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सुहागीनों को अखंड सौभाग्य का वरदान इेती हैं: दुलहिया देवी
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:35 AM IST
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शेरवां। भटवारे खुर्द के दक्षिण में स्थित मां दुलहिया देवी मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही है। मान्यता है कि यहां मत्था टेकने से हर मुराद पूरी होती है। मां की चौखट पर अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं सिंदूरदान करती हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक वर्षों पूर्व एक दुल्हन डोली में बैठ कर अपने ससुराल आ रही थी। परंपरा के अनुसार उसे गांव के बाहर रोक कर महिलाओं को परछन करने के लिए बुलावा भेजा गया। दुल्हन प्यास से तड़प रही थी और बार-बार कहारों से पानी मांग रही थी। महिलाएं परछन के लिए पहुंची तब तक प्यास से उसकी मौत हो चुकी थी। नवविवाहिता ने रात्रि में गांव वालों को सपना दिया कि पहाड़ी में जहां मेरी डोली रुकी थी, वहां एक मंदिर बनाया जाए। नवविवाहिता पहले मेरे चौखट सिंदूर की दान करेगी वह सदा सुहागिन रहेगी। गांव वालों ने मंदिर का निर्माण कराया। वासंतिक व शारदीय नवरात्र एवं सावन माह में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
ग्रामीणों के मुताबिक वर्षों पूर्व एक दुल्हन डोली में बैठ कर अपने ससुराल आ रही थी। परंपरा के अनुसार उसे गांव के बाहर रोक कर महिलाओं को परछन करने के लिए बुलावा भेजा गया। दुल्हन प्यास से तड़प रही थी और बार-बार कहारों से पानी मांग रही थी। महिलाएं परछन के लिए पहुंची तब तक प्यास से उसकी मौत हो चुकी थी। नवविवाहिता ने रात्रि में गांव वालों को सपना दिया कि पहाड़ी में जहां मेरी डोली रुकी थी, वहां एक मंदिर बनाया जाए। नवविवाहिता पहले मेरे चौखट सिंदूर की दान करेगी वह सदा सुहागिन रहेगी। गांव वालों ने मंदिर का निर्माण कराया। वासंतिक व शारदीय नवरात्र एवं सावन माह में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
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