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नक्सल गतिविधियों पर गोपनीय रणनीति हुई साझा
Updated Wed, 11 Oct 2017 12:35 AM IST
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अहरौरा। जेल में बंद और निष्क्रिय हो चुके नक्सलियों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां पैनी निगाह रखेंगी। यह फैसला सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जिलों के पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के अधिकारियों की अहरौरा जलाशय पर सोमवार दोपहर हुई गोपनीय बैठक में लिया गया। तीनों जिलों के अधिकारियों नक्सलियों से जुड़ी जानकारियों को साझा किया। निकाय चुनाव के दौैरान उनके सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने की योजना बनाई गई।
चर्चा के दौरान ऐसे नक्सलियों की सूची एक दूसरे को सौंपी गई, जो चिह्नित होने के बावजूद अभी गिरफ्त में नहीं आए हैं। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर या किसी अन्य जेल में बंद आरोपियों पर भी ध्यान देने को कहा गया। जेल में बंद नक्सलियों से मिलने आने वालों के बारे में भी इनपुट जुटाने और एक-दूसरे से साझा करने का फैसला लिया गया।
मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली कुछ साल पहले तक नक्सली बेहद सक्रिय थे। अब भी जब-तब उनके मूवमेंट की भनक लगती रहती है और पुलिस को जंगलों में कांबिंग करनी पड़ती है। निकाय चुनाव के दौरान नक्सली सक्रिय हो सकते हैं। इसको देखते हुए कम्युनिटी पुलिसिंग को और कारगर बनाने को कहा गया। इस दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों मे संयुक्त कांबिंग करने की भी रूपरेखा भी बनाई गई। बैठख में सोनभद्र सीआरपीएफ के कमांडेंट सुरेंद्र कुमार, चंदौली के असिस्टेंट कमांडर मोहम्मद शहनवाज, पीएसी कमांडर मुन्नीलाल, सीओ नौगढ मुकेश शुक्ला, सीओ नक्सल मडिहान केपी सिंह, सीओ चुनार सुधीर कुमार, थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह, एसओ ओबरा, एसओ ,नौगढ,39 वीं व 36 वीं वाहिनी पीएसी के कंपनी कमांडर आदि मौजूद रहे।
चर्चा के दौरान ऐसे नक्सलियों की सूची एक दूसरे को सौंपी गई, जो चिह्नित होने के बावजूद अभी गिरफ्त में नहीं आए हैं। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर या किसी अन्य जेल में बंद आरोपियों पर भी ध्यान देने को कहा गया। जेल में बंद नक्सलियों से मिलने आने वालों के बारे में भी इनपुट जुटाने और एक-दूसरे से साझा करने का फैसला लिया गया।
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मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली कुछ साल पहले तक नक्सली बेहद सक्रिय थे। अब भी जब-तब उनके मूवमेंट की भनक लगती रहती है और पुलिस को जंगलों में कांबिंग करनी पड़ती है। निकाय चुनाव के दौरान नक्सली सक्रिय हो सकते हैं। इसको देखते हुए कम्युनिटी पुलिसिंग को और कारगर बनाने को कहा गया। इस दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों मे संयुक्त कांबिंग करने की भी रूपरेखा भी बनाई गई। बैठख में सोनभद्र सीआरपीएफ के कमांडेंट सुरेंद्र कुमार, चंदौली के असिस्टेंट कमांडर मोहम्मद शहनवाज, पीएसी कमांडर मुन्नीलाल, सीओ नौगढ मुकेश शुक्ला, सीओ नक्सल मडिहान केपी सिंह, सीओ चुनार सुधीर कुमार, थानाध्यक्ष प्रवीण सिंह, एसओ ओबरा, एसओ ,नौगढ,39 वीं व 36 वीं वाहिनी पीएसी के कंपनी कमांडर आदि मौजूद रहे।
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