खास बातचीत: दिव्या काकरान बोलीं- मेहनत कभी खराब नहीं जाती, आगे बढ़ने का जज्बा होना चाहिए
दिव्या ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को हताश न होकर मेहनत और हौंसले के साथ खुद पर भरोसा करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
विस्तार
मेहनत कभी खराब नहीं जाती, आगे बढ़ने का जज्बा होना चाहिए। बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बेटी और राष्ट्रमंडल खेलों में देश का झंडा बुलंद करने वाली कुश्ती खिलाड़ी दिव्या काकरान बुधवार को मोहकमपुर अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया। दिव्या ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को हताश न होकर मेहनत और हौंसले के साथ खुद पर भरोसा करते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बेटियों ने समाज की सोच बदलने के लिए अपने कदम बढ़ा दिए हैं। हमारा कदम धीरे धीरे रंग ला रहा जो एक बड़ी क्रांति भी लाएगा।
बेटियों को पेट में मारने से पहले सोचेंगे लोग
राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरी कांस्य पदक जीतकर लौटी दिव्या आत्मविश्वास से लबरेज दिखीं। उन्होंने कहा कि सरकार आज पदकवीरों पर धनराशि बरसा रही है, इससे परिवार के लोगों की सोच बदलेगी। अब लोग बेटियों को पेट में मारने से पहले सोचेंगे। क्योंकि बेटियां बेटों के साथ देश के लिए पदक लाने में सक्षम हो गई हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में देश के शानदार प्रदर्शन को लेकर खुशी जताते हुए दिव्या ने कहा कि यह पदक जीतने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हमारी सरकार और समाज ने अब खिलाड़ियों को उनका हक देना शुरू कर दिया है। पहले लोग कहते थे बेटियों के कान टूट जाएंगे कौन शादी करेगा, लेकिन मेरी सगाई भी हो गई है। एक अच्छे घर और उनके होने वाले पति सचिन प्रताप सिंह भी राष्ट्रीय बॉडी बिल्डर हैं।
एशियन गेम्स व ओलंपिक में सोना लाने का लक्ष्य
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक लाने का सपना अधूरा होने पर दिव्या ने कहा उनकी नजरें सोने पर ही थी। लेकिन पहली ही कुश्ती नाइजिरिया की तगड़ी पहलवान से पड़ गई। जिसमें वो आक्रमक तौर पर खेल गई, जिससे नुकसान हुआ। लेकिन हर दिन अलग होता है और खेलों में सही समय पर सही तकनीक से जीत हासिल होती है। लेकिन मुझे फख्र है कि पउप्र की वो पहली ऐसी बेटी हैं जो राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार दूसरी बार पदक लेकर आईं हैं।
होने वाली ससुराल में बेटियों की तरह मिल रहा प्यार
मुजफ्फरनगर के पुरबालियान गांव की बेटी दिव्या काकरान जल्द मेरठ की बहू बनने जा रहीं हैं। उनका रिश्ता मेरठ निवासी सचिन प्रताप सिंह के साथ तय हुआ है। दिव्या ने बताया उनके मंगेतर सचिन प्रताप सिंह बॉडी बिल्डिंग के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और उनको प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। जिसके कारण वो मेरठ ससुराल में भी आती रहतीं हैं। जहां मुझे बेटियों की तरह प्यार मिल रहा है, परिवार और देश वासियों का प्यार मिलता रहा तो वो देश का मान बढ़ाती रहेंगी। अमर उजाला कार्यालय में सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक व तीरंदाजी संघ जिला सचिव अनुज शर्मा ने दिव्या काकरान व उनके मंगेतर सचिन प्रताप सिंह को सम्मानित कर हौसला बढ़ाया।