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एसटीएफ करेंगी अनाज वितरण घोटाले की जांच
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:53 PM IST
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मिर्जापुर। आधार का दुरुपयोग कर अनाज उठाने के मामले की जांच शासन ने लखनऊ की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी है। जल्द ही एसटीएफ की टीम अनाज वितरण घोटाले की जांच करने जिले में आ सकती है। अपर आयुक्त रामयज्ञ मिश्र ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर घोटाले से संबंधित कागजात उपलब्ध कराने का निर्देश जिलापूर्ति अधिकारी को दिया है।
जनपद में कोटे की दुकानों पर अनाज वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ई-पास मशीन लगाई गई है। अनाज वितरण में गड़बड़ी न हो और पात्रों को ही अनाज मिले, इसके लिए कार्डधारकों के राशन कार्ड को आधार से लिंक किया गया है। इस व्यवस्था के बाद महिला मुखिया या सदस्य की ओर से ई पास मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही अनाज मिलता है। इसके भी ईपास मशीन का तोड़ निकाल कर अनाज वितरण में गड़बड़ी की गई। मामले का खुलासा लखनऊ में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जुलाई में कोटेदारों की ओर से अनाज वितरण की रिपोर्ट की जांच में किया। घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन से लेकर शासन तक हतप्रभ है। ई पास मशीन लगने के बाद भी हेराफेरी कर जिले में 500 क्विंटल अनाज का उठान कर लिया गया। जांच में यह बात आई है कि सस्ते गल्ले की दुकानों पर सात लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर का गलत तरीके से इस्तेमाल कर 1027 बार अनाज निकाल लिया। शासन ने प्रकरण को काफी गंभीरता से लिया है। इस मामले केस दर्ज करते हुए सस्ते गल्ले की आठ दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैैं। एसटीएफ की जांच में इस तरह के और मामले भी उजागर हो सकते हैं।
जिलापूर्ति अधिकारी उमेशचंद्र ने कहा कि आधार में हेराफेरी करके अनाज निकालने के मामले की जांच एसटीएफ से कराए जाने की सूचना मिली है। जांच के बाद ही हेराफेरी की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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जनपद में कोटे की दुकानों पर अनाज वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ई-पास मशीन लगाई गई है। अनाज वितरण में गड़बड़ी न हो और पात्रों को ही अनाज मिले, इसके लिए कार्डधारकों के राशन कार्ड को आधार से लिंक किया गया है। इस व्यवस्था के बाद महिला मुखिया या सदस्य की ओर से ई पास मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही अनाज मिलता है। इसके भी ईपास मशीन का तोड़ निकाल कर अनाज वितरण में गड़बड़ी की गई। मामले का खुलासा लखनऊ में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जुलाई में कोटेदारों की ओर से अनाज वितरण की रिपोर्ट की जांच में किया। घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन से लेकर शासन तक हतप्रभ है। ई पास मशीन लगने के बाद भी हेराफेरी कर जिले में 500 क्विंटल अनाज का उठान कर लिया गया। जांच में यह बात आई है कि सस्ते गल्ले की दुकानों पर सात लाभार्थियों के आधार कार्ड नंबर का गलत तरीके से इस्तेमाल कर 1027 बार अनाज निकाल लिया। शासन ने प्रकरण को काफी गंभीरता से लिया है। इस मामले केस दर्ज करते हुए सस्ते गल्ले की आठ दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैैं। एसटीएफ की जांच में इस तरह के और मामले भी उजागर हो सकते हैं।
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जिलापूर्ति अधिकारी उमेशचंद्र ने कहा कि आधार में हेराफेरी करके अनाज निकालने के मामले की जांच एसटीएफ से कराए जाने की सूचना मिली है। जांच के बाद ही हेराफेरी की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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