{"_id":"5c59d8fabdec22739402aa4f","slug":"51549392122-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पठारी क्षेत्रों में नहीं बनाए गए पशु आश्रय स्थल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पठारी क्षेत्रों में नहीं बनाए गए पशु आश्रय स्थल
विज्ञापन
मिर्जापुर। नगर में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए चल रहा अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को गणेशगंज से संगमोहाल होते हुए रोडवेज तक अभियान चलाया गया। इस दौरान 20 छुटा पशु पकड़े गए। अब तक पकड़े जाने वाले पशुओं की संख्या 130 हो गई है।
पकड़े जाने वाले पशुओं में 13 सांड़ व सात गाय हैं। गाय को एएसजे इंटर कालेज के सामने बने कांजी हाउस में रखा गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पाले हुए पशुओं को बांधकर घर में रखें। पकड़े जाने पर उनको कांजी हाउस भेज दिया जाएगा और जुर्माना देने पर ही वह छूट पाएंगे। उन्होंने बताया कि छह फरवरी को विंध्याचल में शिवपुर से कंतित तक यह अभियान चलाया जाएगा।
पठारी क्षेत्रों में नहीं बनाए गए पशु आश्रय स्थल
हलिया। विकासखंड के सभागार में एक माह पूर्व उप जिलाधिकारी लालगंज अरविंद कुमार चौहान के निर्देश के बावजूद पठारी क्षेत्रों में पशु आश्रय स्थल नहीं बनाए गए। जिसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। उपजिलाधिकारी आदेश के आदेश बाद क्षेत्र के मड़वा धनावल, अहुगी कलां एवं हलिया में पशु आश्रय स्थल तो बनाए गए। शेष गांवों की दशा जस का तस बनी हुई है। पठारी क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने क्षेत्र में पशु आश्रय स्थल निर्माण कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पकड़े जाने वाले पशुओं में 13 सांड़ व सात गाय हैं। गाय को एएसजे इंटर कालेज के सामने बने कांजी हाउस में रखा गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने पाले हुए पशुओं को बांधकर घर में रखें। पकड़े जाने पर उनको कांजी हाउस भेज दिया जाएगा और जुर्माना देने पर ही वह छूट पाएंगे। उन्होंने बताया कि छह फरवरी को विंध्याचल में शिवपुर से कंतित तक यह अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
पठारी क्षेत्रों में नहीं बनाए गए पशु आश्रय स्थल
हलिया। विकासखंड के सभागार में एक माह पूर्व उप जिलाधिकारी लालगंज अरविंद कुमार चौहान के निर्देश के बावजूद पठारी क्षेत्रों में पशु आश्रय स्थल नहीं बनाए गए। जिसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। उपजिलाधिकारी आदेश के आदेश बाद क्षेत्र के मड़वा धनावल, अहुगी कलां एवं हलिया में पशु आश्रय स्थल तो बनाए गए। शेष गांवों की दशा जस का तस बनी हुई है। पठारी क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने क्षेत्र में पशु आश्रय स्थल निर्माण कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन