच हो चुकी है। कंसलटेंट एजेंसी के कर्मचारियों पर उगाही करने के आरोप लगे थे। उसके चलते पिछले दिनों उनको डूडा आफिस से बाहर कर दिया गया था। अब उन्होंने काशीराम नगर में आफिस बनाया है। लगातार शिकायतों के बाद डीएम के निर्देश पर डूडा के पीओ ने इसकी रिपोर्ट कंसलटेंट एजेंसी के मुख्यालय को भेजी थी। उसके बाद कलस्टर हेड सहित पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है। डीएम ने उगाही रोकने का जिम्मा डूडा केपीओ और ग्राम्य विकास विभाग के पीडी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए सौंपा है। उगाही होने पर इनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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हमारी रिपोर्ट पर कंसलटेंट एजेंसी की पूरी टीम को दिया गया है। उगाही करने वालों का मेरे किसी कर्मचारी से संबंध नहीं है। यह घपलेबाजी नौ महीने से चल रही है। उगाही करने वाले पात्रों के आपस के लोग ही होते हैं। योजना में जीरो टोलरेंस की स्थिति लानी है। अब जिसका नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी और आवेदकों को जागरूक किया जाएगा। - दीपक कुमार, पीओ डूडा।