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तल्ख धूप से जनजीवन बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो मिर्जापुर।
Updated Mon, 11 May 2015 12:25 AM IST
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हल्के बादलों के साथ सूरज की तल्ख धूप से जनजीवन बेहाल हो गया है। पारा 43 के पार चढ़ते ही सूर्य की तल्ख किरणों से धरती झुलसने लगी है। जीव-जंतू, पेड़-पौधे, नदी-नाले, पोखर-तालाब बेहिसाब गर्मी से कराह रहे हैं। रविवार को आसमान से भगवान भास्कर के निकलते ही चहुंओर तपिश का साम्राज्य फैल गया, जिससे बाजाराें व सड़काें पर सन्नाटा पसरा रहा।
रविवार को सुबह के आठ बजते ही सूरज से बरस रही आग ने लोगाें की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया। दोपहर के 12 बजते-बजते आसमान में बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे, जिससे तापमान कुछ कम हुआ, लेकिन उमस भरी गर्मी बरकरार रही। रविवार का दिन होने के चलते तपिश में लोग दूकानों को बंद कर घराें में ही कैद रहे। गर्मी के चलते स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे भी कहीं घूमने-फिरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकाें में भी भीषण गर्मी से लोग कराह रहे हैं। नगर में रहने वाले लोगों के लिए प्रचंड गर्मी मुसीबत बन कर कहर ढा रही है। दिन भर चलने वाले लू के थपेड़ाें ने लोगों का राह चलना मुश्किल कर दिया है। गर्मी के चलते गंगा पर लंबी रेत की चादर फैल गई है, वहीं रात्रिकालीन बिजली कटौती के कारण लोगों को देर रात तक बिजली के इंतजार में जागना पड़ रहा है।
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रविवार को सुबह के आठ बजते ही सूरज से बरस रही आग ने लोगाें की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया। दोपहर के 12 बजते-बजते आसमान में बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे, जिससे तापमान कुछ कम हुआ, लेकिन उमस भरी गर्मी बरकरार रही। रविवार का दिन होने के चलते तपिश में लोग दूकानों को बंद कर घराें में ही कैद रहे। गर्मी के चलते स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे भी कहीं घूमने-फिरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकाें में भी भीषण गर्मी से लोग कराह रहे हैं। नगर में रहने वाले लोगों के लिए प्रचंड गर्मी मुसीबत बन कर कहर ढा रही है। दिन भर चलने वाले लू के थपेड़ाें ने लोगों का राह चलना मुश्किल कर दिया है। गर्मी के चलते गंगा पर लंबी रेत की चादर फैल गई है, वहीं रात्रिकालीन बिजली कटौती के कारण लोगों को देर रात तक बिजली के इंतजार में जागना पड़ रहा है।
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