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वृक्ष की छांव में पढ़ने को मजबूर है छात्र व छात्राएं
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:49 PM IST
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कछवां । मझवां ब्लाक के बरैनी गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। बच्चे पास में ही मौजूद पं.रामकिंकर हनुमान मंदिर के पास एक पेड़ के नीचे बैठ पढ़ने को मजबूर हैं। वर्ष 2004 के बने इस भवन की मरम्मत कभी नहीं कराई गई। जिससे भवन पूरी तरह से जीणशीर्ण हो चुका है। भवन का छत जगह जगह फट गया है यहां तक डाला गया सरिया तक दिखलाई पड़ रहा है। जिससे पानी टपक रहा है।
विद्यालय में कुल 78 बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें 38 लड़कियां और 40 लड़के अध्ययरत है। मंदिर परिसर में बच्चों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। खुले मौसम में पेड़ के नीचे पढ़ रहे छात्र पानी बरसने पर बारामदे का सहारा लेना पड़ रहा है। विद्यालय भवन का आलम यह कि यह कब भरभराकर गिर जाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता। बच्चे क्या खुद अध्यापक उसमें प्रवेश से कतराते हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक तेजू ने का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेजकर भवन निर्माण की बात कही है। दस दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से जर्जर भवनों की पोल खुलने लगी है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगी गई है। भवनों को चिह्नित कर वहां बच्चों को न बैठाने का निर्देश दिया गया है। सूची आने के बाद नए भवन के निर्माण के लिए पहल की जाएगी।
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विद्यालय में कुल 78 बच्चे पढ़ते हैं। जिसमें 38 लड़कियां और 40 लड़के अध्ययरत है। मंदिर परिसर में बच्चों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। खुले मौसम में पेड़ के नीचे पढ़ रहे छात्र पानी बरसने पर बारामदे का सहारा लेना पड़ रहा है। विद्यालय भवन का आलम यह कि यह कब भरभराकर गिर जाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता। बच्चे क्या खुद अध्यापक उसमें प्रवेश से कतराते हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक तेजू ने का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेजकर भवन निर्माण की बात कही है। दस दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश से जर्जर भवनों की पोल खुलने लगी है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से जर्जर भवनों की रिपोर्ट मांगी गई है। भवनों को चिह्नित कर वहां बच्चों को न बैठाने का निर्देश दिया गया है। सूची आने के बाद नए भवन के निर्माण के लिए पहल की जाएगी।
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