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कौशांबी पहुंचा प्रवासी मजदूरों का रेला, मेरठ से भेजी 150 बसें
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बसों में उमड़ी कामगारों की भीड़, सब को घर जाने की जल्दी
मेरठ। दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा होते ही कामगारों की भीड़ बस अड्डों पर उमड़ गई है। सभी को अपने घर जाने की जल्दी है। सोमवार को दिल्ली से मेरठ बस अड्डे पर सैकड़ों यात्री पहुंच गए। बसों की व्यवस्था कर इन्हें बिजनौर, देहरादून, हरिद्वार और हस्तिनापुर भेजा गया।
वहीं गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे पर मजदूरों की संख्या बढ़ने पर रोडवेज एमडी धीरज साहू के निर्देश पर मेरठ से भी 150 बसें भेजी गईं। ये बसें पूर्वांचल के कामगारों को छोड़ने जाएंगी। इमरजेंसी हालात को देखते हुए सभी बस स्टाफ को ड्यूटी पर आने के निर्देश जारी कर दिए हैं। काफी बसें चुनाव में लगी होने के चलते रोडवेज के सामने विकट हालात पैदा हो गए हैं।
आरएम केके शर्मा ने बस स्टाफ के साथ ही वर्कशाप स्टाफ को ड्यूटी पर बने रहने के निर्देश दिए हैं। बसों की कमी को पूरा करने के लिए भैसाली डिपो से 40, मेरठ डिपो से 30, सोहराबगेट डिपो से 50 और बड़ौत डिपो से 30 बसों को भेजा गया। शर्मा ने बताया कि कौशांबी भेजी गई सभी बसें पूर्वांचल के श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए भेजी गई हैं।
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कोरोना प्रोटोकाल के नियम टूटे
बसों में बैठने के लिए इस कदर अफरा-तफरी मची रही कि कोरोना प्रोटोकाल टूट गया। बसों में बैठने के लिए मारामारी रही। बस आते ही एक मिनट के अंदर फुल होती रही। श्रमिकों ने सीट नहीं मिलने की कोई फिक्र नहीं थी। आधे से ज्यादा श्रमिक खड़े होकर यात्रा करते रहे। हर कोई जल्द अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी में दिखा।
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चुनाव में गई हैं 107 बसें
पंचायत चुनाव में पहले से ही रोडवेज की 107 बसें भेजी गई हैं। अब इमरजेंसी सेवा के लिए 150 बसों को कौशांबी भेजा गया है। ऐसे हालातों में रोडवेज के सामने विकट स्थिति पैदा हो गई है। कोरोना के चलते काफी स्टाफ बीमार है। बगैर स्टाफ के बसों का संचालन पहले से ही मुश्किल हो रहा है।
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मेरठ। दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा होते ही कामगारों की भीड़ बस अड्डों पर उमड़ गई है। सभी को अपने घर जाने की जल्दी है। सोमवार को दिल्ली से मेरठ बस अड्डे पर सैकड़ों यात्री पहुंच गए। बसों की व्यवस्था कर इन्हें बिजनौर, देहरादून, हरिद्वार और हस्तिनापुर भेजा गया।
वहीं गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे पर मजदूरों की संख्या बढ़ने पर रोडवेज एमडी धीरज साहू के निर्देश पर मेरठ से भी 150 बसें भेजी गईं। ये बसें पूर्वांचल के कामगारों को छोड़ने जाएंगी। इमरजेंसी हालात को देखते हुए सभी बस स्टाफ को ड्यूटी पर आने के निर्देश जारी कर दिए हैं। काफी बसें चुनाव में लगी होने के चलते रोडवेज के सामने विकट हालात पैदा हो गए हैं।
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आरएम केके शर्मा ने बस स्टाफ के साथ ही वर्कशाप स्टाफ को ड्यूटी पर बने रहने के निर्देश दिए हैं। बसों की कमी को पूरा करने के लिए भैसाली डिपो से 40, मेरठ डिपो से 30, सोहराबगेट डिपो से 50 और बड़ौत डिपो से 30 बसों को भेजा गया। शर्मा ने बताया कि कौशांबी भेजी गई सभी बसें पूर्वांचल के श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए भेजी गई हैं।
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कोरोना प्रोटोकाल के नियम टूटे
बसों में बैठने के लिए इस कदर अफरा-तफरी मची रही कि कोरोना प्रोटोकाल टूट गया। बसों में बैठने के लिए मारामारी रही। बस आते ही एक मिनट के अंदर फुल होती रही। श्रमिकों ने सीट नहीं मिलने की कोई फिक्र नहीं थी। आधे से ज्यादा श्रमिक खड़े होकर यात्रा करते रहे। हर कोई जल्द अपने घर पहुंचने की जल्दबाजी में दिखा।
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चुनाव में गई हैं 107 बसें
पंचायत चुनाव में पहले से ही रोडवेज की 107 बसें भेजी गई हैं। अब इमरजेंसी सेवा के लिए 150 बसों को कौशांबी भेजा गया है। ऐसे हालातों में रोडवेज के सामने विकट स्थिति पैदा हो गई है। कोरोना के चलते काफी स्टाफ बीमार है। बगैर स्टाफ के बसों का संचालन पहले से ही मुश्किल हो रहा है।