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पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से होती है हर साल सैंकड़ां
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मिर्जापुर। जर्जर सड़कों के चलते हर साल सड़क दुर्घटनाओं में सौ से अधिक लोगों की मौते होती है जबकि पांच सौ से अधिक लोग घायल होते हैं। फिर भी इनपर लगाम लगाने के लिए शासन प्रशासन की ओर से कोई प्रयास किया नहीं किया जाता है। समय समय पर दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए पुलिस और आरटीओ की ओर से यातायात माह तथा सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। लेकिन इन सब के बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कोई पहल नहीं की जाती है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के नाम पर भी सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।
बता दें कि जिले में चार सौ से अधिक सड़कें है। इनके निर्माण पर लगभग नौ सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके इनकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। मानक के अनुरूप सड़क नहीं बनाए जाने के चलते यह निर्माण के कुछ महीने बाद ही उखड़ने लगती है। शिकायत के बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़कों को बनाने वाले ठेकेदारों से सड़क की मरम्मत करने के निर्देश नहीं देते है। जिससे कई सालों तक सड़के जर्जर स्थिति में रहती है। इन सड़कों पर सफर करना दुर्घटना को दावत देने जैसे रहता है फिर भी लोग मजबूरी में इन्ही सड़कों से सफर करने को विवश रहते है। जिससे कभी टायर फटने और कभी वाहनों से गिरकर लोग दुर्घटना शिकार हो जाते है। वहीं तेजगति भी दुर्घटना का कारण होता है। अक्सर लोग वाहनों को स्पीड से चलाते समय अपना आपा खो देते हैं जिससे वाहन अनियंत्रित होकर किसी पेड़ से या फिर सामने से आ रहे वाहनों में भिड़ जाते है। जिसमें उनकी मौते भी हो जाती है।
जनपद की सड़कें
जनपद में पांच मुख्य सड़ंके है जिसमें मिर्जापुर- रीवा मार्ग, मिर्जापुर-इलाहाबाद मार्ग, मिर्जापुर -औराई मार्ग, मिर्जापुर -वाराणसी मार्ग और मिर्जापुर -सोनभद्र मार्ग शामिल है। जिसपर से प्रतिदिन दस से हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा जनपद के बारहों ब्लाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत तीन सौ से अधिक सड़कें हैं। जो एक बार बनने के बाद उसी तरह हैं। कई बार शिकायत करने पर उसे नया तो नहीं बनाया जाता हैै कि उसका मरम्मत कराने की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है लेकिन तबतक उस सड़क पर दस से अधिक लोगों की जाने चली जाती है और सौ से अधिक लोग घायल हो जाते हैं।
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कहां कहां होती है सबसे अधिक दुर्घटना
1-मिर्जापुर औराई मार्ग पर- चील्ह तिराहा, पुरजागिर, मुजेहरा, सहसेपुर, औराई तिराहा, औराई रेलवे क्रासिंग,
2- मिर्जापुर इलाहाबाद मार्ग- सबरी चौराह, बसही, विंध्याचल, विरोही, अकोढ़ी, गैपूरा , जिगना, ऊचडीह मांडा,
3-मिर्जापुर सोनभद्र- बरौधा तिराहा, महकुचवां, बरकछा, विढमफाल, कोटवा, बेला जंगल, मड़िहान, भावा, लूसा, इमिलया, गर्दानाला, राजगढ़ कर्बला, विशुनपुरा, सोनवर्सा,
4-राजगढ़ चुनार रोड- हिनौता, हनुमान मंदिर, सरसो सेमरी, तालार तोड़, सिद्घनाथ दरी ढाल,
5-मिर्जापुर रीवा मार्ग- पर बथुआ तिराहा, करनपुर, लहंगपुर, लालगंज, सेवटी नदी, हलिया, ड्रमंडगंज,
6-मिर्जापुर वाराणसी- मार्ग, भरूहना चौराहा, आमघाट, झिगुंरा चौराहा, पड़री बाजार, मोहनपुर पड़री, डगमगपुर, चुनार, जमुई, नरायनपुर।
7- वाराणसी शक्तिनगर- मुख्य मार्ग के नरायनपुर टेगरा मोड़, छोटा मिर्जापुर, अहरौरा के महुली चौराहे, मेहंदीपुर, चितविश्राम तिराहे पर, हनुमान घाटी, बिल्लोकुंड, भैसा खोह मोड़, अदलहाट गरौड़ी, टेढ़आ वीर, आदि स्थान शामिल है।
दुर्घटना के क्या हैं कारण
दुर्घटना के तीन मुख्य कारण है। पहला दुर्घटना जोन वाले स्थानों पर कोई संकेत बोर्ड नहीं लगे होते है। दूसरा ना ही उन स्थानों पर ब्रेकर बनाए जाते है। तीसरा स्पीड से वाहन चलाना शामिल है। बाइक हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर लोग हेलमेट नहीं लगाते हैं।
वर्ष 2018 का आंकड़ा
सड़क कितनी दुर्घटना कितनी मौत कितने घायल
मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग 130 22 110
मिर्जापुर-रीवा मार्ग 165 32 120
मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग 145 28 130
मिर्जापुर-इलाहाबाद 160 24 100
मिर्जापुर-औराई मार्ग 90 20 30
वाराणसी -शक्तिनगर मार्ग पर 110 18 140
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बता दें कि जिले में चार सौ से अधिक सड़कें है। इनके निर्माण पर लगभग नौ सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके इनकी हालत में सुधार नहीं हुआ है। मानक के अनुरूप सड़क नहीं बनाए जाने के चलते यह निर्माण के कुछ महीने बाद ही उखड़ने लगती है। शिकायत के बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सड़कों को बनाने वाले ठेकेदारों से सड़क की मरम्मत करने के निर्देश नहीं देते है। जिससे कई सालों तक सड़के जर्जर स्थिति में रहती है। इन सड़कों पर सफर करना दुर्घटना को दावत देने जैसे रहता है फिर भी लोग मजबूरी में इन्ही सड़कों से सफर करने को विवश रहते है। जिससे कभी टायर फटने और कभी वाहनों से गिरकर लोग दुर्घटना शिकार हो जाते है। वहीं तेजगति भी दुर्घटना का कारण होता है। अक्सर लोग वाहनों को स्पीड से चलाते समय अपना आपा खो देते हैं जिससे वाहन अनियंत्रित होकर किसी पेड़ से या फिर सामने से आ रहे वाहनों में भिड़ जाते है। जिसमें उनकी मौते भी हो जाती है।
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जनपद की सड़कें
जनपद में पांच मुख्य सड़ंके है जिसमें मिर्जापुर- रीवा मार्ग, मिर्जापुर-इलाहाबाद मार्ग, मिर्जापुर -औराई मार्ग, मिर्जापुर -वाराणसी मार्ग और मिर्जापुर -सोनभद्र मार्ग शामिल है। जिसपर से प्रतिदिन दस से हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा जनपद के बारहों ब्लाकों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत तीन सौ से अधिक सड़कें हैं। जो एक बार बनने के बाद उसी तरह हैं। कई बार शिकायत करने पर उसे नया तो नहीं बनाया जाता हैै कि उसका मरम्मत कराने की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है लेकिन तबतक उस सड़क पर दस से अधिक लोगों की जाने चली जाती है और सौ से अधिक लोग घायल हो जाते हैं।
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कहां कहां होती है सबसे अधिक दुर्घटना
1-मिर्जापुर औराई मार्ग पर- चील्ह तिराहा, पुरजागिर, मुजेहरा, सहसेपुर, औराई तिराहा, औराई रेलवे क्रासिंग,
2- मिर्जापुर इलाहाबाद मार्ग- सबरी चौराह, बसही, विंध्याचल, विरोही, अकोढ़ी, गैपूरा , जिगना, ऊचडीह मांडा,
3-मिर्जापुर सोनभद्र- बरौधा तिराहा, महकुचवां, बरकछा, विढमफाल, कोटवा, बेला जंगल, मड़िहान, भावा, लूसा, इमिलया, गर्दानाला, राजगढ़ कर्बला, विशुनपुरा, सोनवर्सा,
4-राजगढ़ चुनार रोड- हिनौता, हनुमान मंदिर, सरसो सेमरी, तालार तोड़, सिद्घनाथ दरी ढाल,
5-मिर्जापुर रीवा मार्ग- पर बथुआ तिराहा, करनपुर, लहंगपुर, लालगंज, सेवटी नदी, हलिया, ड्रमंडगंज,
6-मिर्जापुर वाराणसी- मार्ग, भरूहना चौराहा, आमघाट, झिगुंरा चौराहा, पड़री बाजार, मोहनपुर पड़री, डगमगपुर, चुनार, जमुई, नरायनपुर।
7- वाराणसी शक्तिनगर- मुख्य मार्ग के नरायनपुर टेगरा मोड़, छोटा मिर्जापुर, अहरौरा के महुली चौराहे, मेहंदीपुर, चितविश्राम तिराहे पर, हनुमान घाटी, बिल्लोकुंड, भैसा खोह मोड़, अदलहाट गरौड़ी, टेढ़आ वीर, आदि स्थान शामिल है।
दुर्घटना के क्या हैं कारण
दुर्घटना के तीन मुख्य कारण है। पहला दुर्घटना जोन वाले स्थानों पर कोई संकेत बोर्ड नहीं लगे होते है। दूसरा ना ही उन स्थानों पर ब्रेकर बनाए जाते है। तीसरा स्पीड से वाहन चलाना शामिल है। बाइक हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर लोग हेलमेट नहीं लगाते हैं।
वर्ष 2018 का आंकड़ा
सड़क कितनी दुर्घटना कितनी मौत कितने घायल
मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग 130 22 110
मिर्जापुर-रीवा मार्ग 165 32 120
मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग 145 28 130
मिर्जापुर-इलाहाबाद 160 24 100
मिर्जापुर-औराई मार्ग 90 20 30
वाराणसी -शक्तिनगर मार्ग पर 110 18 140