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रात का तापमान 20 तक पहुंचने पर मिलेगी वायरल से राहत
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 06 Sep 2016 02:42 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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डेंगू और चिकनगुनिया से कहीं ज्यादा इस समय वायरल सक्रिय हो रहा है। अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों को संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। फिलहाल स्थिति सुधरने की उम्मीद भी नहीं है। आने वाले करीब एक महीने तक बैक्टीरिया सक्रिय रहेगा, जिस कारण वायरल फैलने के चांस कहीं ज्यादा हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बीच में बारिश और उसके बाद मौसम में उमस और गर्मी बैक्टीरिया के सक्रिय होने का सबसे बड़ा कारण है। ऐसे मौसम में आम दिनों के मुकाबले मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। वायरल से पीड़ित मरीज के संपर्क में आने से भी इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। उधर, डेंगू और चिकनगुनिया से भी खतरा है। क्योंकि वर्तमान मौसम मच्छरों के पनपने के लिए मुफीद है। एडिज मच्छर इस मौसम में ज्यादा पैदा होता है, क्योंकि बारिश के कारण घरों में या आसपास साफ पानी ज्यादा भर जाता है।
20 से 22 डिग्री तापमान का करें इंतजार
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. तुनराज सिरोही का कहना है कि बैक्टीरिया और मच्छर तापमान में कमी के साथ ही खत्म होता है। ऐसे में जब तक रात का तापमान आठ से 10 घंटे तक 20 से 22 डिग्री के बीच में नहीं आता है, इसका असर कम होने की संभावना बेहद कम है। ऐसी स्थिति में सतर्क रहना है कि इससे बचाव का उपाय है।
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बचाव के उपाय
बासी भोजन का सेवन ना करें।
घर में पानी ना भरने दें, अगर कूलर में पानी हो तो दो बूंद मिट्टी का तेल डाल दें।
बच्चों को पूरी बाजू की कमीज पहनाएं।
ठंडा पेयजल का सेवन करने से परहेज करें।
भरपेट और चिकनाई युक्त भोजन करने से बचें।
ऐसे मौसम में भरपूर नींद लें।
बुखार या कमजोरी होने पर चिकित्सक की सलाह से इलाज लें।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद त्यागी डेंगू की चपेट में
शहर के जानेमाने एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद त्यागी भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उन्हें वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित होप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत अब स्थिर है। स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
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चिकित्सकों का कहना है कि बीच में बारिश और उसके बाद मौसम में उमस और गर्मी बैक्टीरिया के सक्रिय होने का सबसे बड़ा कारण है। ऐसे मौसम में आम दिनों के मुकाबले मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। वायरल से पीड़ित मरीज के संपर्क में आने से भी इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। उधर, डेंगू और चिकनगुनिया से भी खतरा है। क्योंकि वर्तमान मौसम मच्छरों के पनपने के लिए मुफीद है। एडिज मच्छर इस मौसम में ज्यादा पैदा होता है, क्योंकि बारिश के कारण घरों में या आसपास साफ पानी ज्यादा भर जाता है।
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20 से 22 डिग्री तापमान का करें इंतजार
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. तुनराज सिरोही का कहना है कि बैक्टीरिया और मच्छर तापमान में कमी के साथ ही खत्म होता है। ऐसे में जब तक रात का तापमान आठ से 10 घंटे तक 20 से 22 डिग्री के बीच में नहीं आता है, इसका असर कम होने की संभावना बेहद कम है। ऐसी स्थिति में सतर्क रहना है कि इससे बचाव का उपाय है।
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बचाव के उपाय
बासी भोजन का सेवन ना करें।
घर में पानी ना भरने दें, अगर कूलर में पानी हो तो दो बूंद मिट्टी का तेल डाल दें।
बच्चों को पूरी बाजू की कमीज पहनाएं।
ठंडा पेयजल का सेवन करने से परहेज करें।
भरपेट और चिकनाई युक्त भोजन करने से बचें।
ऐसे मौसम में भरपूर नींद लें।
बुखार या कमजोरी होने पर चिकित्सक की सलाह से इलाज लें।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद त्यागी डेंगू की चपेट में
शहर के जानेमाने एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद त्यागी भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उन्हें वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित होप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत अब स्थिर है। स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।