फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Today Kajri evening will be organized, renowned artists will perform

Mirzapur News: आज सजेगी कजरी की शाम, ख्यातिलब्ध कलाकार देंगे प्रस्तुति

Tue, 02 Sep 2025 01:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Sep 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
Today Kajri evening will be organized, renowned artists will perform
कजरी वाली खबर का लोगो
मिर्जापुर। जिले की लोकगायन विधा कजरी को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला की ओर से मां तुझे प्रणाम के तहत दो सितंबर को कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम लालडिग्गी स्थित मिलन पैलेस में शाम छह बजे से आयोजित है।
विज्ञापन


कजरी महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। कजरी का स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान रहा है। कजरी महोत्सव के जरिए स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने वालों का भी स्मरण होगा। मुख्य रूप से पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, मुंबई के लोक कलाकार सुरेश शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय कलाकार ऊषा गुप्ता, वाराणसी की लोक गायिका शैलबाला मिश्रा व अन्य कलाकार शामिल होंगे।
विज्ञापन




कार्यक्रम के सहयोगियों में ज्ञानंदा लॉ कॉलेज अमरावती, अन्नपूर्णा प्रसादम रेस्टोरेंट, लायंस स्कूल मिर्जापुर, मां बलराजी सेवा संस्थान दूधनाथ चुंगी, कमला मेमोरियल स्कूल धौरूपुर, दीपक कुमार सर्राफ धुंधी कटरा, द यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन मिर्जापुर, क्षितिज हुंडई, मशीन बोल्ट इंटरप्राइजेज भरुहना, न्यू मानस ट्रेडर्स बैरहवा चौराहा जंगी रोड, सेंट जेवियर्स स्कूल मिर्जापुर, देलही पब्लिक सेकेंडरी स्कूल भरुहना, सत्यम इंटरप्राइजेज पीलीकोठी, एसएन पब्लिक स्कूल एंड हास्टल, ब्रजदेव डेवलपर्स, लार्ड बुद्धा इंटरनेशनल स्कूल मुंहकुचवां, इंटरलक्स इंटीरियर्स, जिला उद्यान अधिकारी मिर्जापुर, संभागीय परिवहन अधिकारी मिर्जापुर शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सावन व भादो माह को कजरारी रात हो, काले घने बादल उमड़-घुमड़ कर गरज रहे हो, रिमझिम बूंदें पड़ रही हों, सनसन करती रात, इसी समय धरती हरितिमा के परिवेश में मदमस्त हो उठती है। कोयल की कुक, पपीते की पुकार, झींगुर की झंकार और दामिनी से प्रकृति को उन हरी भरी वादियों से जो गीत मुखरित होता है, उस गीत का सलोना सा नाम है कजरी।
- पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, कजरी गायिका

कजरी उत्तर भारत की समृद्ध लोक गायन विधा है। यह मिर्जापुर से निकल कर जहां भी उत्तर भारतीय समाज बसा है, वहां बढ़-चढ़कर कजरी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कजरी गायकी में पारिवारिक, संयोग-वियोग व सामयिक प्रसंग प्रधान रहते हैं।
सुरेश शुक्ला, अभिनेता व लोक कलाकार


कजरी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक गायिकी है। कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध लोकगीत है। कजरी की उत्पति मिर्जापुर कीमानी जाती है। कजरी लोक संगीत की महत्वपूर्ण विधा है। कजरी खेत खलिहान से लेकर राजघराने तक में विख्यात रही है।

- उषा गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार

कजरी वर्षा ऋतु के आवाह्न का गीत है। मां विंध्यवासिनी देवी का एक नाम कज्जला देवी है। कजरी लोक संस्कृति संवाहक है। जिसमें मुख्य रूप से मिर्जापुर और बनारस की कजरी सरनाम है। कजरी सावन व भादों के महीने में लोक संगीत का रूप धारण कर लेती है। -
- शैलबाला मिश्र, अभिनेत्री व लोक कलाकार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed