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'मंगल मिशन' में शामिल है यूपी का यह बेटा
प्रताप यादव/उझानी
Updated Wed, 06 Nov 2013 08:01 AM IST
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भारतीय अंतरिक्ष अभियान से जुड़े वैज्ञानिकों के साथ ही मंगलवार का दिन यूपी में बदायूं के उझानी शहर के अरोरा परिवार के लिए भी खुशियों की सौगात लेकर आया।
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परिवार के वैज्ञानिक बेटे सत्यपाल सिंह उर्फ मिक्कू वैज्ञानिकों की उस टीम के प्रभारी हैं, जिसने लाल गृह पर चढ़ाई करने के लिए तैयार किए गए मंगलयान के दूसरे चरण का इंजन तैयार किया।
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पीएसएलवी-25 के सफल प्रक्षेपण और बेटे के इसमें योगदान से अरोरा फैमिली ही नहीं बदायूं जिले का यह छोटा सा कस्बा भी गदगद है।
उझानी के स्टेशन रोड पर रहने वाले समाजसेवी चरनजीत सिंह अरोरा के दो बेटों में से छोटे सत्यपाल सिंह उर्फ मिक्कू इसरो की तमिलनाडु की महेंद्रगिरि स्थित यूनिट में कार्यरत हैं।
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मिक्कू ने फोन पर बताया कि मंगलयान के दूसरे चरण के इंजन को तैयार करने में इसरो के वैज्ञानिकों की टीम को करीब तीन महीने लगे। वह इस टीम का हिस्सा बनने से गौरवान्वित हैं।
पीएसएलवी-25 के सफल प्रक्षेपण के तत्काल बाद उत्साहित मिक्कू ने अपने भाई अमरपाल सिंह उर्फ रोंपी से बात की। रोंपी के अनुसार अपने हाथों से बनाए गए इंजन को लाल गृह पर रवाना करने की खुशी मिक्कू से छुपाए नहीं छुप रही थी।
रोंपी ने बताया कि मिक्कू बचपन से ही मेधावी थे। इंटर तक पढ़ाई महात्मा गांधी पालिका कॉलेज में पूरी करने के बाद उन्होंने भोपाल के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की।
मिक्कू को पहले भारतीय नौ सेना में नौकरी मिली थी लेकिन उसे छोड़ कर उन्होंने छह साल पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ज्वाइन कर लिया। वहां वह वैज्ञानिक के तौर पर कार्यरत हैं।
मिशन से जुड़े हैं 200 वैज्ञानिक
पीएसएलवी-25 के दूसरे चरण के इंजन को तैयार करने वाली टीम के प्रभारी सत्यपाल सिंह उर्फ मिक्कू के अनुसार इस यान के चार स्टेप हैं। इस पूरे मिशन में 200 वैज्ञानिक जुड़े हैं।