इश्क में पागल थी रेसलर खिलाड़ी, प्रेमी से शादी करने के लिए की हदें पार
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दुष्कर्म मामले में जेल काट रहे प्रेमी से शादी करने के लिए रेसलर खिलाड़ी ने सभी हदें पार कर दी। वह इश्क में पागल थी। पढ़िए पूरी खबर...
मेरठ में गैंगरेप के आरोप में बंद प्रेमी की खातिर रेसलर शालू कुछ भी करने को तैयार थी। उसने दुष्कर्म पीड़िता व परिवार को फंसाने की प्लानिंग बनाई। उसकी मंशा थी कि उसका प्रेमी किसी तरह जेल से बाहर आ जाए। अमर उजाला ने घटना वाले दिन कई संकेत देकर इसका खुलासा किया था।
पुलिस के अनुसार शालू और सीसीएसयू के छात्र नेता राजीव खारी की दोस्ती सीसीएसयू के कुश्ती हॉल में हुई थी। दोनों मेडिकल क्षेत्र में किराये पर रहते थे। दोनों शादी करना चाहते थे। पांच माह पूर्व राजीव गैंगरेप के केस में जेल चला गया।
टेंशन मत लो, मैं छुड़ाऊंगी
पुलिस के मुताबिक 26 फरवरी को शालू जेल में राजीव से मिलने गई थी। शालू ने उससे कहा कि टेंशन मत लो। ऐसा काम करूंगी कि तुम 15 दिन में जेल से बाहर आ जाओगे।
सच बताओ, कॅरियर खराब हो जाएगा
पुलिस ने शालू और गरिमा से पूछताछ की। लेकिन दोनों तेजाब से हमला होने पर कायम रहीं। एएसपी कैंट ने कहा कि सच बता दो, नहीं तो कॅरियर खराब हो जाएगा। दोनों ने घबराकर सच बता दिया।
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जेल में बनी प्लानिंग, भूरा गिरफ्तार
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार तेजाब कांड की पटकथा जेल में लिखी गई। राजीव खारी, तेजाब उपलब्ध कराने वाला राजीव का परिचित भूरा पहलवान पुत्र पवन निवासी छिलौरा, शालू और गरिमा को साजिश रचने और झूठा केस बनाने का आरोपी बनाया जा रहा है। विजय को क्लीन चिट दी गई है। प्रेसवार्ता में विजय के बड़ा गांव परीक्षितगढ़ से कई लोग पहुंचे थे। जिन्होंने एसएसपी की सराहना कर मिठाई भी बांटी।
वहीं, शनिवार देर रात पुलिस ने भूरा को भी गिरफ्तार कर लिया। भूरा चार दिन पहले अजय उर्फ रिंकू की हत्या में नामजद हुआ था। एसएसपी ने उस पर 25 हजार का इनाम किया था। एसएसपी ने देहली गेट थाने पहुंचकर पूछताछ की तो भूरा ने बताया कि एक माह पूर्व शालू उसके पास आई थी। कोल्डड्रिंक की खाली बोतल में वह तेजाब ले गई थी। उसने अजय हत्याकांड में भी होना कबूला।
पहले टेस्ट में पास आईपीएस
एसिड अटैक के केस की जांच करने वाले आईपीएस अधिकारी एएसपी कैंट सतपाल सिंह से डीजीपी ओपी सिंह ने फोन पर बात की थी। एएसपी ने दावा किया था कि शालू झूठ बोल रही है। जल्द ही सच सामने आ जाएगा। जिस पर डीजीपी ने एएसपी को चैलेंज किया था कि अगर आपकी बात गलत निकली तो सजा मिलेगी। लेकिन एएसपी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि सर, जो चाहे सजा दे देना। पांच बार डीजीपी और एएसपी में बात हुई थी। शनिवार को खुलासा होने पर डीजीपी ने एसएसपी को फोन करके कहा कि आईपीएस सतपाल पहले ही टेस्ट में पास हो गए हैं। यह अच्छे आईपीएस की पहचान है।
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यह सवाल तो उठते हैं
- शालू अपने कमरे से बाइक से बेगमपुल पर आई थी। घटना के बाद बाइक कहां गई। कोई युवक भी उसके साथ था। इसके बारे में पुलिस ने अभी तक कुछ नहीं बताया।
- तेजगढ़ी स्थित एक होटल में हुई गैंगरेप की वारदात को पुलिस अब फर्जी बता रही है। आखिर पांच माह तक पुलिस कहां सो रही थी। तेजाब कांड के खुलासे से अब इस केस को क्यों जोड़ा गया।
- पुलिस ने पहले जल्दबाजी में सोनी को जेल भेजा, जबकि विजय को रोके रखा। शालू और गरिमा को मीडिया के सामने नहीं लाया गया। पुलिस अब राजीव खारी को भी क्यों बचा रही है।
तेजाब ही क्यों?
पुलिस के अनुसार जब शालू से पूछा कि तेजाब का आइडिया कहां से सूझा तो शालू ने बताया कि एसिड अटैक के घटना में सीधे शासन स्तर से जल्द कार्रवाई होती है। उनकी योजना फर्जी मुकदमे की पैरवी करने वाली सोनी को फंसाना था, ताकि वह जेल चली जाए और फिर समझौता हो जाए। लेकिन इससे पहले ही हमारी पोल खुल गई।
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