{"_id":"62489c8d9c7d857bc563fb86","slug":"first-five-lakh-devotees-in-mata-darbar-on-the-first-day-mirzapur-news-vns6462958176","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन माता दरबार में पहंुचे पांच लाख श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन माता दरबार में पहंुचे पांच लाख श्रद्धालु
विज्ञापन
विंध्याचल । चैत्र नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। गंगा मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अष्टभुजा पहाड़ पर महाकाली और मां अष्टभुजी देवी का दर्शन पूजन किया। कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र, डीआईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, सिटी मजिस्ट्रेट विनय सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी सुबह से लेेकर रात तक चक्रमण कर व्यवस्था देखते रहे।
चैत्र नवरात्र पर शनिवार की भोर में मंगला आरती के उपरांत मंदिर का कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। आदिशक्ति जगत जननी मां विंध्यवासिनी की जयकारे से समूचा विंध्याचल धाम परिसर गुंजायमान रहा। नवरात्र के पहले दिन जगत जननी मां के दरबार में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। भोर में मंगला आरती के उपरांत दर्शन पूजन का दौर शुरू हो गया। देवी धाम पहुंचने के बाद किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भ गृह में जाकर मां की भव्य स्वरूप का दर्शन किया। नवरात्र मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की तरफ से व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
चैत्र नवरात्र पर मां विंध्यवासिनी मंदिर सहित आस्थाधाम स्थित अन्य मंदिर सजे रहे। शाम के वक्त मंदिरों की अनुपम छंटा दिखने को मिली। अष्टभुजा और महाकाली मंदिर भी तरह तरह के पुष्पों और रंग बिरंगे झालरों से सजाया गया।
विज्ञापन
विंध्याचल। चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन पांच लाख की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन और पूजन किया। पहले दिन ही उमड़ी रिकार्ड भीड़ के बावजूद लोगों को मां का सुगम दर्शन मिला। प्रशासन की व्यवस्थाओं को श्रद्धालु सराहते दिखे। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग के चलते लोगों को खासा सुविधा हुई। वहीं, वीआईपी भी लाइन में लगकर दर्शन करते दिखे।
विज्ञापन
चैत्र नवरात्र पर शनिवार की भोर में मंगला आरती के उपरांत मंदिर का कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। आदिशक्ति जगत जननी मां विंध्यवासिनी की जयकारे से समूचा विंध्याचल धाम परिसर गुंजायमान रहा। नवरात्र के पहले दिन जगत जननी मां के दरबार में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। भोर में मंगला आरती के उपरांत दर्शन पूजन का दौर शुरू हो गया। देवी धाम पहुंचने के बाद किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भ गृह में जाकर मां की भव्य स्वरूप का दर्शन किया। नवरात्र मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की तरफ से व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
विज्ञापन
चैत्र नवरात्र पर मां विंध्यवासिनी मंदिर सहित आस्थाधाम स्थित अन्य मंदिर सजे रहे। शाम के वक्त मंदिरों की अनुपम छंटा दिखने को मिली। अष्टभुजा और महाकाली मंदिर भी तरह तरह के पुष्पों और रंग बिरंगे झालरों से सजाया गया।
विज्ञापन
विंध्याचल। चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन पांच लाख की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन और पूजन किया। पहले दिन ही उमड़ी रिकार्ड भीड़ के बावजूद लोगों को मां का सुगम दर्शन मिला। प्रशासन की व्यवस्थाओं को श्रद्धालु सराहते दिखे। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग के चलते लोगों को खासा सुविधा हुई। वहीं, वीआईपी भी लाइन में लगकर दर्शन करते दिखे।