Year Ender 2023: पूरी नहीं हुईं उम्मीदें, सीएम योगी ने किया था बर्न यूनिट का लोकार्पण पर नहीं हुई चालू
Year Ender 2023 : पिछले साल मई में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्न यूनिट का लोकार्पण किया था, उम्मीद थी अब यह चालू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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मेरठ में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं की उम्मीदों के साथ यह साल भी गुजर गया। जनता के लिए चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर करने के कई ख्वाब इस साल भी पूरे नहीं हो सके। न तो एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी बर्न यूनिट शुरू हो पाई और न ही पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एमआरआई यूनिट।
जिला अस्पताल में न ही ट्रॉमा सेंटर शुरू हो पाया और न ही सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी पूरी हो पाई। जिला अस्पताल में प्राइवेट वार्डों को फिर से शुरू करने का ख्वाब भी पूरा नहीं हो सका। पिछले साल मई में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्न यूनिट का लोकार्पण किया था, उम्मीद थी अब यह चालू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। न पूरा स्टाफ मिला और न ऑक्सीजन पाइप लाइन से इसे जोड़ा जा सका। यही हाल जिला अस्पताल की एमआरआई यूनिट का है। इसे भी मशीन नहीं मिल सकी है।
तीन साल से मशीन का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग में 32, मेडिकल कॉलेज में 82 और जिला अस्पताल में 26 चिकित्सकों की कमी है। इनकी भरपाई के लिए पत्राचार चल रहा है, लेकिन इनकी कमी पूरी नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में छह प्राइवेट वार्ड सालों से बंद पड़े हैं। इन्हें शुरू करने की कवायद भी अधूरी रह गई। मेडिकल कॉलेज में 20 प्राइवेट हैं, जिनमें से 10 ही चालू किए जा सके हैं।
-सुपर स्पेशियलिटी ने पकड़ी रफ्तार
अच्छा यह रहा कि एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक ने रफ्तार पकड़ ली है। हृदय रोग और विभिन्न तरह की सर्जरी से संबंधित कई उपलब्धियां हासिल कीं। मेडिकल के छात्रों को कई शोधों में पुरस्कार भी मिले। बंद पड़ी रेडियोथैरेपी चालू हो गई।
-नए साल से बेहतर इलाज की उम्मीदें
उम्मीद है कि 2024 में ये सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। बर्न यूनिट, एमआरआई यूनिट, ट्रॉमा सेंटर और निजी वार्ड की सुविधाएं मरीजों को मिलने लगेंगी। जिला अस्पताल में भी प्राइवेट वार्ड शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में स्पोर्टस इंजरी सेंटर बनाने की कवायद चल रही है। उम्मीद है अगले साल पूरी हो जाएगी।
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कोरोना से रही राहत, डेंगू का हमला जारी
बीमारियों में इस साल कोरोना से राहत रही। इक्का दुक्का मरीज ही मिले। कोई लहर नहीं आई। जो मरीज मिले, वे भी घर पर रहकर की ठीक हो गए। 29 लाख से ज्यादा लोगों को यहां वैक्सीन की डोज लग चुकी है। डेंगू का हमला रहा। एक हजार से ज्यादा मरीज चुके हैं। कई मौतें भी हुईं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग तीन मौतों की ही पुष्टि कर रहा है। इसके अलावा कुत्तों और बंदरों का हमला जारी रहा। एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की जिला अस्पताल में भीड़ लगी रहती है।
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