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नाले निर्माण में इस्तेमाल हो रही घटिया सामग्री
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Mar 2017 02:26 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में बनवाए जा रहे नालों और सड़कों के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार का खेल हो रहा है। नालों में पुरानी ईंटे लगाई जा रही हैं, वहीं निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार खुलेआम मनमर्जी कर रहे हैं। लोग विरोध करते हैं तो ठेकेदार धमकी देने से भी बाज नहीं आते। परेशान जनता निगम अधिकारियों से शिकायत कर थक चुकी है, लेकिन अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं है। इस समय आचार संहिता का बहना बनाकर अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं, जबकि हकीकत ये है कि जब आचार संहिता नहीं होती तब भी अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते। शुक्रवार को मुलताननगर में बनाई जा रही सड़क में घटिया सामग्री के इस्तेमाल से गुस्साए लोगों ने ठेकेदार को दौड़ा लिया। वहीं अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शहर में कई जगह नाले, नाली का निर्माण देखा तो लोगों में निगम प्रशासन और ठेकेदारों के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला।
बनते ही टूट गई नाली
बागपत रोड स्थित मुलतान नगर की एक गली में टाइल्स लगाने और नाली बनाने का कार्य चल रहा है। निर्माण में लगाई जा रही घटिया सामग्री का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। अभी एक तरफ की बनाई गई नाली बनते ही टूट रही है। कीचड़ साफ किए बगैर ही नाली का निर्माण किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे ठेकेदार महेश बाली को लोगों ने घेर लिया। जनता के विरोध के कारण ठेकेदार को मौके से भागना पड़ा।
नाले में नहीं किया प्लास्टर
सोतीगंज में नाले पर फुटपाथ निर्माण का कार्य चल रहा है। इसमें स्थानीय लोग एक सप्ताह से घटिया सामग्री लगाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं नाले की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं किया जा रहा। निगम अधिकारियों ने कई दिन पहले मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों ने आरोप लगाए कि जेई फोन नहीं उठाते।
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पुरानी ईंटें लगाई जा रही नाले में
हापुड़ रोड स्थित यमुना नगर मछली बाजार क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य चल रहा है। नाला निर्माण में खड़ंजे से उखाड़कर पुरानी ईंटें लगाई जा रही हैं। इतना ही नहीं बालू रेत के स्थान पर मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन निगम के किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचना गवारा नहीं समझा।
लगाई जा रही पीली ईंटें
शारदा रोड पर नाला निर्माण कार्य चल रहा है। एक करोड़ से अधिक के नाला निर्माण में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। पीली और चटका ईंट लगाई जा रही है। वहीं नालों की तली में लिंटर की जगह ईंट लगाई जा रही है। नाले की एक दीवार पर प्लास्टर सही तरीके से नहीं किया जा रहा। भ्रष्टाचार उजागर न हो इसके लिए नाले में दूसरे दिन ही पानी छोड़ दिया जाता है। जितना नाला अब तक बन गया है वह अब तक गंदे पानी और सिल्ट से भर चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनेकों बार शिकायत की, लेकिन निगम अधिकारियों ने नहीं सुनी।
मौके पर नहीं मिले सुपरवाइजर
नगर निगम के विकास कार्यों की निगरानी के लिए सुपरवाइजर की नियुक्ति है। जिनका वेतन भी 30 से 40 हजार रुपये मासिक है। उनका कार्य नगर निगम में बैठना नहीं बल्कि साइड पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखना है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को निगम द्वारा कराए जा रहे नाला, नाली और सड़क निर्माण कार्यों की मौके पर जांच पड़ताल की तो एक भी सुपरवाइजर मौके पर नहीं मिला। अधिकतर नगर निगम में पंखे की हवा खाते मिले।
महापौर ने सोफीपुर में पकड़ी थी भ्रष्टाचार की सड़क
मेरठ। नगर निगम की सड़क, नाले और नालियों में भ्रष्टाचार की परत पिछले सप्ताह महापौर ने भी खोली थी। महापौर ने सोफीपुर में लाखों रुपये से बनाई गई तारकोल की सड़क का निरीक्षण किया था। जिसमें उन्होंने सड़क बनने के तीन दिन बाद ही उखड़ी सड़क को दिखाया था। उसके बाद भी निगम अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है।
जांच के दिए आदेश
हमारे पास शिकायत पहुंची है। अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर को जांच के आदेश दे दिए हैं। यदि घटिया सामग्री की पुष्टि होती है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कुलभूषण वार्ष्णेय, चीफ इंजीनियर नगर निगम।
मांगा जाएगा लिखित जवाब
चुनाव आचार संहिता के चलते नगर निगम के अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। सड़क, नाला और नालियों के निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायतें जनता से मिल रही हैं। अधिकारियों से इस संबंध में लिखित में जवाब मांगा जाएगा। -हरिकांत अहलुवालिया, महापौर
मानक के अनुसार करा रहे काम
सोतीगंज में नाले पर फुटपाथ और मुलतान नगर में नाली, गली में टाइल्स लगाने का काम हम कर रहे हैं। दोनों ही जगहों पर एक-दो लोग ऐसे हैं जो अपने हित में नियम से हटकर कार्य कराना चाहते हैं। वहीं लोग निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का आरोप लगा रहे हैं। हम पूरे मानक से निर्माण कार्य कर रहे हैं। उसकी जांच कराई जा सकती है। मैं मुलतान नगर गया था। कुछ लोग कहीं पर नाली ऊंची और कहीं पर नीची बनाने की मांग करते हुए हंगामा कर रहे थे। -महेश बाली, ठेकेदार नगर निगम
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बनते ही टूट गई नाली
बागपत रोड स्थित मुलतान नगर की एक गली में टाइल्स लगाने और नाली बनाने का कार्य चल रहा है। निर्माण में लगाई जा रही घटिया सामग्री का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। अभी एक तरफ की बनाई गई नाली बनते ही टूट रही है। कीचड़ साफ किए बगैर ही नाली का निर्माण किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे ठेकेदार महेश बाली को लोगों ने घेर लिया। जनता के विरोध के कारण ठेकेदार को मौके से भागना पड़ा।
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नाले में नहीं किया प्लास्टर
सोतीगंज में नाले पर फुटपाथ निर्माण का कार्य चल रहा है। इसमें स्थानीय लोग एक सप्ताह से घटिया सामग्री लगाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं नाले की दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं किया जा रहा। निगम अधिकारियों ने कई दिन पहले मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों ने आरोप लगाए कि जेई फोन नहीं उठाते।
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पुरानी ईंटें लगाई जा रही नाले में
हापुड़ रोड स्थित यमुना नगर मछली बाजार क्षेत्र में नाला निर्माण कार्य चल रहा है। नाला निर्माण में खड़ंजे से उखाड़कर पुरानी ईंटें लगाई जा रही हैं। इतना ही नहीं बालू रेत के स्थान पर मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन निगम के किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचना गवारा नहीं समझा।
लगाई जा रही पीली ईंटें
शारदा रोड पर नाला निर्माण कार्य चल रहा है। एक करोड़ से अधिक के नाला निर्माण में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। पीली और चटका ईंट लगाई जा रही है। वहीं नालों की तली में लिंटर की जगह ईंट लगाई जा रही है। नाले की एक दीवार पर प्लास्टर सही तरीके से नहीं किया जा रहा। भ्रष्टाचार उजागर न हो इसके लिए नाले में दूसरे दिन ही पानी छोड़ दिया जाता है। जितना नाला अब तक बन गया है वह अब तक गंदे पानी और सिल्ट से भर चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनेकों बार शिकायत की, लेकिन निगम अधिकारियों ने नहीं सुनी।
मौके पर नहीं मिले सुपरवाइजर
नगर निगम के विकास कार्यों की निगरानी के लिए सुपरवाइजर की नियुक्ति है। जिनका वेतन भी 30 से 40 हजार रुपये मासिक है। उनका कार्य नगर निगम में बैठना नहीं बल्कि साइड पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखना है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को निगम द्वारा कराए जा रहे नाला, नाली और सड़क निर्माण कार्यों की मौके पर जांच पड़ताल की तो एक भी सुपरवाइजर मौके पर नहीं मिला। अधिकतर नगर निगम में पंखे की हवा खाते मिले।
महापौर ने सोफीपुर में पकड़ी थी भ्रष्टाचार की सड़क
मेरठ। नगर निगम की सड़क, नाले और नालियों में भ्रष्टाचार की परत पिछले सप्ताह महापौर ने भी खोली थी। महापौर ने सोफीपुर में लाखों रुपये से बनाई गई तारकोल की सड़क का निरीक्षण किया था। जिसमें उन्होंने सड़क बनने के तीन दिन बाद ही उखड़ी सड़क को दिखाया था। उसके बाद भी निगम अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है।
जांच के दिए आदेश
हमारे पास शिकायत पहुंची है। अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर को जांच के आदेश दे दिए हैं। यदि घटिया सामग्री की पुष्टि होती है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -कुलभूषण वार्ष्णेय, चीफ इंजीनियर नगर निगम।
मांगा जाएगा लिखित जवाब
चुनाव आचार संहिता के चलते नगर निगम के अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। सड़क, नाला और नालियों के निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायतें जनता से मिल रही हैं। अधिकारियों से इस संबंध में लिखित में जवाब मांगा जाएगा। -हरिकांत अहलुवालिया, महापौर
मानक के अनुसार करा रहे काम
सोतीगंज में नाले पर फुटपाथ और मुलतान नगर में नाली, गली में टाइल्स लगाने का काम हम कर रहे हैं। दोनों ही जगहों पर एक-दो लोग ऐसे हैं जो अपने हित में नियम से हटकर कार्य कराना चाहते हैं। वहीं लोग निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का आरोप लगा रहे हैं। हम पूरे मानक से निर्माण कार्य कर रहे हैं। उसकी जांच कराई जा सकती है। मैं मुलतान नगर गया था। कुछ लोग कहीं पर नाली ऊंची और कहीं पर नीची बनाने की मांग करते हुए हंगामा कर रहे थे। -महेश बाली, ठेकेदार नगर निगम